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Chapter 2

🎓 Vardhman Mahaveer Open University📖 SLM - Object Orientated Programming in C ++ (Hindi)📖 11 नोट्स⏱️ ~17 मिनट

Chapter 2अध्ययन नोट्स

NCERT-संरेखित · 11 नोट्स · 3 निःशुल्क दिखाए गए

2.1 परिचय

व्याख्या

2.1 परिचय

इस अनुभाग में C++ प्रोग्रामिंग भाषा का परिचय दिया गया है। C++ एक उच्च स्तरीय (High Level) और वस्तुनिष्ठ (Object Oriented) प्रोग्रामिंग भाषा है, जिसे 1980 के दशक में Bjarne Stroustrup द्वारा विकसित किया गया था। C++ का विकास C भाषा के विस्तार के रूप में हुआ, जिसमें वस्तु-आधारित प्रोग्रामिंग की विशेषताएँ जोड़ी गईं। C++ का उद्देश्य जटिल सॉफ़्टवेयर को अधिक संरचित, मॉड्यूलर और पुनः उपयोग योग्य बनाना है। C++ में क्लास, ऑब्जेक्ट, इनकैप्सुलेशन, इनहेरिटेंस, और पोलिमॉर्फिज्म जैसी अवधारणाएँ शामिल हैं, जो सॉफ़्टवेयर विकास को सरल और प्रभावी बनाती हैं। C++ का उपयोग सिस्टम सॉफ़्टवेयर, गेम डेवलपमेंट, ग्राफिक्स, डिवाइस ड्राइवर, और विभिन्न एप्लिकेशन सॉफ़्टवेयर के निर्माण में किया जाता है।

  • C++ का विकास Bjarne Stroustrup ने किया।
  • यह C भाषा का विस्तार है जिसमें वस्तुनिष्ठ प्रोग्रामिंग की विशेषताएँ हैं।
  • C++ में क्लास और ऑब्जेक्ट की अवधारणा प्रमुख है।
  • यह संरचित और मॉड्यूलर प्रोग्रामिंग को प्रोत्साहित करता है।
  • C++ का उपयोग विभिन्न क्षेत्रों में किया जाता है।
  • 📌 C++: एक उच्च स्तरीय वस्तुनिष्ठ प्रोग्रामिंग भाषा।
  • 📌 ऑब्जेक्ट: डेटा और फंक्शन का संयोजन।
  • 📌 क्लास: ऑब्जेक्ट का खाका या टेम्पलेट।

2.2 C++ की विशेषताएँ

अवधारणा

2.2 C++ की विशेषताएँ

इस अनुभाग में C++ की प्रमुख विशेषताओं का विस्तार से वर्णन किया गया है। C++ वस्तुनिष्ठ प्रोग्रामिंग की अवधारणाओं को अपनाता है, जिसमें डेटा को संरक्षित रखने के लिए इनकैप्सुलेशन, कोड को पुनः उपयोग करने के लिए इनहेरिटेंस, और एक ही नाम के साथ विभिन्न कार्यों को करने के लिए पोलिमॉर्फिज्म जैसी विशेषताएँ शामिल हैं। C++ में ऑपरेटर ओवरलोडिंग, फंक्शन ओवरलोडिंग, टेम्पलेट्स, और एक्सेप्शन हैंडलिंग जैसी उन्नत विशेषताएँ भी हैं। यह भाषा संरचित प्रोग्रामिंग, मॉड्यूलरिटी, और पोर्टेबिलिटी को भी प्रोत्साहित करती है।

  • वस्तुनिष्ठ प्रोग्रामिंग की अवधारणाएँ जैसे क्लास, ऑब्जेक्ट, इनहेरिटेंस, पोलिमॉर्फिज्म।
  • फंक्शन और ऑपरेटर ओवरलोडिंग की सुविधा।
  • टेम्पलेट्स और एक्सेप्शन हैंडलिंग जैसी उन्नत विशेषताएँ।
  • संरचित और मॉड्यूलर प्रोग्रामिंग को बढ़ावा।
  • पोर्टेबिलिटी और पुनः उपयोगिता।
  • 📌 इनकैप्सुलेशन: डेटा और फंक्शन को एक इकाई में बाँधना।
  • 📌 इनहेरिटेंस: एक क्लास का गुण दूसरी क्लास में प्राप्त करना।
  • 📌 पोलिमॉर्फिज्म: एक ही इंटरफेस के माध्यम से विभिन्न कार्य करना।

2.3 C++ का सिंटैक्स और संरचना

व्याख्या

2.3 C++ का सिंटैक्स और संरचना

इस अनुभाग में C++ प्रोग्राम की संरचना और सिंटैक्स का विस्तार से वर्णन किया गया है। एक C++ प्रोग्राम में मुख्यतः हेडर फाइलें, मुख्य फंक्शन (main), वेरिएबल डिक्लेरेशन, स्टेटमेंट्स, और आउटपुट स्टेटमेंट्स होते हैं। प्रत्येक C++ प्रोग्राम की शुरुआत #inclu