Sanskritकक्षा 10बुद्धिर्बलवती सदाहिंदी

बुद्धिर्बलवती सदा | Class 10 Sanskrit Notes

द्वारा ConceptScroll Team · प्रकाशित 17 जुलाई 2026 · 4 मिनट का पठन

बुद्धिर्बलवती सदा | Class 10 Sanskrit Notes

बुद्धिर्बलवती सदा – this guide gives you a concise, exam-ready overview of बुद्धिर्बलवती सदा from Class 10 Sanskrit, written by ConceptScroll editors and reviewed against the latest NCERT textbook.

शब्दार्थ तालिका (Page 3)

इस भाग में पाठ में प्रयुक्त संस्कृत शब्दों के अर्थों की विस्तृत तालिका प्रस्तुत की गई है। यह तालिका विद्यार्थियों को संस्कृत शब्दों के विभिन्न रूपों, उनके हिंदी और अंग्रेजी अर्थों से परिचित कराती है। तालिका में शब्दों के प्रयोग और उनके भावों को समझने में सहायता मिलती है।

उदाहरण के लिए, 'भार्या' का अर्थ पत्नी होता है, 'कानने' का अर्थ जंगल में होता है, 'चपेट्या' का अर्थ करप्रहार से या थप्पड़ से होता है। इस प्रकार की शब्दार्थ तालिका विद्यार्थियों के लिए संस्कृत भाषा की समझ को गहरा करती है और पाठ को बेहतर ढंग से समझने में मदद करती है।

यह तालिका न केवल शब्दों के अर्थ बताती है, बल्कि उनके प्रयोग और भावों को भी स्पष्ट करती है, जिससे विद्यार्थियों की भाषा पर पकड़ मजबूत होती है।

📊 Diagram: Table on page 3 (17×4)

🧪 Activity: तालिका में दिए गए शब्दों के अर्थों को याद करना और उनका प्रयोग वाक्यों में करना।

🔗 Connection: अगले भाग में और अधिक शब्दार्थ तालिका प्रस्तुत की गई है जो पाठ के भावों को और स्पष्ट करती है।

Table on page 3 (17×4)

भार्या- पत्नी- पत्नी- Wife
पुत्रद्र्योपेता- पुत्रद्र्येन सहिता- दोनों पुत्रों के साथ- With both sons
उपेता- युक्ता- युक्त- Alongwith
कानने- वने- जंगल में- In the forest
ददर्श- अपश्यत्- देखा- Saw
धाष्ट्यांत्- धृष्टभावात्- ढिठाई से- With audaciousness
चपेट्या- करप्रहारेण- थप्पड़ से- With a slap
प्रहत्य- प्रहारं कृत्वा- मारकर- Attacking
जगाद- उक्तवती- कहां- He/she said
कलहः- विवाद- झगड़ा- Quarrel
विभञ्ज्य- विभक्तं कृत्वा- अलग-अलग करके (बाँटकर)- Dividing/sharing
लक्ष्यते- अन्विष्यते- देखा जाएगा, ढूँढ़ा जाएगा- Will search
व्याघ्रमारी- व्याघ्र मारयति (हन्ति) इति- बाघ को मारने वाली इति- Tiger killer lady
नष्टः- मृतः, पलायितः- भाग गया- Ran away
भामिनी- भामिनी, कोपवती स्त्री- कोपवती स्त्री- Furious Woman
जम्बुकः- शृंगालः- सियार- Jackal
गूढप्रदेशम्- गुप्तप्रदेशम्- गुप्त प्रदेश में- In a hidden place

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

1. एकपदेन उत्तरं लिखत- (क) बुद्धिमती कुत्र व्याघ्रं ददर्श? (ख) भामिनी कया विमुक्ता? (ग) सर्वदा सर्वकार्येषु का बलवती? (घ) व्याघ्र: कस्मात् बिभेति? (ङ) प्रत्युत्पन्नमति: बुद्धिमती किम् आक्षिपन्ती उवाच?

