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Chapter 8

🎓 Class 7📖 Ganita Prakash(Hindi)📖 8 नोट्स🧠 15 प्रश्न-उत्तर⏱️ ~12 मिनट
Chapter 7अध्याय 8 / 8

Chapter 8अध्ययन नोट्स

NCERT-संरेखित · 8 नोट्स · 3 निःशुल्क दिखाए गए

8.1 भिन्नों का गुणन

व्याख्या

8.1 भिन्नों का गुणन

इस अनुभाग में हम भिन्नों के गुणन की प्रक्रिया को विस्तार से समझेंगे। भिन्नों का गुणन एक महत्वपूर्ण अंकगणितीय क्रिया है, जिसका उपयोग हम दैनिक जीवन में दूरी, समय, मात्रा आदि के संदर्भ में करते हैं। उदाहरण के लिए, आरोन एक घंटे में 3 किलोमीटर चलता है, तो 5 घंटे में वह कुल 5 × 3 = 15 किलोमीटर चलेगा। जब दूरी एक पूर्ण संख्या हो, तो गुणा करना सरल होता है। लेकिन जब दूरी भिन्न के रूप में दी हो, जैसे कि कछुआ एक घंटे में 1/4 किलोमीटर चलता है, तो गुणा की प्रक्रिया थोड़ी भिन्न होती है। इस स्थिति में, 3 घंटे में तय की गई दूरी 3 × 1/4 = 3/4 किलोमीटर होगी। इसी प्रकार, यदि समय भी भिन्न हो, जैसे 1/5 घंटे, तो दूरी 1/5 × 3 = 3/5 किलोमीटर होगी। गुणन का यह नियम पूर्ण संख्याओं और भिन्नों दोनों पर समान रूप से लागू होता है। गुणन के लिए हम गुणक और गुण्य के अंशों और हरों को गुणा करते हैं। यदि गुणक या गुण्य पूर्ण संख्या हो, तो उसे भिन्न के रूप में लिखकर गुणा किया जाता है, जैसे 3 को 3/1 के रूप में। इस प्रकार, दो भिन्न a/b और c/d का गुणनफल (a × c)/(b × d) होता है। इस अनुभाग में मिश्रित संख्याओं को भिन्नों में बदलकर गुणन करने की विधि भी समझाई गई है। उदाहरण के लिए, 1 1/4 घंटे को भिन्न में बदलकर 5/4 घंटे माना जाता है, फिर इसे गुणा किया जाता है। गुणन की प्रक्रिया में भिन्नों का सरलीकरण भी महत्वपूर्ण है, जिससे परिणाम को सरलतम रूप में प्राप्त किया जा सके। इसके लिए अंश और हर के अभ्यनिष्ठ गुणनखंडों को काटा जाता है। इस अनुभाग में भिन्नों के गुणन के नियम, उदाहरण, और व्यावहारिक समस्याओं के माध्यम से गुणन की प्रक्रिया को स्पष्ट किया गया है।

  • भिन्नों का गुणन अंशों और हरों के गुणन से होता है।
  • पूर्ण संख्या को भिन्न के रूप में लिखकर गुणन किया जा सकता है।
  • मिश्रित संख्या को भिन्न में बदलकर गुणन किया जाता है।
  • गुणन के बाद भिन्न को सरलतम रूप में लाना आवश्यक होता है।
  • गुणनफल गुणा की गई संख्याओं से छोटा या बड़ा हो सकता है, यह संख्याओं के मान पर निर्भर करता है।
  • गुणन का क्रम परिवर्तनशील होता है, अर्थात a/b × c/d = c/d × a/b।
  • 📌 अंश: भिन्न के ऊपर लिखा हुआ भाग जो भागों की संख्या दर्शाता है।
  • 📌 हर: भिन्न के नीचे लिखा हुआ भाग जो कुल भागों की संख्या दर्शाता है।
  • 📌 मिश्रित संख्या: पूर्ण संख्या और भिन्न का योग, जैसे 2 1/3।

