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Theories of Entrepreneurship 22

🎓 Vardhman Mahaveer Open University📖 SLM - Entrepreneurship & Small Scale Businesses (Hindi)📖 9 नोट्स⏱️ ~14 मिनट

Theories of Entrepreneurship 22अध्ययन नोट्स

NCERT-संरेखित · 9 नोट्स · 3 निःशुल्क दिखाए गए

2.1 उद्यमिता के सिद्धांतों का परिचय

व्याख्या

2.1 उद्यमिता के सिद्धांतों का परिचय

इस खंड में उद्यमिता के सिद्धांतों का परिचय दिया गया है। उद्यमिता वह प्रक्रिया है जिसमें व्यक्ति नवीन विचारों के साथ व्यवसाय की शुरुआत करता है, जोखिम उठाता है और संसाधनों का समुचित उपयोग करता है। उद्यमिता के सिद्धांत विभिन्न विचारधाराओं पर आधारित हैं, जो यह समझाते हैं कि एक उद्यमी कैसे सोचता है, कार्य करता है और समाज में बदलाव लाता है। इन सिद्धांतों के अध्ययन से हमें उद्यमिता की प्रकृति, उद्देश्य और समाज में उसकी भूमिका का ज्ञान प्राप्त होता है। उद्यमिता के सिद्धांतों का विकास विभिन्न विद्वानों द्वारा किया गया है, जिनमें आर्थिक, मनोवैज्ञानिक, सामाजिक और सांस्कृतिक दृष्टिकोण शामिल हैं। प्रत्येक सिद्धांत उद्यमिता के किसी विशेष पहलू को उजागर करता है, जैसे कि नवाचार, जोखिम, प्रेरणा, सामाजिक प्रभाव आदि।

  • उद्यमिता के सिद्धांत उद्यमी की सोच और कार्यप्रणाली को समझाते हैं।
  • विभिन्न दृष्टिकोणों से सिद्धांतों का विकास हुआ है।
  • सिद्धांतों के अध्ययन से उद्यमिता की प्रकृति का ज्ञान मिलता है।
  • उद्यमिता समाज में बदलाव लाने का माध्यम है।
  • सिद्धांत नवाचार, जोखिम, प्रेरणा आदि पहलुओं को उजागर करते हैं।
  • 📌 उद्यमिता: व्यवसाय की शुरुआत और संचालन की प्रक्रिया।
  • 📌 सिद्धांत: किसी विषय के अध्ययन के लिए स्थापित नियम या विचार।

2.2 आर्थिक सिद्धांत

अवधारणा

2.2 आर्थिक सिद्धांत

आर्थिक सिद्धांत उद्यमिता को आर्थिक दृष्टिकोण से समझाता है। इसके अनुसार, उद्यमी आर्थिक संसाधनों का समुचित उपयोग करता है और बाजार में मांग-आपूर्ति के अनुसार व्यवसाय का संचालन करता है। आर्थिक सिद्धांत के अनुसार, उद्यमी लाभ कमाने के लिए जोखिम उठाता है और नवाचार करता है। यह सिद्धांत कहता है कि उद्यमिता आर्थिक विकास का प्रमुख स्रोत है। प्रसिद्ध अर्थशास्त्री जैसे कि जे.बी. साय, शूम्पेटर आदि ने आर्थिक सिद्धांतों को विकसित किया है। शूम्पेटर के अनुसार, उद्यमी 'नवाचार' का जनक है और वह उत्पादन प्रक्रिया में बदलाव लाता है।

  • आर्थिक सिद्धांत में उद्यमी को संसाधनों का प्रबंधक माना जाता है।
  • उद्यमी बाजार की मांग-आपूर्ति के अनुसार निर्णय लेता है।
  • लाभ कमाना और नवाचार करना मुख्य उद्देश्य है।
  • आर्थिक विकास में उद्यमिता की महत्वपूर्ण भूमिका है।
  • शूम्पेटर ने नवाचार को उद्यमिता का मुख्य तत्व बताया।
  • 📌 आर्थिक सिद्धांत: उद्यमिता का आर्थिक दृष्टिकोण।
  • 📌 नवाचार: नए विचारों या उत्पादों का सृजन।

2.3 मनोवैज्ञानिक सिद्धांत

अवधारणा

2.3 मनोवैज्ञानिक सिद्धांत

मनोवैज्ञानिक सिद्धांत उद्यमिता को व्यक्ति की मानसिकता, प्रेरणा और व्यक्तित्व के आधार पर समझाता है। इसके अनुसार, उद्यमी में विशेष गुण होते हैं जैसे आत्म-प्रेरणा, जोखिम उठाने की क्षमता, नेतृत्व, रचनात्मकता आदि। प्रसिद्ध मनोवैज्ञानिक मैक्लीलैंड ने 'प्रे