Chapter 9
Chapter 9 — अध्ययन नोट्स
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पर्यावरण प्रदूषण
परिभाषापर्यावरण प्रदूषण
पर्यावरण प्रदूषण वह स्थिति है जिसमें मानवीय क्रियाकलापों के कारण उत्पन्न अपशिष्ट उत्पादों से मुक्त द्रव्य एवं ऊर्जा के कारण प्राकृतिक पर्यावरण की गुणवत्ता में गिरावट आती है। प्रदूषण के अनेक प्रकार होते हैं, जिन्हें प्रदूषकों के परिवहित एवं विसरित होने के माध्यम के आधार पर वर्गीकृत किया जाता है। मुख्य प्रकार हैं: (i) जल प्रदूषण, (ii) वायु प्रदूषण, (iii) भू-प्रदूषण, और (iv) ध्वनि प्रदूषण। प्रदूषण के कारण प्राकृतिक संसाधनों का क्षरण होता है, जो मानव जीवन और जैव विविधता दोनों के लिए हानिकारक है। प्रदूषण के स्रोतों में औद्योगिक क्रियाकलाप, कृषि, नगरीय अपशिष्ट, और सांस्कृतिक गतिविधियाँ शामिल हैं। प्रदूषक पदार्थों के कारण पर्यावरण की स्वच्छता और जैविक तंत्र प्रभावित होते हैं, जिससे स्वास्थ्य संबंधी समस्याएँ उत्पन्न होती हैं।
- पर्यावरण प्रदूषण प्राकृतिक पर्यावरण की गुणवत्ता में गिरावट है।
- प्रदूषण के मुख्य प्रकार: जल, वायु, भू-प्रदूषण और ध्वनि प्रदूषण।
- मानव क्रियाकलाप प्रदूषण के प्रमुख स्रोत हैं।
- प्रदूषण से जैव विविधता और मानव स्वास्थ्य प्रभावित होता है।
- प्रदूषक पदार्थ प्राकृतिक संसाधनों को क्षतिग्रस्त करते हैं।
- 📌 पर्यावरण प्रदूषण: प्राकृतिक पर्यावरण की गुणवत्ता में गिरावट।
- 📌 प्रदूषक: वे पदार्थ या ऊर्जा जो पर्यावरण की गुणवत्ता को प्रभावित करते हैं।
जल प्रदूषण
व्याख्याजल प्रदूषण
जल प्रदूषण वह स्थिति है जिसमें जल स्रोतों जैसे नदियाँ, झीलें, तालाब, भूजल आदि में अवांछित पदार्थों की उपस्थिति के कारण जल की गुणवत्ता में गिरावट आती है। बढ़ती जनसंख्या, औद्योगीकरण, कृषि में रासायनिक पदार्थों के उपयोग और सांस्कृतिक गतिविधियाँ जल प्रदूषण के मुख्य कारण हैं। जल में निलंबित ठोस कण, कार्बनिक एवं अकार्बनिक पदार्थ, कीटनाशक, भारी धातुएँ आदि जल को प्रदूषित करते हैं। जल प्रदूषण से जल जनित रोग फैलते हैं जैसे दस्त, हेपेटाइटिस आदि। जल में स्वतः शुद्धीकरण की क्षमता सीमित होती है, अतः प्रदूषण बढ़ने पर जल उपयोगी नहीं रहता। औद्योगिक कचरा, वाहित मल, कृषि से बहने वाले रसायन जल प्रदूषण के प्रमुख स्रोत हैं। गंगा और यमुना नदियाँ अत्यधिक प्रदूषित हैं, जिनके प्रदूषण स्रोतों का विवरण तालिका 9.2 में दिया गया है। 'नमामि गंगे' कार्यक्रम के माध्यम से गंगा नदी की सफाई और संरक्षण के प्रयास किए जा रहे हैं। **Table on page 2 (2×4)** | नदी एवं राज्य | प्रदूषित पटरियाँ | प्रदूषण की प्रकृति | मुख्य प्रदूषक | | --- | --- | --- | --- | | गंगा (उत्तर प्रदेश, बिहार व प. बंगाल) | (अ) कानपुर का अनुप्रवाह
- जल प्रदूषण में जल स्रोतों की गुणवत्ता गिरती है।
- औद्योगिक कचरा, वाहित मल और कृषि रसायन मुख्य प्रदूषक हैं।
- जल प्रदूषण से दस्त, हेपेटाइटिस जैसी बीमारियाँ होती हैं।
- गंगा और यमुना नदियाँ अत्यधिक प्रदूषित हैं।
- 'नमामि गंगे' कार्यक्रम गंगा की सफाई हेतु शुरू किया गया।
- 📌 जल प्रदूषण: जल स्रोतों में अवांछित पदार्थों की उपस्थिति।
- 📌 वाहित मल: मानव मल और अन्य अपशिष्ट जल।
प्रदूषण के प्रकार एवं स्रोत
व्याख्याप्रदूषण के प्रकार एवं स्रोत
प्रदूषण के विभिन्न प्रकारों के स्रोत और उनके सन्निहित प्रदूषक तालिका 9.1 में विस्तार से दिए गए हैं। वायु प्रदूषण में सल्फर ऑक्साइड, नाइट्रोजन ऑक्साइड, कार्बन मोनोऑक्साइड, हाइड्रोकार्बन, अमोनिया, सीसा, एल्डेहाइड्स, एस्बेस्टोड एवं बेरिलियम जैसे प्रदूषक
अभ्यास प्रश्न — Chapter 9
NCERT अभ्यास प्रश्न और उत्तर सहित
Q1.सलेम कौन से उद्योग के लिए जाना जाता है?
उत्तर:
इस्पात उद्योग
Q2.बोकारो इस्पात संयंत्र की स्थापना किस देश की मदद से की गई थी
उत्तर:
रूस
Q3.दुर्गापुर इस्पात संयंत्र को जलापूर्ति कहां से होती है
उत्तर:
दामोदर नदी
Q4.स्वर्णरेखा नदी किस इस्पात संयंत्र की जल पूर्ति करती है
उत्तर:
T I S C O
Q5.निम्नलिखित में से किसका प्रयोग लौह- इस्पात उद्योग में होता है
उत्तर:
उपर्युक्त सभी
Q6.भारत में वैश्वीकरण का आगमन कब हुआ
उत्तर:
1991 में
Q7.भारत में सबसे ज्यादा सूती वस्त्र उद्योग किस राज्य में पाए जाते हैं
उत्तर:
तमिल नाडु
Q8.चीनी उद्योग में भारत का सबसे अग्रणी राज्य कौन सा है
उत्तर:
महाराष्ट्र
Bharat log aur arthvyasastha(Bhugol) के सभी 9 अध्याय
Geography · Class 12