दो भिन्नों को गुणा करना

व्याख्या

दो भिन्नों को गुणा करना

इस अनुभाग में हम दो भिन्नों के गुणन की प्रक्रिया को विस्तार से समझेंगे। जब दोनों संख्याएँ भिन्न हों, तब गुणन कैसे किया जाता है, यह मुख्य विषय है। उदाहरण के लिए, यदि कछुआ 1 घंटे में 1/4 किलोमीटर चलता है, तो वह आधे घंटे में कितनी दूरी तय करेगा? इसे हम 1/2 × 1/4 से व्यक्त कर सकते हैं। इसे समझाने के लिए पूर्ण को इकाई वर्ग के रूप में लिया जाता है, जिसे समान भागों में विभाजित किया जाता है। 1/4 को 2 समान भागों में बांटने पर हमें 1/8 मिलता है, जो गुणनफल है। इसी प्रकार, यदि कछुआ 1 घंटे में 2/5 किलोमीटर चलता है, तो 3/4 घंटे में दूरी 3/4 × 2/5 = 6/20 = 3/10 किलोमीटर होगी। गुणन के लिए हम भिन्नों के अंशों को गुणा करते हैं और हरों को गुणा करते हैं। इस प्रकार, (a/b) × (c/d) = (a × c)/(b × d)। यह सूत्र ब्रह्मगुप्त ने 628 सामान्य संवत् में दिया था। गुणन के दौरान अंश और हर के अभ्यनिष्ठ गुणनखंडों को काटकर भिन्न को सरलतम रूप में लाया जा सकता है। उदाहरण के लिए, 12/7 × 5/24 का गुणनफल 5/14 होता है। इस अनुभाग में गुणन के विभिन्न उदाहरण, चित्रों के माध्यम से गुणन की ज्यामितीय व्याख्या, और गुणनफल के गुणा की गई संख्याओं से संबंध पर चर्चा की गई है। गुणनफल कभी-कभी गुणा की गई संख्याओं से बड़ा और कभी छोटा हो सकता है, जो संख्याओं के मान पर निर्भर करता है। गुणन का क्रम परिवर्तनशील होता है, अर्थात a/b × c/d = c/d × a/b। इस गुण का उपयोग गुणन को सरल बनाने में किया जाता है।

  • दो भिन्नों का गुणन अंशों और हरों के गुणन से होता है।
  • गुणन के बाद भिन्न को सरलतम रूप में लाना आवश्यक होता है।
  • गुणनफल गुणा की गई संख्याओं से बड़ा या छोटा हो सकता है।
  • गुणन का क्रम परिवर्तनशील होता है।
  • गुणन को ज्यामितीय रूप से इकाई वर्ग के विभाजन से समझाया जा सकता है।
  • 📌 अभ्यनिष्ठ गुणनखंड: अंश और हर के बीच साझा गुणनखंड जो काटा जा सकता है।
  • 📌 व्युत्क्रम: किसी भिन्न का उलटा, जैसे a/b का व्युत्क्रम b/a।

8.2 भिन्नों का विभाजन (भाग)

व्याख्या

8.2 भिन्नों का विभाजन (भाग)

इस अनुभाग में हम भिन्नों के विभाजन की प्रक्रिया को समझेंगे। विभाजन को गुणन के रूप में पुनः व्यक्त करके हल किया जाता है। उदाहरण के लिए, 1 ÷ 2/3 को हम 2/3 × ? = 1 के रूप में लिख सकते हैं। यहाँ ? का मान 3/2 होगा, जिसे हम 2/3 का व्युत्क्रम कहते हैं। इस

अभ्यास प्रश्नChapter 8

NCERT अभ्यास प्रश्न और उत्तर सहित

Q1.किन्हीं भी दो पूर्णांकों जैसे a और b के लिए निम्नलिखित में से कौन-सा विकल्प सही है?
A.a + b = b + a a - b = b - a a × b = b × a a ÷ b = b ÷ a
B.a + b = b + a a - b = b - a a × b = b × a a ÷ b ≠ b ÷ a
C.a + b = b + a a × b = b × a a ÷ b = b ÷ a a - b ≠ b - a
D.a + b = b + a a × b = b × a a ÷ b ≠ b ÷ a a - b ≠ b - a

उत्तर:

a + b = b + a a × b = b × a a ÷ b ≠ b ÷ a a - b ≠ b - a

व्याख्या:

[{"id": "1f09b9bc-544a-4486-8e2d-5b3593d95a3c", "type": "html", "value": " पूर्णांकों के लिए योग और गुणन क्रमविनिमेय होते हैं। उदाहरण के लिए 2 + (-4) = (-4) + 2 = (-2) और 2 × 6 = 6 × 2 = 12 । परंतु पूर्णांकों के लिए व्यवकलन और विभाजन क्रमविनिमेय नहीं होते हैं। उदाहरण के लिए 5 - 2 ≠ 2 - 5 और (-6) ÷ 3 ≠ 3 ÷ (-6) । इसलिए विकल्प 4 सही उत्तर है। "}]

