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Chapter 4

🎓 Class 12📖 Aroh📖 9 नोट्स🧠 15 प्रश्न-उत्तर⏱️ ~14 मिनट
Chapter 3अध्याय 4 / 15Chapter 5

Chapter 4अध्ययन नोट्स

NCERT-संरेखित · 9 नोट्स · 3 निःशुल्क दिखाए गए

रघुवीर सहाय: जीवन और कृतित्व

व्याख्या

रघुवीर सहाय: जीवन और कृतित्व

रघुवीर सहाय का जन्म सन् 1929 में लखनऊ, उत्तर प्रदेश में हुआ था। वे समकालीन हिंदी कविता के अत्यंत संवेदनशील और प्रभावशाली कवि माने जाते हैं। उनकी प्रमुख रचनाओं में 'दूसरा सप्तक' (1951) में आरंभिक कविताएँ, 'सीड़ियों पर धूप में', 'आत्महत्या के विरुद्ध', 'हँसो-हँसो जल्दी हँसो' आदि शामिल हैं। वे पत्रकारिता के क्षेत्र में भी सक्रिय रहे, ऑल इंडिया रेडियो के हिंदी समाचार विभाग से जुड़ने के बाद हैदराबाद से निकलने वाली पत्रिका 'कल्पना' और फिर दैनिक 'नवभारत टाइम्स' तथा 'दिनमान' से संबद्ध रहे। उनकी पत्रकारिता और कविता दोनों में समाज की विडंबनाओं, भ्रष्टाचार और यथार्थ को उजागर करने की गहरी क्षमता थी। उन्हें साहित्य अकादमी पुरस्कार से सम्मानित किया गया। उनकी कविताओं की भाषा सड़क, चौराहा, दफ़्तर, अखबार, संसद, बस, रेल और बाजार की बेलौस भाषा में होती है, जो उनकी कविताओं को आम जनमानस के करीब लाती है। उनकी कविताओं में जातीय या वैयक्तिक स्मृतियाँ कम हैं, वे वर्तमान की सामाजिक और राजनीतिक परिस्थितियों पर केंद्रित हैं। उनकी कविता में मार्मिक उजास और व्यंग्य की खुरदरी मुस्कान मिलती है। छंदानुशासन के लिहाज से वे अनुपम कवि हैं, पर उनकी अधिकांश कविताएँ सहज संवादात्मक शैली में लिखी गई हैं।

  • रघुवीर सहाय का जन्म 1929 में लखनऊ में हुआ।
  • वे हिंदी कविता के संवेदनशील और प्रभावशाली कवि हैं।
  • प्रमुख काव्य-संकलन: 'सीड़ियों पर धूप में', 'आत्महत्या के विरुद्ध' आदि।
  • पत्रकारिता में ऑल इंडिया रेडियो, 'कल्पना', 'नवभारत टाइम्स', 'दिनमान' से जुड़े।
  • उनकी कविता में सामाजिक यथार्थ, भ्रष्टाचार, और विडंबनाएँ प्रमुख विषय हैं।
  • साहित्य अकादमी पुरस्कार से सम्मानित।
  • 📌 साहित्य अकादमी पुरस्कार: भारत सरकार द्वारा साहित्य में उत्कृष्ट योगदान के लिए दिया जाने वाला सम्मान।
  • 📌 दूसरा सप्तक: हिंदी कविता का एक महत्वपूर्ण काव्य-संकलन जिसमें रघुवीर सहाय की आरंभिक कविताएँ शामिल हैं।

कविता की पृष्ठभूमि और विशेषताएँ

व्याख्या

कविता की पृष्ठभूमि और विशेषताएँ

रघुवीर सहाय की कविता 'कैमरे में बंद अपाहिज' उनकी संवेदनशील दृष्टि और सामाजिक सरोकारों का उत्कृष्ट उदाहरण है। इस कविता में कवि ने टेलीविजन स्टूडियो के भीतर की दुनिया को उकेरा है, जहाँ शारीरिक रूप से अपाहिज व्यक्ति को कैमरे के सामने लाया जाता है। कविता में कवि ने उस संवेदनहीनता को उजागर किया है जो दृश्य-संचार माध्यमों में व्याप्त है, जहाँ पीड़ा को दिखाने के लिए उसे एक प्रदर्शन की तरह प्रस्तुत किया जाता है। कवि ने यह भी दिखाया है कि कैसे मीडिया का उद्देश्य केवल दर्शकों को भावुक करना और कार्यक्रम को रोचक बनाना होता है, न कि वास्तविक संवेदना दिखाना। कविता की भाषा सरल, संवादात्मक और व्यंग्यपूर्ण है, जो पाठक को सीधे उस स्थिति के भीतर ले जाती है। कवि ने शारीरिक चुनौती झेलने वाले व्यक्ति के अनुभवों को समाज के सामने लाने का प्रयास किया है, साथ ही यह भी दिखाया है कि कैसे समाज और मीडिया इस पीड़ा को केवल एक दिखावे के रूप में ग्रहण करते हैं। इस कविता के माध्यम से रघुवीर सहाय ने सामाजिक और नैतिक संदेश दिया है कि हमें शारीरिक रूप से विकलांग लोगों के प्रति सहानुभूति और संवेदनशीलता अपनानी चाहिए, न कि उन्हें केवल एक प्रदर्शन के लिए इस्तेमाल करना चाहिए।

