Chapter 6
Chapter 6 — अध्ययन नोट्स
NCERT-संरेखित · 12 नोट्स · 3 निःशुल्क दिखाए गए
6.1 परिचय
व्याख्या6.1 परिचय
व्यवसाय का सामाजिक उत्तरदायित्व एवं व्यावसायिक नैतिकता अध्याय का परिचय इस बात से होता है कि व्यवसाय केवल लाभ कमाने का साधन नहीं है, बल्कि उसे समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को भी समझना चाहिए। नैतिकता का सिद्धांत यह है कि व्यावसायिक इकाइयों को सामाजिक आकांक्षाओं का ध्यान रखते हुए अपने कार्य करने चाहिए। समाज में प्रत्येक व्यक्ति और व्यवसाय के कुछ सामाजिक उत्तरदायित्व होते हैं, जैसे सामाजिक मूल्यों का सम्मान करना, व्यवहार कुशल होना, और समाज के हित में कार्य करना। व्यवसाय को लाभ कमाने का अधिकार समाज से प्राप्त होता है, परन्तु उसे ऐसी कोई कार्यवाही नहीं करनी चाहिए जो समाज के लिए हानिकारक हो। उदाहरण के लिए, मिलावटी माल बेचना, भ्रामक विज्ञापन देना, करों का भुगतान न करना, पर्यावरण प्रदूषण करना आदि अवांछनीय कार्य हैं। इसके विपरीत, उच्च गुणवत्ता वाली वस्तुएं उपलब्ध कराना, स्वस्थ कार्यस्थल बनाना, करों का समय पर भुगतान करना, पर्यावरण संरक्षण के उपाय करना आदि सामाजिक उत्तरदायित्व के उदाहरण हैं। इस प्रकार, सामाजिक उत्तरदायित्व और नैतिक व्यवहार ही व्यवसाय को दीर्घकालीन सफलता प्रदान करते हैं।
- व्यवसाय केवल लाभ कमाने का माध्यम नहीं, बल्कि समाज के प्रति उत्तरदायी भी है।
- सामाजिक उत्तरदायित्व में समाज के हितों का सम्मान और पालन शामिल है।
- कुछ कार्य लाभदायक होते हुए भी समाज के लिए हानिकारक हो सकते हैं।
- सामाजिक उत्तरदायित्व और नैतिक व्यवहार व्यवसाय की दीर्घकालीन सफलता के लिए आवश्यक हैं।
- 📌 सामाजिक उत्तरदायित्व: व्यवसाय द्वारा समाज के हित में किए जाने वाले कार्य।
- 📌 व्यावसायिक नैतिकता: व्यवसाय में सही और गलत के मानदंडों का पालन।
6.2 सामाजिक उत्तरदायित्व की अवधारणा
अवधारणा6.2 सामाजिक उत्तरदायित्व की अवधारणा
व्यवसाय के सामाजिक उत्तरदायित्व का अर्थ है वे नीतियाँ, निर्णय और कार्य जो समाज के लक्ष्यों और मूल्यों के अनुरूप हों। इसका तात्पर्य है कि व्यवसाय समाज की आकांक्षाओं को समझे, उन्हें मान्यता दे और समाज की भलाई के लिए योगदान करे, साथ ही अपने लाभ को भी ध्यान में रखे। यह विचारधारा पारंपरिक धारणा से भिन्न है जिसमें व्यवसाय का एकमात्र उद्देश्य अधिकतम लाभ कमाना माना जाता था। सामाजिक उत्तरदायित्व कानूनी उत्तरदायित्व से भिन्न होता है क्योंकि कानूनी उत्तरदायित्व केवल कानूनों का पालन करना है, जबकि सामाजिक उत्तरदायित्व स्वैच्छिक होता है और समाज के हितों को आगे रखता है। व्यवसाय को केवल कानूनी नियमों का पालन करने से अधिक समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभानी होती है।
- सामाजिक उत्तरदायित्व में व्यवसाय को समाज के लक्ष्यों और मूल्यों का सम्मान करना होता है।
- यह कानूनी उत्तरदायित्व से अधिक व्यापक और स्वैच्छिक होता है।
- व्यवसाय केवल लाभ कमाने के लिए नहीं, बल्कि समाज के हित में भी कार्य करता है।
- सामाजिक उत्तरदायित्व व्यवसाय की दीर्घकालीन सफलता के लिए आवश्यक है।
- 📌 कानूनी उत्तरदायित्व: कानूनों का पालन करना।
- 📌 स्वैच्छिक उत्तरदायित्व: बिना बाध्यता के समाज के हित में कार्य करना।
6.3 सामाजिक उत्तरदायित्व की आवश्यकता
व्याख्या6.3 सामाजिक उत्तरदायित्व की आवश्यकता
सामाजिक उत्तरदायित्व की आवश्यकता इस बात से उत्पन्न होती है कि व्यवसाय केवल स्वामियों के लिए अधिकतम लाभ कमाने तक सीमित नहीं रह सकता, बल्कि उसे समाज के विभिन्न वर्गों जैसे उपभोक्ता, कर्मचारी, सरकार और समुदाय के प्रति भी उत्तरदायी होना चाहिए। यह नैतिकता
अभ्यास प्रश्न — Chapter 6
NCERT अभ्यास प्रश्न और उत्तर सहित
Q1.व्यवसाय के सामाजिक उत्तरदायित्व से क्या तात्पर्य है? यह कानूनी उत्तरदायित्व से किस प्रकार भिन्न है?
