NCERTCh 6निःशुल्क

Chapter 6

🎓 Class 11📖 Bhart Bhautik Paryabaran📖 12 नोट्स🧠 15 प्रश्न-उत्तर⏱️ ~18 मिनट
Chapter 5अध्याय 6 / 6

Chapter 6अध्ययन नोट्स

NCERT-संरेखित · 12 नोट्स · 3 निःशुल्क दिखाए गए

प्राकृतिक संकट तथा आपदाएँ : कारण, परिणाम तथा प्रबंध

व्याख्या

प्राकृतिक संकट तथा आपदाएँ : कारण, परिणाम तथा प्रबंध

इस अध्याय में प्राकृतिक संकट तथा आपदाओं के कारण, उनके परिणाम और प्रबंधन की विस्तृत चर्चा की गई है। प्राकृतिक संकट और आपदाएँ प्रकृति के अनपेक्षित और तीव्र परिवर्तन होते हैं, जो मानव जीवन, सामाजिक-सांस्कृतिक तंत्र और पर्यावरण को प्रभावित करते हैं। ये परिवर्तन धीमी गति से भी हो सकते हैं जैसे स्थलाकृतियों का विकास, और तीव्र गति से भी जैसे भूकंप, सुनामी, चक्रवात आदि। प्राकृतिक आपदाएँ मानव के नियंत्रण से बाहर होती हैं और अचानक घटती हैं, जिससे जान-माल का भारी नुकसान होता है। मानव गतिविधियाँ भी आपदाओं को बढ़ावा देती हैं, जैसे वनों की कटाई से भू-स्खलन और बाढ़ की संभावना बढ़ जाती है। इस अध्याय में भारत में होने वाली प्रमुख प्राकृतिक आपदाओं जैसे भूकंप, सुनामी, चक्रवात, बाढ़, सूखा और भू-स्खलन का वैज्ञानिक एवं सामाजिक दृष्टिकोण से विश्लेषण किया गया है। साथ ही, आपदा प्रबंधन के लिए अंतर्राष्ट्रीय प्रयासों और भारत सरकार की नीतियों का भी वर्णन है।

  • प्राकृतिक संकट और आपदाएँ प्रकृति के तीव्र और अनपेक्षित परिवर्तन हैं।
  • आपदाएँ मानव नियंत्रण से बाहर होती हैं और जान-माल का भारी नुकसान करती हैं।
  • मानव गतिविधियाँ भी आपदाओं को बढ़ावा देती हैं।
  • भारत में विविध भौगोलिक और सामाजिक कारणों से आपदाओं की सुभेद्यता अधिक है।
  • आपदा प्रबंधन के लिए राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर प्रयास किए जा रहे हैं।
  • प्राकृतिक आपदाओं के प्रभाव को कम करने के लिए तैयारी और प्रबंधन आवश्यक है।
  • 📌 प्राकृतिक संकट: प्राकृतिक पर्यावरण में ऐसे तत्व जिनसे जन-धन को नुकसान होने की संभावना हो।
  • 📌 प्राकृतिक आपदा: तीव्र और बड़े पैमाने पर जन-धन की हानि करने वाली प्राकृतिक घटना।
  • 📌 आपदा प्रबंधन: आपदाओं के प्रभाव को कम करने के लिए किए जाने वाले उपाय।

आपदा क्या है?

परिभाषा

आपदा क्या है?

आपदा एक अनपेक्षित और तीव्र घटना होती है, जो मानव नियंत्रण से बाहर की प्राकृतिक या मानवकृत शक्तियों द्वारा घटित होती है। यह अचानक होती है और मानव जीवन के सामान्य क्रियाकलापों को बाधित कर देती है, जिससे बड़े पैमाने पर जान-माल का नुकसान होता है। परंपरागत रूप से आपदाओं को केवल प्राकृतिक बलों का परिणाम माना जाता था, लेकिन अब यह समझा गया है कि मानव गतिविधियाँ भी आपदाओं के कारण बन सकती हैं या उन्हें बढ़ावा दे सकती हैं। जैसे, वनों की कटाई से भू-स्खलन और बाढ़ की संभावना बढ़ जाती है। आपदा और प्राकृतिक संकट में अंतर है; संकट वह स्थिति है जिसमें नुकसान की संभावना होती है, जबकि आपदा वह तीव्र घटना है जो नुकसान करती है। आपदाओं का प्रभाव सामाजिक, पर्यावरणीय और आर्थिक रूप से व्यापक होता है।

