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Chapter 6

🎓 Class 12📖 Samkalin Vishwa Rajniti📖 9 नोट्स🧠 15 प्रश्न-उत्तर⏱️ ~14 मिनट
Chapter 5अध्याय 6 / 7Chapter 7

Chapter 6अध्ययन नोट्स

NCERT-संरेखित · 9 नोट्स · 3 निःशुल्क दिखाए गए

परिचय

व्याख्या

परिचय

इस अध्याय में विश्व-राजनीति के संदर्भ में पर्यावरण और प्राकृतिक संसाधनों के बढ़ते महत्व पर गहन चर्चा की गई है। 1960 के दशक से पर्यावरण के मुद्दों ने वैश्विक राजनीति में एक महत्वपूर्ण स्थान प्राप्त किया है। इस पृष्ठभूमि में पर्यावरण-आंदोलनों की तुलनात्मक समीक्षा की गई है, जिनमें विभिन्न देशों और समुदायों के संघर्ष और उनके दृष्टिकोण शामिल हैं। साथ ही, 'साझी संपदा' और 'विश्व की साझी विरासत' जैसी अवधारणाओं का विश्लेषण किया गया है, जो वैश्विक संसाधनों के न्यायसंगत उपयोग और संरक्षण के लिए महत्वपूर्ण हैं। भारत के पर्यावरण से जुड़े वैश्विक बहसों में पक्ष और भूमिका को भी इस अध्याय में समझाया गया है। अंत में, संसाधनों की होड़ से जुड़ी भू-राजनीति और मूलवासी समुदायों के अधिकारों पर भी चर्चा की गई है, जो समकालीन विश्व-राजनीति में पर्यावरण के मुद्दों की जटिलता को दर्शाता है।

  • 1960 के बाद पर्यावरण के मुद्दे विश्व-राजनीति में प्रमुख हुए।
  • पर्यावरण-आंदोलन और वैश्विक संसाधनों की साझा अवधारणाएँ महत्वपूर्ण हैं।
  • भारत ने पर्यावरण संरक्षण में सक्रिय भूमिका निभाई है।
  • संसाधनों की भू-राजनीति और मूलवासी समुदायों के अधिकार भी पर्यावरण से जुड़े हैं।
  • 📌 पर्यावरण आंदोलन: पर्यावरण संरक्षण के लिए सामाजिक और राजनीतिक संघर्ष।
  • 📌 साझी संपदा: ऐसी संपदा जिस पर समूह के सभी सदस्यों का समान अधिकार हो।
  • 📌 विश्व की साझी विरासत: पृथ्वी के ऐसे संसाधन जो किसी एक देश के अधिकार में नहीं हैं।

वैश्विक राजनीति में पर्यावरण की चिंता क्यों?

व्याख्या

वैश्विक राजनीति में पर्यावरण की चिंता क्यों?

परंपरागत रूप से विश्व-राजनीति को युद्ध, संधि, और सरकारों के अंतर्राष्ट्रीय संबंधों तक सीमित समझा जाता था। परन्तु 1960 के बाद से पर्यावरण के मुद्दों ने वैश्विक राजनीति में एक महत्वपूर्ण स्थान प्राप्त किया। पर्यावरण की समस्याएँ जैसे जल प्रदूषण, वन कटाई, जैव विविधता की हानि, ओजोन परत का क्षरण, और जल संसाधनों की कमी ने देशों को संयुक्त रूप से कार्य करने के लिए बाध्य किया। उदाहरण के लिए अराल सागर के प्रदूषण और सूखने से हजारों लोगों को विस्थापित होना पड़ा। इसके अलावा, कृषि योग्य भूमि की कमी, जलाशयों का प्रदूषण, और समुद्री तटीय क्षेत्रों का प्रदूषण वैश्विक चिंता के विषय हैं। पर्यावरणीय समस्याएँ केवल एक देश की सीमा तक सीमित नहीं हैं, बल्कि ये वैश्विक स्तर पर प्रभाव डालती हैं, इसलिए इनके समाधान के लिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग आवश्यक है। आर्थिक विकास के कारण पर्यावरण पर प्रभाव बढ़ा है, जिससे पर्यावरण संरक्षण को लेकर राजनीतिक बहसें और समझौते सामने आए हैं। 1972 में 'लिमिट्स टू ग्रोथ' पुस्तक ने संसाधनों के सीमित होने की चेतावनी दी। 1992 के पृथ्वी सम्मेलन ने पर्यावरण को वैश्विक राजनीति का मुख्य मुद्दा बनाया।

