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Chapter 13

🎓 Class 9📖 Kshitij📖 5 नोट्स🧠 15 प्रश्न-उत्तर⏱️ ~8 मिनट
Chapter 12अध्याय 13 / 13

Chapter 13अध्ययन नोट्स

NCERT-संरेखित · 5 नोट्स · 3 निःशुल्क दिखाए गए

राजेश जोशी

व्याख्या

राजेश जोशी

इस अनुभाग में कवि राजेश जोशी का परिचय दिया गया है। राजेश जोशी का जन्म 1946 में मध्य प्रदेश के नरसिंहगढ़ जिले में हुआ था। उन्होंने अपनी शिक्षा पूरी करने के बाद पत्रकारिता में कदम रखा और कुछ वर्षों तक अध्यापन कार्य भी किया। वे कविताओं के अलावा कहानियाँ, नाटक, लेख, टिप्पणियाँ और नाट्य रूपांतरण भी करते हैं। इसके अतिरिक्त उन्होंने लघु फिल्मों के लिए पटकथा लेखन का कार्य भी किया है। राजेश जोशी ने भर्तृहरि की कविताओं की अनुरचना 'भूमि का कल्पतरू' और मायकोवस्की की कविता का अनुवाद 'पतलून पहिना बादल' नाम से किया है। उनकी कविताओं का अनुवाद कई भारतीय भाषाओं के साथ-साथ अंग्रेजी, रूसी और जर्मन में भी हुआ है। उनके प्रमुख काव्य-संग्रहों में 'एक दिन बोलेंगे पेड़', 'मिट्टी का चेहरा', 'नेपथ्य में हँसी' और 'दो पंक्तियों के बीच' शामिल हैं। उन्हें माखनलाल चतुर्वेदी पुरस्कार, मध्य प्रदेश शासन का शिखर सम्मान और साहित्य अकादमी पुरस्कार से नवाजा गया है। राजेश जोशी की कविताएँ सामाजिक विषयों से गहराई से जुड़ी होती हैं। वे जीवन के संकटों के बावजूद आस्था और उम्मीद को उजागर करती हैं। उनकी कविताओं में स्थानीय बोली, मिजाज और मौसम की झलक मिलती है। उनके काव्यलोक में आत्मीयता, लयात्मकता और मनुष्यता की रक्षा के लिए निरंतर संघर्ष दिखाई देता है। वे दुनिया के विनाश के खतरे को महसूस करते हुए भी जीवन की संभावनाओं की खोज में लगे रहते हैं।

  • राजेश जोशी का जन्म 1946 में मध्य प्रदेश के नरसिंहगढ़ में हुआ।
  • उन्होंने पत्रकारिता और अध्यापन दोनों क्षेत्रों में कार्य किया।
  • कविताओं के अलावा उन्होंने कहानियाँ, नाटक, लेख, टिप्पणियाँ और पटकथा लेखन किया।
  • उनके काव्य-संग्रहों में 'एक दिन बोलेंगे पेड़' और 'मिट्टी का चेहरा' प्रमुख हैं।
  • उन्हें माखनलाल चतुर्वेदी पुरस्कार और साहित्य अकादमी पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
  • उनकी कविताएँ सामाजिक और मानवीय विषयों पर आधारित हैं।
  • 📌 काव्य-संग्रह: कविताओं का संग्रह।
  • 📌 पत्रकारिता: समाचार और सूचनाओं का संकलन और प्रसारण।
  • 📌 पटकथा: नाटक या फिल्म के लिए लिखी गई कहानी।

बच्चे काम पर जा रहे हैं

व्याख्या

बच्चे काम पर जा रहे हैं

यह कविता बच्चों के काम पर जाने की पीड़ा और सामाजिक विडंबना को उजागर करती है। कविता की शुरुआत में कवि ने कोहरे से ढकी सड़क पर सुबह-सुबह काम पर जाने वाले बच्चों की छवि प्रस्तुत की है। यह पंक्ति अत्यंत भयानक है क्योंकि यह बच्चों के बचपन और उनकी खुशियों को छीन लेने वाली स्थिति को दर्शाती है। कवि ने इस स्थिति को विवरण के रूप में नहीं, बल्कि प्रश्न के रूप में प्रस्तुत किया है ताकि पाठक इस समस्या पर गंभीरता से विचार करें। कविता में सवाल उठाए गए हैं कि क्या बच्चों के खेलने के लिए गेंदें, किताबें, खिलौने, मदरसों की इमारतें, मैदान और बगीचे खत्म हो गए हैं? यदि ऐसा होता तो यह भयानक होता, लेकिन इससे भी भयानक यह है कि ये सारी चीजें मौजूद होते हुए भी बच्चे काम पर जा रहे हैं। यह कविता उस सामाजिक-आर्थिक विडंबना को दर्शाती है जिसमें बच्चे शिक्षा, खेल और सामान्य बचपन से वंचित होकर काम करने को मजबूर हैं। कवि ने इस समस्या को एक गंभीर प्रश्न के रूप में प्रस्तुत किया है, जो समाज को झकझोरने वाला है। यह कविता बच्चों के अधिकारों, बाल श्रम की समस्या और सामाजिक उदासीनता पर प्रकाश डालती है। यह हमें सोचने पर मजबूर करती है कि क्यों आज भी बच्चे काम पर जा रहे हैं जबकि उनके खेलने, पढ़ने और खुश रहने के लिए सभी संसाधन उपलब्ध हैं।