उत्तर: (क) बुद्धिमती वनमार्गे व्याघ्रं ददर्श। (ख) भामिनी बुद्धिमतीया विमुक्ता। (ग) बुद्धिमती सर्वदा सर्वकार्येषु बलवती। (घ) व्याघ्र: भयात् बिभेति। (ङ) प्रत्युत्पन्नमति: बुद्धिमतीं शृंगालं आक्षिपन्ती उवाच।

2. अधोलिखितानां प्रश्नानाम् उत्तराणि संस्कृतभाषया लिखत- (क) बुद्धिमती केन उपेता पितृगृहं प्रति चलिता? (ख) व्याघ्र: किं विचार्य पलायित:? (ग) लोके महतो भयात् क: मुच्यते? (घ) जम्बुक: किं वदन् व्याघ्रस्य उपहासं करोति? (ङ) बुद्धिमती शृंगालं किम् उक्तवती?

उत्तर: (क) बुद्धिमती पुत्रद्व्येन उपेता पितृगृहं प्रति चलिता। (ख) व्याघ्र: व्याघ्रमारी इयमिति मत्वा पलायित:। (ग) महतो भयात् बुद्धिमती मुच्यते। (घ) जम्बुक: व्याघ्रस्य उपहासं करोति यत् व्याघ्र: भयाकुलचित्त: अस्ति। (ङ) बुद्धिमती शृंगालं प्रत्युत्पन्नमति: आक्षिपन्ती उवाच।

3. स्थूलपदमाधृत्य प्रश्ननिर्माणं कुरुत- (क) तत्र राजसिंहो नाम राजपुत्र: वसति स्म। (ख) बुद्धिमती चपेटया पुत्रौ प्रहतवती। (ग) व्याघ्रं दृष्ट्वा धूर्त: शृंगाल: अवदत्। (घ) त्वं मानुषात् बिभेषि। (ङ) पुरा त्वया महां व्याघ्रत्रयं दत्तम्।

उत्तर: (क) राजसिंहो कुत्र वसति? (ख) बुद्धिमती किम् अकुर्वत पुत्रयोः? (ग) धूर्त: शृंगाल: व्याघ्रं दृष्ट्वा किं अवदत्? (घ) त्वं कस्यात् बिभेषि? (ङ) त्वया किम् दत्तम्?

प्रत्येक वाक्य से प्रश्न बनाए गए हैं, जो पाठ के अनुसार सही हैं।

4. अधोलिखितानि वाक्यानि घटनाक्रमानुसारेण योजयत- (क) व्याघ्र: व्याघ्रमारी इयमिति मत्वा पलायित:। (ख) प्रत्युत्पन्नमति: सा शृंगालम् आक्षिपन्ती उवाच। (ग) जम्बुककृतोत्साह: व्याघ्र: पुन: काननम् आगच्छत्। (घ) मार्गे सा एकं व्याघ्रम् अपश्यत्। (ङ) व्याघ्रं दृष्ट्वा सा पुत्रौ ताडयन्ती उवाच-अधुना एकमेव व्याघ्र: विभज्य भुज्यताम्। (च) बुद्धिमती पुत्रद्व्येन उपेता पितुर्गृहं प्रति चलिता। (छ) ‘त्वं व्याघ्रत्र्यम् आनेतुं’ प्रतिज्ञाय एकमेव आनीतवान्। (ज) गलबद्धश्रृंगालक: व्याघ्र: पुन: पलायित:

उत्तर: घटनाक्रम: 1. मार्गे सा एकं व्याघ्रम् अपश्यत्। 2. व्याघ्र: व्याघ्रमारी इयमिति मत्वा पलायित:। 3. गलबद्धश्रृंगालक: व्याघ्र: पुन: पलायित:। 4. प्रत्युत्पन्नमति: सा शृंगालम् आक्षिपन्ती उवाच। 5. व्याघ्रं दृष्ट्वा सा पुत्रौ ताडयन्ती उवाच-अधुना एकमेव व्याघ्र: विभज्य भुज्यताम्। 6. बुद्धिमती पुत्रद्व्येन उपेता पितुर्गृहं प्रति चलिता। 7. ‘त्वं व्याघ्रत्र्यम् आनेतुं’ प्रतिज्ञाय एकमेव आनीतवान्। 8. जम्बुककृतोत्साह: व्याघ्र: पुन: काननम् आगच्छत्।

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