  • परंपरागत विश्व-राजनीति में पर्यावरण को शामिल नहीं माना जाता था।
  • पर्यावरणीय समस्याएँ वैश्विक स्तर पर फैल चुकी हैं।
  • अराल सागर का प्रदूषण और सूखना एक गंभीर उदाहरण है।
  • 1992 के पृथ्वी सम्मेलन ने पर्यावरण को वैश्विक राजनीति में प्रमुखता दी।
  • आर्थिक विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन बनाना चुनौतीपूर्ण है।
  • 📌 वैश्विक तापवृद्धि (ग्लोबल वार्मिंग): पृथ्वी के औसत तापमान में वृद्धि।
  • 📌 ओजोन परत: पृथ्वी के वायुमंडल की वह परत जो हानिकारक पराबैंगनी किरणों को रोकती है।
  • 📌 पृथ्वी सम्मेलन: 1992 में रियो डी जनेरियो में हुआ संयुक्त राष्ट्र का पर्यावरण सम्मेलन।

विश्व की साझी संपदा की सुरक्षा

व्याख्या

विश्व की साझी संपदा की सुरक्षा

साझी संपदा वे संसाधन होते हैं जिन पर किसी एक देश का अधिकार नहीं बल्कि पूरे अंतरराष्ट्रीय समुदाय का अधिकार होता है। उदाहरण के लिए, पृथ्वी का वायुमंडल, अंटार्कटिका, समुद्री सतह और बाहरी अंतरिक्ष को 'मानवता की साझी विरासत' कहा जाता है। अंटार्कटिका महादे

अभ्यास प्रश्नChapter 6

NCERT अभ्यास प्रश्न और उत्तर सहित

Q1.अवधारणा -संयुक्त राष्ट्र संघ पर्यावरण कार्यक्रम लिमिट्स टू ग्रोथ नामक पुस्तक किसने प्रकाशित की?
A.रविंद्र नाथ टैगोर
B.अब्दुल कलाम
C.क्लब ऑफ रोम
D.इनमें से कोई नहीं

उत्तर:

क्लब ऑफ रोम

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Q2.अवधारणा -वैश्विक राजनीति में पर्यावरण निम्नलिखित में से कौन सा कथन वायुमंडल के संदर्भ में सत्य है?
A.वायुमंडल में ओजोन गैस की मात्रा बढ़ रही है
B.वायुमंडल में ओजोन की मात्रा घट रही है
C.क और ख दोनों
D.इनमें से कोई नहीं

उत्तर:

वायुमंडल में ओजोन की मात्रा घट रही है

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Q3.अवधारणा- वैश्विक राजनीति में पर्यावरण की चिंता क्यों? संयुक्त राष्ट्र की विश्व विकास रिपोर्ट कब प्रकाशित हुई?
A.2007
B.2009
C.2006
D.2000

उत्तर:

2006

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Q4.अवधारणा-वैश्विक राजनीति में पर्यावरण की चिंता क्यों? निम्नलिखित में से कौन सा कथन पर्यावरण के संदर्भ में सत्य नहीं है ?
A.कृषि योग्य भूमि अब घट रही है,
B.चरागाहों के चारे अब खत्म हो रही हैं
C.मत्स्य भंडार अब घट रहा है
D.प्रदूषण से हमें लाभ हुआ है

उत्तर:

प्रदूषण से हमें लाभ हुआ है

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Q5.अवधारणा- संयुक्त राष्ट्र संघ पर्यावरण कार्यक्रम लिमिट्स टू ग्रोथ नामक पुस्तक कब प्रकाशित हुई?
A.1999
B.1998
C.1972
D.1997

उत्तर:

1972

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Q6.अवधारणा -विश्व की साझी संपदा की सुरक्षा निम्नलिखित में से कौन विश्व में पर्यावरण संबंधी मुद्दों पर सम्मेलनों का आयोजन करता है?
A.यू एन ई पी
B.यू एन सी टी ए डी
C.आई एम एफ
D.इनमें से कोई नहीं

उत्तर:

यू एन ई पी

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Q7.अवधारणा-साझी परंतु अलग-अलग जिम्मेदारियां संयुक्त राष्ट्र संघ का पृथ्वी सम्मेलन रियो सम्मेलन कब आयोजित किया गया?
A.1989
B.1992
C.1999
D.2001

उत्तर:

1992

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Q8.अवधारणा-साझी परंतु अलग-अलग जिम्मेदारी रियो सम्मेलन 19 92 में कितने देशों ने भाग लिया?
A.180
B.170
C.160
D.110

उत्तर:

170

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