  • कविता में बच्चों के काम पर जाने की पीड़ा को कोहरे से ढकी सड़क की छवि के माध्यम से व्यक्त किया गया है।
  • कवि ने बच्चों के काम पर जाने को सवाल के रूप में प्रस्तुत किया है, जिससे समस्या की गंभीरता उजागर होती है।
  • कविता में बच्चों के खेलने, पढ़ने और खिलौनों की उपलब्धता के बावजूद काम पर जाने की विडंबना बताई गई है।
  • यह कविता बाल श्रम, सामाजिक उदासीनता और बच्चों के अधिकारों की अनदेखी पर सवाल उठाती है।
  • कवि ने बच्चों के बचपन छीन लिए जाने की पीड़ा को गहरे भाव से व्यक्त किया है।
  • 📌 बाल श्रम: बच्चों द्वारा उनकी उम्र के अनुसार अनुचित कार्य करना।
  • 📌 सामाजिक उदासीनता: समाज की समस्या के प्रति अनदेखी या बेरुखी।
  • 📌 विडंबना: विरोधाभास या विरोधी स्थिति।

प्रश्न-अभ्यास

व्याख्या

प्रश्न-अभ्यास

इस खंड में कविता 'बच्चे काम पर जा रहे हैं' से संबंधित महत्वपूर्ण प्रश्न दिए गए हैं, जिनका उद्देश्य छात्रों को कविता के भाव, भाषा, और सामाजिक संदर्भों को समझना है। प्रश्नों में कविता की पहली दो पंक्तियों से उत्पन्न चित्र को लिखने, कवि के प्रश्न के रूप

अभ्यास प्रश्नChapter 13

NCERT अभ्यास प्रश्न और उत्तर सहित

Q1.इस कविता में ‘अश्रु स्वेद-रक्त से लथपथ’ – किसे कहा गया है?
A.गर्मी से परेशान मानव को
B.रोते हुए मानव को
C.घायल मानव को
D.संघर्षशील मानव को

उत्तर:

संघर्षशील मानव को

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Q2.कवि ने लोगों को किससे संघर्ष करने की प्रेरणा दी है?
A.आतंकवादियों से
B.बीमारियों से
C.विपत्तियों से
D.शत्रुओं से

उत्तर:

विपत्तियों से

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Q3.‘माँग मत’ में कौन-सा अलंकार है?
A.उपमा
B.यमक
C.उत्प्रेक्षा
D.अनुप्रास

उत्तर:

अनुप्रास

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Q4.‘अग्नि पथ’ किसका प्रतीक है?
A.जगमगाते पथ का
B.संघर्षमय जीवन का
C.जलते दीपों का
D.उज्ज्वल मार्ग का

उत्तर:

संघर्षमय जीवन का

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Q5.कौन-सा शब्द ‘वृक्ष’ का पर्यायवाची है?
A.विटप
B.कानन
C.बिपिन
D.अरण्य

उत्तर:

विटप

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Q6.इनमें से कौन-सी रचना ‘बच्चन’ जी की नहीं है?
A.मधुशाला
B.मधुबाला
C.मधुकलश
D.मधुमाला

उत्तर:

मधुमाला

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Q7.‘अग्नि पथ’ कविता के कवि ‘बच्चन’ जी का पूरा नाम बताएँ ।
A.रघुवंश राय बच्चन
B.डॉ. हरिवंश राय बच्चन
C.डॉ. रघुवंश राय बच्चन
D.हरवंश राय बच्चन

उत्तर:

डॉ. हरिवंश राय बच्चन

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Q8.‘अग्नि पथ’ कविता में किसकी महत्ता का वर्णन है?
A.समय की
B.धन की
C.श्रम की
D.देश की

उत्तर:

श्रम की

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