कृषि | Class 10 Social Science Notes
द्वारा ConceptScroll Team · प्रकाशित 17 जुलाई 2026 · 3 मिनट का पठन

कृषि – this guide gives you a concise, exam-ready overview of कृषि from Class 10 Social Science, written by ConceptScroll editors and reviewed against the latest NCERT textbook.
कृषि के प्रकार
भारत में कृषि के विभिन्न प्रकार प्रचलित हैं, जो भौगोलिक, जलवायु, मिट्टी, जल स्रोत और सामाजिक-आर्थिक परिस्थितियों पर निर्भर करते हैं। कृषि के मुख्य प्रकार हैं: प्रारंभिक जीविका निर्वाह कृषि, गहन जीविका कृषि, और वाणिज्यिक कृषि।
प्रारंभिक जीविका निर्वाह कृषि में किसान छोटे-छोटे खेतों में पारंपरिक औजारों से खेती करते हैं, जो मानसून और प्राकृतिक मिट्टी की उर्वरता पर निर्भर होती है। इसे कर्तन-दहन प्रणाली (slash and burn) भी कहा जाता है, जहाँ वनस्पति को काटकर जलाया जाता है और भूमि पर फसल उगाई जाती है। जब भूमि की उर्वरता कम हो जाती है, तो किसान दूसरे क्षेत्र में चले जाते हैं। इस प्रकार की कृषि भारत के उत्तर-पूर्वी राज्यों जैसे असम, मेघालय, नागालैंड में 'झूम' के नाम से जानी जाती है।
गहन जीविका कृषि उन क्षेत्रों में होती है जहाँ जनसंख्या अधिक होती है और किसान सीमित भूमि से अधिक उत्पादन के लिए रासायनिक उर्वरकों, कीटनाशकों और सिंचाई का उपयोग करते हैं। भूमि के छोटे-छोटे टुकड़े होने के कारण उत्पादन बढ़ाने के प्रयास होते हैं।
वाणिज्यिक कृषि में आधुनिक तकनीकों का प्रयोग होता है, जैसे उच्च पैदावार वाले बीज, रासायनिक उर्वरक, कीटनाशक और सिंचाई। इसमें उत्पादन मुख्यतः बाजार के लिए होता है। रोपण कृषि भी वाणिज्यिक कृषि का एक प्रकार है, जिसमें एकल फसल बड़े क्षेत्र में उगाई जाती है, जैसे चाय, कॉफी, रबड़, केला। यह कृषि पूंजी और श्रम-सघन होती है और इसके लिए परिवहन, संचार और बाजार की सुविधाएँ आवश्यक होती हैं।
📊 Diagram: चित्र 4.1; चित्र 4.2 – भारत के दक्षिणी भाग में केले की रोपण कृषि; चित्र 4.3 – उत्तर-पूर्व में बाँस की कृषि
🧪 Activity: छात्रों से पूछें कि वे अपने क्षेत्र में कौन-सी कृषि पद्धति प्रचलित है और क्यों।
🔗 Connection: यह खंड शस्य प्रारूप और फसलों के प्रकार की चर्चा की ओर बढ़ता है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
कृषि क्यों मानव जीवन का आधार मानी जाती है? इसके दो प्रमुख कारण बताइए।
कृषि मानव जीवन का आधार है क्योंकि यह भोजन, वस्त्र और आवास जैसी आवश्यक वस्तुओं का मुख्य स्रोत है। इसके अलावा, यह भारत की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है और अधिकांश जनसंख्या को रोजगार प्रदान करती है।
भारत में कृषि के कौन-कौन से प्रमुख प्रकार पाए जाते हैं? उनमें से दो का संक्षिप्त वर्णन कीजिए।
भारत में कृषि के प्रमुख प्रकार हैं मानसून आधारित कृषि, सिंचित कृषि, पर्वतीय कृषि, बागवानी और पशुपालन आधारित कृषि। मानसून आधारित कृषि वर्षा पर निर्भर होती है, जबकि सिंचित कृषि में नहर और ट्यूबवेल जैसे सिंचाई स्रोतों का उपयोग होता है।
चित्र 4.3 में दिखाए गए उत्तर-पूर्वी भारत में बाँस की कृषि के बारे में बताइए।
उत्तर-पूर्वी भारत में बाँस की कृषि प्रमुख है, जहाँ पर्वतीय और आद्रभूमि होती है। यहाँ की जलवायु और मिट्टी बाँस के लिए उपयुक्त हैं। बाँस का उपयोग निर्माण और हस्तशिल्प में होता है।
भारत में चावल की खेती मुख्यतः किन क्षेत्रों में होती है? इसके कारण क्या हैं?
चावल की खेती मुख्यतः पूर्वी और दक्षिणी भारत में होती है क्योंकि यहाँ वर्षा अधिक होती है और नदियाँ उपलब्ध हैं। ये जलवायु और जल स्रोत चावल की खेती के लिए उपयुक्त हैं।
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