  • कविता टेलीविजन स्टूडियो के भीतर की संवेदनहीनता को दर्शाती है।
  • शारीरिक रूप से अपाहिज व्यक्ति को प्रदर्शन के लिए इस्तेमाल किया जाता है।
  • मीडिया का उद्देश्य केवल दर्शकों को भावुक करना होता है।
  • कविता की भाषा सरल, संवादात्मक और व्यंग्यपूर्ण है।
  • सामाजिक और नैतिक संदेश: विकलांगों के प्रति सहानुभूति और संवेदनशीलता।
  • 📌 दृश्य-संचार माध्यम: टेलीविजन, फिल्म आदि जो दृश्य और ध्वनि के माध्यम से संदेश पहुँचाते हैं।
  • 📌 संवेदनहीनता: दूसरों की पीड़ा या भावनाओं के प्रति उदासीनता।

कविता पाठ: कैमरे में बंद अपाहिज

व्याख्या

कविता पाठ: कैमरे में बंद अपाहिज

कविता 'कैमरे में बंद अपाहिज' में कवि ने टेलीविजन स्टूडियो के एक दृश्य का चित्रण किया है। कविता में एक समर्थ, शक्तिवान समूह एक दुर्बल, अपाहिज व्यक्ति को कैमरे के सामने लाता है। वे उससे बार-बार पूछते हैं कि वह अपाहिज क्यों है, उसका दुख क्या है, और उससे

अभ्यास प्रश्नChapter 4

NCERT अभ्यास प्रश्न और उत्तर सहित

Q1.‘बस थोड़ी ही कसर रह गई’- ऐसा कवि क्यों कहता है ?
A.विकलांग व्यक्ति को न रुला पाने के कारण
B.संपर्क टूट जाने के कारण
C.मेहनत की कमी के कारण
D.दर्शकों ने टीवी बंद कर दिया

उत्तर:

विकलांग व्यक्ति को न रुला पाने के कारण

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Q2.‘परदे पर वक्त की कीमत है’- कविता में यह पंक्ति संचालक की किस प्रवृत्ति को व्यक्त करती है ?
A.वक्त की पाबंदी
B.परदे की कीमत
C.मनोरंजक प्रवृत्ति
D.व्यावसायिक प्रवृत्ति

उत्तर:

व्यावसायिक प्रवृत्ति

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Q3.संचालक के अनुसार इस कार्यक्रम का आधार था -
A.मनोरंजन
B.सामाजिक उद्देश्य
C.समय की महत्ता
D.पत्रकारिता के मूल्य

उत्तर:

सामाजिक उद्देश्य

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Q4.‘कैमरे में बंद अपाहिज’ कविता में संचालक का व्यवहार कैसा है ?
A.कारोबारी
B.संवेदनशील
C.आत्मीय
D.मित्रतापूर्ण

उत्तर:

कारोबारी

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Q5.कविता में ‘हम समर्थ शक्तिवान’ किसके लिए प्रयुक्त किया गया है ?
A.कवि
B.दूरदर्शन के संचालक
C.दर्शक वर्ग
D.शक्तिशाली व्यक्ति

उत्तर:

दूरदर्शन के संचालक

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Q6.‘कैमरे में बंद अपाहिज’ कविता का मुख्य वर्ण्य विषय क्या है ?
A.संवेदनशीलता
B.पत्रकारों की असमर्थता
C.संवेदनहीनता
D.स्टूडियो का चित्रांकन

उत्तर:

संवेदनहीनता

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Q7.'एक बूँद' कविता में अज्ञेय ने जीवन के किस दर्शन का प्रतिपादन किया है
A.प्रकृति के सौंदर्य का
B.सागर की गहनता का
C.सृष्टि की विशालता का
D.जीवन की क्षण भंगुरता का

उत्तर:

जीवन की क्षण भंगुरता का

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Q8.उन्मोचन का अर्थ है
A.भाग जाना
B.मुक्त होना
C.उछल पड़ना
D.नष्ट हो जाना

उत्तर:

मुक्त होना

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