उत्तर:
व्यवसाय के सामाजिक उत्तरदायित्व का तात्पर्य है कि व्यवसाय केवल लाभ कमाने के लिए नहीं, बल्कि समाज के प्रति भी अपनी जिम्मेदारी निभाता है। इसका मतलब है कि व्यवसाय को समाज के हित में कार्य करना चाहिए, जैसे पर्यावरण संरक्षण, कर्मचारियों का कल्याण, उपभोक्ताओं की सुरक्षा आदि। कानूनी उत्तरदायित्व से यह भिन्न है क्योंकि कानूनी उत्तरदायित्व वह बाध्यता है जो कानून द्वारा निर्धारित होती है और जिसका पालन करना अनिवार्य होता है, जबकि सामाजिक उत्तरदायित्व स्वैच्छिक होता है और समाज के प्रति नैतिक जिम्मेदारी को दर्शाता है।
व्याख्या:
सामाजिक उत्तरदायित्व व्यवसाय की नैतिक जिम्मेदारी है जो समाज के हित में कार्य करने को कहती है, जबकि कानूनी उत्तरदायित्व कानून द्वारा निर्धारित नियमों का पालन करना होता है। सामाजिक उत्तरदायित्व स्वैच्छिक और नैतिक होता है, कानूनी उत्तरदायित्व अनिवार्य और बाध्यकारी।
Q2.वातावरण क्या है? वातावरण-प्रदूषण क्या है?
उत्तर:
वातावरण वह प्राकृतिक परिवेश है जिसमें हम रहते हैं, जिसमें हवा, जल, भूमि, जीव-जंतु आदि शामिल हैं। वातावरण-प्रदूषण का अर्थ है वातावरण में हानिकारक पदार्थों का मिश्रण जो प्राकृतिक संतुलन को बिगाड़ता है और मानव तथा अन्य जीवों के स्वास्थ्य को प्रभावित करता है। उदाहरण के लिए, वायु प्रदूषण, जल प्रदूषण आदि।
व्याख्या:
वातावरण प्राकृतिक संसाधनों और जीवों का समष्टिगत पर्यावरण है। प्रदूषण तब होता है जब इसमें हानिकारक तत्व मिल जाते हैं जो जीवन के लिए हानिकारक होते हैं।
Q3.व्यावसायिक नैतिकता क्या है? व्यावसायिक नैतिकता के आधारभूत तत्वों को बताइए।
उत्तर:
व्यावसायिक नैतिकता का अर्थ है व्यवसाय में नैतिक सिद्धांतों और मूल्यों का पालन करना, जैसे ईमानदारी, पारदर्शिता, न्याय, और सामाजिक जिम्मेदारी। व्यावसायिक नैतिकता के आधारभूत तत्व हैं: 1) ईमानदारी, 2) निष्पक्षता, 3) पारदर्शिता, 4) सामाजिक उत्तरदायित्व, 5) ग्राहक संतुष्टि, 6) कर्मचारियों के प्रति सम्मान।
व्याख्या:
व्यावसायिक नैतिकता व्यवसाय के संचालन में नैतिक मूल्यों का पालन सुनिश्चित करती है जिससे व्यवसाय का सामाजिक विश्वास बना रहता है। ये तत्व व्यवसाय को नैतिक रूप से सही दिशा में ले जाते हैं।
Q4.संक्षेप में समझाइए— (क) वायु प्रदूषण, (ख) जल प्रदूषण, तथा (ग) भूमि प्रदूषण।
उत्तर:
(क) वायु प्रदूषण: वायु में हानिकारक गैसों, धूल, धुएं आदि के मिश्रण को वायु प्रदूषण कहते हैं, जो स्वास्थ्य और पर्यावरण के लिए हानिकारक होता है। (ख) जल प्रदूषण: जल स्रोतों में हानिकारक पदार्थों के मिल जाने से जल प्रदूषण होता है, जिससे जल जीवन प्रभावित होता है। (ग) भूमि प्रदूषण: भूमि में रासायनिक, प्लास्टिक, कूड़ा-कचरा आदि के जमा होने से भूमि प्रदूषण होता है, जो कृषि और पर्यावरण को नुकसान पहुंचाता है।
व्याख्या:
प्रत्येक प्रदूषण का स्रोत और प्रभाव अलग होता है, परन्तु सभी पर्यावरण और मानव स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हैं। इनके नियंत्रण के लिए उचित उपाय आवश्यक हैं।
Q5.व्यवसाय के सामाजिक उत्तरदायित्व के मुख्य क्षेत्र क्या हैं?