  • आपदा अनपेक्षित और तीव्र घटना होती है।
  • यह मानव नियंत्रण से बाहर होती है।
  • आपदा से बड़े पैमाने पर जान-माल का नुकसान होता है।
  • मानव गतिविधियाँ भी आपदाओं को बढ़ावा दे सकती हैं।
  • प्राकृतिक संकट और आपदा में अंतर होता है।
  • आपदा का प्रभाव सामाजिक, आर्थिक और पर्यावरणीय होता है।
  • 📌 आपदा: ऐसी घटना जिससे जन-धन की भारी हानि होती है।
  • 📌 प्राकृतिक संकट: ऐसी स्थिति जिसमें नुकसान की संभावना होती है।
  • 📌 मानवकृत आपदा: मानव गतिविधियों से उत्पन्न आपदा।

प्राकृतिक आपदाओं का वर्गीकरण

व्याख्या

प्राकृतिक आपदाओं का वर्गीकरण

प्राकृतिक आपदाओं को उनके स्वरूप के आधार पर चार मुख्य श्रेणियों में वर्गीकृत किया गया है: वायुमंडलीय, भौमिक, जलीय और जैविक। वायुमंडलीय आपदाओं में बर्फानी तूफान, तड़ित, टॉरेनेडो, उष्ण कटिबंधीय चक्रवात, सूखा, करकापात, पाला, लू और शीतलहर शामिल हैं। भौमिक

अभ्यास प्रश्नChapter 6

NCERT अभ्यास प्रश्न और उत्तर सहित

Q1.- सही विकल्प को चुने - लेटराईट मृदा बनती है I
A.शीतकालीन वर्षा के कारण
B.उष्णकटिबंधीय वर्षा के तीव्र निक्षालन के कारण
C.शरद ऋतु के आगमन के कारण
D.शुष्क धरती के कारण

उत्तर:

उष्णकटिबंधीय वर्षा के तीव्र निक्षालन के कारण

MediumNCERT
Q2.- ये मृदा दक्कन के पठार के अधिकतर भागों में पाई जाती है I
A.कालीमिट्टी-
B.सफेद मिट्टी
C.भूरी मिट्टी
D.गहरी मिट्टी

उत्तर:

कालीमिट्टी-

MediumNCERT
Q3.आई . सी. ए.आर. ने भारतीय मृदाओं को किस आधारपर वर्गीकृत किया है
A.उनकी प्रकृति व गुणों के आधार पर
B.उनके प्रदेशों के आधार पर
C.क्षेत्रफल के आधार पर
D.जलीय प्रकृति के आधार पर

उत्तर:

उनकी प्रकृति व गुणों के आधार पर

MediumNCERT
Q4.- भूमि पर गढ्डा खोदने पर मृदा की तीन परतें दिखाई देती हैं इन्हे क्या कहते हैं ?
A.परिमंडल
B.संस्तर
C.अनुसंधान
D.निर्माण

उत्तर:

संस्तर

MediumNCERT
Q5.- ये मृदा शुष्क , अर्धशुष्क व जलक्रांत क्षेत्रों तथा अनूपो के पास मिलते है ये ।ये बलुई से दुमती तक होती है ।इसका नाम बताएं-।
A.वन मृदा
B.काली मृदा
C.लवण मृदा
D.भूरी मृदा

उत्तर:

लवण मृदा

MediumNCERT
Q6.- समतल भूमि पर तेज वर्षा के कारण कौन सा जल- अपरदन होता है ?
A.परत अपरदन
B.अवनालिका अपरदन
C.मृदा सर्वेषण
D.ढाल अपरदन

उत्तर:

परत अपरदन

MediumNCERT
Q7.- उत्खात भूमि स्थलाकृति कहां मिलती हैं ?
A.जहां अवनालिका व बीहड़ हों
B.कृषि योग्य भूमि पर
C.घास के मैदानों पर
D.पर्वतों पर

उत्तर:

जहां अवनालिका व बीहड़ हों

MediumNCERT
Q8.पीटमय मृदा हमारे देश के किन प्रदेशों में पायी जाती है ?
A.बिहार, ओडिशा , तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल
B.गोवा ,केरल , कर्नाटक और राजस्थान
C.मध्प्रदेश , महाराष्ट्र , मणिपुर
D.उत्तर प्रदेश, हरियाणा , पंजाब

उत्तर:

बिहार, ओडिशा , तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल

MediumNCERT