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Q2.योग और गुणन किन संख्याओं के लिए क्रमविनिमेय (commutative) हैं?
A.पूर्णांक
B.पूर्ण संख्याएँ
C.प्राकृत संख्याएँ
D.उपर्युक्त सभी

उत्तर:

उपर्युक्त सभी

व्याख्या:

[{"id": "37242d48-da19-414c-8ef9-1ff68ea3dde1", "type": "html", "value": " योग और गुणन पूर्णांकों, पूर्ण संख्याएँ और प्राकृत संख्याएँ के लिए क्रमविनिमेय हैं, इसलिए विकल्प 4 सही उत्तर है। "}]

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Q3.रिक्त स्थान भरे जिससे हमें LHS = RHS प्राप्त हो- 8 × (-9) = (-9) × ____
A.-8
B.-9
C.8
D.9

उत्तर:

8

व्याख्या:

[{"id": "0caa4da2-df2c-4ab5-8a40-1e62f5f1ec67", "type": "html", "value": " पूर्णांकों के लिए गुणन क्रमविनिमेय हैं। यानि कि a × b = b × a । इसलिए 8 × (-9) = (-9) × 8, अतः विकल्प 3 सही उत्तर है। "}]

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Q4.ऋणात्मक अंकन (negative marking system) के साथ एक प्रश्नोत्तरी परीक्षा में, सोहन ने चार क्रमिक दौर में -13, 18, -23 और 30 स्कोर प्राप्त किए| सोहन के पर्तिस्पर्धा के कुल स्कोर की गणना करने के लिए कौन सा व्यंजक सही होगा?
A.(-13) + 18 + (-23) + 30
B.30 + (-23) + 18 + (-13)
C.(-23) + 18 + (-13) + 30
D.उपर्युक्त सभी

उत्तर:

उपर्युक्त सभी

व्याख्या:

[{"id": "25e3e2e3-b655-4462-9167-a81f0c409382", "type": "html", "value": " कुल स्कोर की गणना करने के लिए हमे चारों दौर के स्कोर का योग करने होगा। हम जानते हैं कि पूर्णांकों के लिए योग क्रमविनिमय है। इसलिए हम कह सकते हैं कि स्कोर किसी भी क्रम में जोड़ा जा सकता है। इसेे सत्यापित करें। विकल्प 1 में, कुल स्कोर = (-13) + 18 + (-23) + 30 = 12 । विकल्प 2 में, कुल स्कोर = 30 + (-23) + 18 + (-13) = 12 । विकल्प 3 में, कुल स्कोर = (-23) + 18 + (-13) + 30 = 12 । इसलिए विकल्प 4 सही उत्तर है। "}]

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Q5.निम्नलिखित दोनों स्थितियों को पढ़िए- स्थिति 1: दिव्या ने प्रारंभिक बिंदु से उत्तर की ओर 600 m की दूरी तय की और फिर दक्षिण की ओर 400 m की दूरी तय की। स्थिति 2: दिव्या ने दक्षिण की ओर 400 m और फिर उत्तर की ओर 600 m की यात्रा की। यदि प्रारंभिक स्थिति 0, उत्तर की ओर तय की गयी दूरी + चिन्ह और दक्षिण की ओर तय की गयी दूरी - चिन्ह से व्यक्त की जाती है तो दोनों स्थितियों में दिव्या की अंतिम स्थिति क्या होगी?
A.पहली स्थिति: -200 m दूसरी स्थिति: +200 m
B.पहली स्थति: +200 m दूसरी स्थिति: +200 m
C.पहली स्थिति: +200 m दूसरी स्थिति: -200 m
D.पहली स्थिति: -200 m दूसरी स्थिति: -200 m

उत्तर:

पहली स्थति: +200 m दूसरी स्थिति: +200 m

व्याख्या:

[{"id": "5167b1ae-ce73-45ce-9d43-0d9f05a7b409", "type": "html", "value": " यहाँ उत्तर की ओर तय की गयी दूरी + चिन्ह से और दक्षिण की ओर तय की गयी दूरी - चिन्ह से व्यक्त की गयी है। इसलिए पहली स्थिति में दिव्या ने उत्तर की ओर 600 m की दूरी तय की यानी + 600 m और दक्षिण की ओर 400 m की दूरी तय की यानी - 400. इसलिए उसकी अंतिम स्थिति = (+600) + (-400) = + 200 m दूसरी स्थिति में दिव्या ने दक्षिण की ओर 400 m की दूरी तय की यानी - 400 और उत्तर की ओर 600 m की दूरी तय की यानी + 600 m इसलिए दूसरी स्थिति में उसकी अंतिम स्थिति = (-400) + 600 = +200m तो दोनों स्थितियों में उसकी अंतिम स्थिति +200 m है। हम यह प्रश्न इस तरह संख्या रेखा पर भी हल कर सकते हैं। यहाँ हम देख सकते हैं कि पूर्णांकों के लिए योग क्रमविनिमय है। "}]

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Q6.किन्हीं भी दो पूर्णांकों जैसे a और b के लिए निम्नलिखित में से कौनसा विकल्प सही है?
A.a + b = b + a a - b = b - a a × b = b × a a ÷ b = b ÷ a
B.a + b = b + a a - b = b - a a × b = b × a a ÷ b ≠ b ÷ a
C.a + b = b + a a × b = b × a a ÷ b = b ÷ a a - b ≠ b - a
D.a + b = b + a a × b = b × a a ÷ b ≠ b ÷ a a - b ≠ b - a

उत्तर:

a + b = b + a a × b = b × a a ÷ b ≠ b ÷ a a - b ≠ b - a

व्याख्या:

[{"id": "5fb4cee4-0bc5-45f9-9023-b4a457ebe6df", "type": "html", "value": " पूर्णांकों के लिए योग और गुणन क्रमविनिमेय होते हैं। उदाहरण के लिए 2 + (-4) = (-4) + 2 = (-2) और 2 × 6 = 6 × 2 = 12 । परंतु पूर्णांकों के लिए व्यवकलन और विभाजन क्रमविनिमेय नहीं होते हैं। उदाहरण के लिए 5 - 2 ≠ 2 - 5 और (-6) ÷ 3 ≠ 3 ÷ (-6) । इसलिए विकल्प 4 सही उत्तर है। "}]

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Q7.नकारात्मक अंकन (negative marking system) के साथ एक प्रश्नोत्तरी परीक्षा में, सोहन ने चार क्रमिक दौर में -13, 18, -23 और 30 स्कोर प्राप्त किए| सोहन के पर्तिस्पर्धा के कुल स्कोर की गणना करने के लिए कौन सा व्यंजक सही होगा?
A.(-13) + 18 + (-23) + 30
B.30 + (-23) + 18 + (-13)
C.(-23) + 18 + (-13) + 30
D.उपर्युक्त सभी

उत्तर:

उपर्युक्त सभी

व्याख्या:

[{"id": "2e896786-5e17-4a4f-959b-ec3c76fdcdbd", "type": "html", "value": " कुल स्कोर की गणना करने के लिए हमे चारों दौर के स्कोर का योग करने होगा। हम जानते हैं कि पूर्णांकों के लिए योग क्रमविनिमय है। इसलिए हम कह सकते हैं कि स्कोर किसी भी क्रम में जोड़ा जा सकता है। इसेे सत्यापित करें। विकल्प 1 में, कुल स्कोर = (-13) + 18 + (-23) + 30 = 12 । विकल्प 2 में, कुल स्कोर = 30 + (-23) + 18 + (-13) = 12 । विकल्प 3 में, कुल स्कोर = (-23) + 18 + (-13) + 30 = 12 । इसलिए विकल्प 4 सही उत्तर है। "}]

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Q8.निम्नलिखित में से कौनसा कथन गलत है?
A.पूर्णांक योग के अंतर्गत संवृत होते हैं
B.पूर्णांक व्यवकलन के अंतर्गत संवृत होते हैं
C.पूर्णांक गुणन के अंतर्गत संवृत होते हैं
D.पूर्णांक विभाजन के अंतर्गत संवृत होते हैं

उत्तर:

पूर्णांक विभाजन के अंतर्गत संवृत होते हैं

व्याख्या:

[{"id": "ec1975c9-8ce1-423d-93c7-7e269c4e6e34", "type": "html", "value": " पूर्णांक योग, व्यवकलन और गुणन के अंतर्गत हमेशा संवृत होते हैं जबकि पूर्णांक विभाजन के अंतर्गत हमेशा संवृत नहीं होते हैं। इसलिए विकल्प 4 सही उत्तर है। "}]

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