उत्तर:
व्यवसाय के सामाजिक उत्तरदायित्व के मुख्य क्षेत्र हैं: 1) उपभोक्ताओं के प्रति उत्तरदायित्व, 2) कर्मचारियों के प्रति उत्तरदायित्व, 3) पर्यावरण के प्रति उत्तरदायित्व, 4) समाज के प्रति उत्तरदायित्व, 5) सरकार के प्रति उत्तरदायित्व।
व्याख्या:
व्यवसाय को इन सभी क्षेत्रों में अपनी जिम्मेदारी निभानी चाहिए ताकि समाज और पर्यावरण के साथ संतुलन बना रहे।
Q6.कंपनी अधिनियम-2013 के अनुसार निगमित सामाजिक उत्तरदायित्व को परिभाषित करें।
उत्तर:
कंपनी अधिनियम-2013 के अनुसार, निगमित सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR) का अर्थ है कि कंपनियाँ अपने लाभ का एक निश्चित हिस्सा समाज के कल्याण के लिए खर्च करती हैं, जैसे शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यावरण संरक्षण, गरीबी उन्मूलन आदि। यह एक कानूनी बाध्यता है जो बड़ी कंपनियों पर लागू होती है।
व्याख्या:
यह अधिनियम कंपनियों को सामाजिक उत्तरदायित्व निभाने के लिए बाध्य करता है ताकि वे समाज के विकास में योगदान दें।
Q7.सामाजिक उत्तरदायित्व के पक्ष तथा विपक्ष में तर्क दीजिए।
उत्तर:
पक्ष में तर्क: 1) व्यवसाय समाज का हिस्सा है और समाज के प्रति जिम्मेदार है। 2) सामाजिक उत्तरदायित्व से व्यवसाय की छवि सुधरती है। 3) इससे दीर्घकालिक लाभ होता है क्योंकि समाज का विश्वास बढ़ता है। 4) पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक कल्याण में योगदान होता है। विपक्ष में तर्क: 1) व्यवसाय का मुख्य उद्देश्य लाभ कमाना है, सामाजिक कार्यों में निवेश लाभ को कम कर सकता है। 2) सामाजिक उत्तरदायित्व से व्यवसाय की लागत बढ़ती है। 3) कुछ व्यवसाय इसे केवल दिखावा मानते हैं। 4) सामाजिक उत्तरदायित्व की सीमाएँ स्पष्ट नहीं होतीं।
व्याख्या:
सामाजिक उत्तरदायित्व के पक्ष और विपक्ष दोनों के तर्क हैं, परंतु आधुनिक व्यवसायों में इसका महत्व बढ़ रहा है।
Q8.उन शक्तियों का वर्णन कीजिए जो व्यावसायिक उद्यमों की सामाजिक जिम्मेदारियों को बढ़ाने के लिए उत्तरदायी हैं।
उत्तर:
व्यावसायिक उद्यमों की सामाजिक जिम्मेदारियों को बढ़ाने वाली शक्तियाँ: 1) सरकार: नियम और कानून बनाकर सामाजिक उत्तरदायित्व को बढ़ावा देती है। 2) उपभोक्ता: जागरूक उपभोक्ता नैतिक व्यवसायों को प्रोत्साहित करते हैं। 3) कर्मचारी: वे बेहतर कार्यस्थल और सामाजिक जिम्मेदारी की मांग करते हैं। 4) मीडिया: सामाजिक मुद्दों को उजागर कर व्यवसायों को जवाबदेह बनाती है। 5) समाज: सामाजिक दबाव और अपेक्षाएँ व्यवसायों को जिम्मेदार बनाती हैं।
व्याख्या:
ये सभी शक्तियाँ मिलकर व्यवसायों को सामाजिक उत्तरदायित्व निभाने के लिए प्रेरित करती हैं।
Vyavsay Adhyanan के सभी 11 अध्याय
Business Studies · Class 11