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Chapter 2

🎓 Class 11📖 Bhart Bhautik Paryabaran📖 8 नोट्स🧠 15 प्रश्न-उत्तर⏱️ ~12 मिनट
Chapter 1अध्याय 2 / 6Chapter 3

Chapter 2अध्ययन नोट्स

NCERT-संरेखित · 8 नोट्स · 3 निःशुल्क दिखाए गए

संरचना तथा भूआकृति विज्ञान

व्याख्या

संरचना तथा भूआकृति विज्ञान

इस अध्याय में हम भारत की भौगोलिक संरचना और भूआकृति विज्ञान का विस्तृत अध्ययन करेंगे। पृथ्वी की आयु लगभग 460 करोड़ वर्ष मानी जाती है, जिसमें अंतर्जात (अंदरूनी) और बहिर्जात (बाहरी) बलों के कारण अनेक परिवर्तन हुए हैं। ये बल पृथ्वी की धरातलीय और अधस्तलीय आकृतियों के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। भारत की संरचना मुख्यतः तीन भूवैज्ञानिक खंडों में विभाजित है - प्रायद्वीपीय खंड, हिमालय और अतिरिक्त प्रायद्वीपीय पर्वत मालाएँ, तथा सिंधु-गंगा-ब्रह्मपुत्र मैदान। प्रायद्वीपीय खंड प्राचीन नाइस और ग्रेनाइट से बना है, जो कठोर और स्थिर है। हिमालय पर्वत श्रृंखला तरुण, लचीली और सक्रिय भूवैज्ञानिक प्रक्रियाओं से प्रभावित है। सिंधु-गंगा-ब्रह्मपुत्र मैदान एक भू-अभिनति गर्त है, जो हिमालय पर्वत निर्माण के तीसरे चरण में बना और नदियों के जलोढ़ से भरा हुआ है। भारत की विविध भूवैज्ञानिक संरचना के कारण यहाँ की धरातलीय और भूआकृतिक विविधताएँ भी अत्यंत व्यापक हैं।

  • पृथ्वी की आयु लगभग 460 करोड़ वर्ष है।
  • भारत की भूवैज्ञानिक संरचना तीन मुख्य खंडों में विभाजित है।
  • प्रायद्वीपीय खंड प्राचीन और स्थिर है, हिमालय तरुण और सक्रिय।
  • सिंधु-गंगा-ब्रह्मपुत्र मैदान एक भू-अभिनति गर्त है।
  • भूवैज्ञानिक संरचना से भारत की भौतिक आकृतियाँ प्रभावित होती हैं।
  • 📌 अंतर्जात बल: पृथ्वी के अंदरूनी हिस्सों से उत्पन्न बल जो पर्वत निर्माण आदि में सहायक होते हैं।
  • 📌 बहिर्जात बल: पृथ्वी की सतह पर कार्य करने वाले बल जैसे अपक्षय, अपरदन।
  • 📌 भू-अभिनति गर्त: वह क्षेत्र जहाँ धरातल नीचे धंसता है और बाद में नदियों के जलोढ़ से भरा जाता है।

प्रायद्वीपीय खंड

व्याख्या

प्रायद्वीपीय खंड

प्रायद्वीपीय खंड भारत के दक्षिणी भाग में स्थित है और इसकी उत्तरी सीमा कटी-फटी है, जो कच्छ से दिल्ली तक फैली हुई है। यह खंड प्राचीन नाइस और ग्रेनाइट चट्टानों से बना है और इंडो-आस्ट्रेलियन प्लेट का हिस्सा है। यहाँ की स्थलाकृति में अवशिष्ट पहाड़ियाँ जैसे अरावली, नल्लामाला, जावादी, वेलीकोण्डा, पालकोण्डा और महेंद्रगिरी शामिल हैं। प्रायद्वीपीय नदियाँ उथली घाटियाँ बनाती हैं और उनकी प्रवणता कम होती है। पूर्व की ओर बहने वाली नदियाँ बंगाल की खाड़ी में डेल्टा बनाती हैं, जैसे महानदी, गोदावरी और कृष्णा। प्रायद्वीपीय पठार को तीन भागों में बाँटा गया है - दक्कन का पठार, मध्य उच्च भूभाग और उत्तर-पूर्व पठार। दक्कन पठार पश्चिमी घाट, पूर्वी घाट और सतपुड़ा, मैकाल तथा महादेव पहाड़ियों से घिरा हुआ है। पश्चिमी घाट की ऊँचाई लगभग 1500 मीटर है और इसकी सबसे ऊँची चोटी अनाईमुडी (2695 मीटर) है। मध्य उच्च भूभाग में अरावली पर्वत, सतपुड़ा पर्वत और छोटा नागपुर पठार आते हैं। उत्तर-पूर्व पठार मेघालय और कार्बी ऐंगलोंग पठार को शामिल करता है। इस क्षेत्र में खनिज पदार्थों का भंडार भी पाया जाता है।

  • प्रायद्वीपीय खंड प्राचीन नाइस और ग्रेनाइट से बना है।
  • अरावली, नल्लामाला, जावादी आदि अवशिष्ट पहाड़ियाँ इस खंड का हिस्सा हैं।
  • प्रायद्वीपीय नदियाँ उथली घाटियाँ बनाती हैं।
  • दक्कन पठार, मध्य उच्च भूभाग और उत्तर-पूर्व पठार इसके मुख्य भाग हैं।
  • पश्चिमी घाट की सबसे ऊँची चोटी अनाईमुडी है।
  • छोटा नागपुर पठार खनिज पदार्थों का भंडार है।
  • 📌 अवशिष्ट पहाड़ियाँ: पुराने पर्वतों के अपरदित अवशेष।
  • 📌 रिफ्ट घाटियाँ: धरातल में खिसकने से बनी घाटियाँ।
  • 📌 भ्रंश: धरातलीय प्लेटों के टूटने से बनी दरार।

हिमालय और अन्य अतिरिक्त-प्रायद्वीपीय पर्वतमालाएँ

व्याख्या

हिमालय और अन्य अतिरिक्त-प्रायद्वीपीय पर्वतमालाएँ

हिमालय पर्वत श्रृंखला भारत के उत्तर में स्थित है और यह विश्व की सबसे ऊँची पर्वत श्रृंखला है। हिमालय की भूवैज्ञानिक संरचना तरुण, दुर्बल और लचीली है, जो अभी भी बहिर्जनिक और अंतर्जनित बलों की सक्रियताओं से प्रभावित है। हिमालय में वलन, भ्रंश और क्षेप जैस

अभ्यास प्रश्नChapter 2

NCERT अभ्यास प्रश्न और उत्तर सहित

Q1.प्रश्न : नीलगिरि पहाड़ियों का मिलन बिंदु .............................है|
A.विकल्प 1: गोदावरी नदी और कृष्णा नदी
B.विकल्प 2: पूर्वी घाट और पश्चिमी घाट
C.विकल्प 3: महेंद्रगिरि औरअनई मुड़ी।
D.विकल्प 4: तुंगभद्रा नदी और कृष्णा नदी

उत्तर:

विकल्प 2: पूर्वी घाट और पश्चिमी घाट

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Q2.निम्नलिखित में से कौन सा दर्रा सही पर्वत श्रेणी से मिलाया गया है?
A.विकल्प 1: फोटू ला दर्रा लद्दाख श्रेणी पर
B.विकल्प 2: खारदुंग-ला दर्रा ज़स्कर श्रेणी पर
C.विकल्प 3. ज़ोजी ला दर्रा ग्रेट हिमालय पर
D.विकल्प 4: बनिहाल पास काराकोरम रेंज पर

उत्तर:

विकल्प 3. ज़ोजी ला दर्रा ग्रेट हिमालय पर

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Q3.प्रश्न: भारत-गंगा ब्रह्मपुत्र का मैदान के जलोढ़ निक्षेपों की औसत गहराई- क्या है ?
A.विकल्प 1: 2000-3000 मी
B.विकल्प 2: 1500-2000 मी
C.विकल्प 3: 1000-2000 मी
D.विकल्प 4: 1500-3000 मी

उत्तर:

विकल्प 3: 1000-2000 मी

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Q4.प्रश्न: भारत-गंगा-ब्रह्मपुत्र का मैदान मूल रूप से एक ............ है|
A.विकल्प 1: अपनाति
B.विकल्प 2: भ्रंश
C.विकल्प 3: श्रेप [थ्रस्ट प्लेन]
D.विकल्प 4: भू-समकालिक अवसाद

उत्तर:

विकल्प 4: भू-समकालिक अवसाद

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Q5.प्रश्न: हिमालयी क्षेत्र में नदियों द्वारा किन भू-आकृतियों का समूह बनाया है ?
A.विकल्प 1: गोर्ज, क्षिपिका, लेवेस, मेन्डर्स
B.विकल्प 2: वी-आकार की घाटियाँ, क्षिपिका, गोर्ज, डेल्टा
C.विकल्प 3: गोर्ज, झरने, वी-आकार की घाटियाँ, क्षिपिका
D.विकल्प 4: झरने, क्षिपिका, यू-आकार की घाटियाँ, गोर्ज

उत्तर:

विकल्प 3: गोर्ज, झरने, वी-आकार की घाटियाँ, क्षिपिका

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Q6.प्रश्न: हिमालय प्रायद्वीपीय खंड से भिन्न कैसे है?
A.विकल्प 1: युवा भूवैज्ञानिक संरचना और ज्वालामुखीय चोटियाँ
B.विकल्प 2: गोल पहाड़ियाँ और नुकीले शिखर
C.विकल्प 3: कमजोर और लचीली संरचना
D.विकल्प 4: स्थिर और कठोर भू भाग

उत्तर:

विकल्प 1: युवा भूवैज्ञानिक संरचना और ज्वालामुखीय चोटियाँ

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Q7.प्रश्न: उत्तर-पूर्वी भाग पठारी क्षेत्रों को मुख्य छोटा नागपुर पठार से कौन अलग करता है?
A.विकल्प 1: गंगा नदी
B.विकल्प 2: गारो पहाड़ियां
C.विकल्प 3: मालदा भ्रंश
D.विकल्प 4: दून घाटी

उत्तर:

विकल्प 3: मालदा भ्रंश

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Q8.प्रश्न: निम्नलिखित में से कौन सा संकेत यह नहीं बताता कि प्रायदीप पठार एक प्राचीन भू भाग है।
A.विकल्प 1: नर्मदा नदी की दरार घाटियाँ
B.विकल्प 2: अवशिष्ट पर्वत
C.विकल्प 3: नदियों की गहरी संकीर्ण घाटियाँ
D.विकल्प 4: गनीस और ग्रेनाइट चट्टानें

उत्तर:

विकल्प 3: नदियों की गहरी संकीर्ण घाटियाँ

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