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Chapter 9

🎓 Class 9📖 Ganga📖 9 नोट्स🧠 15 प्रश्न-उत्तर⏱️ ~14 मिनट
Chapter 8अध्याय 9 / 12Chapter 10

Chapter 9अध्ययन नोट्स

NCERT-संरेखित · 9 नोट्स · 3 निःशुल्क दिखाए गए

अध्याय परिचय

व्याख्या

अध्याय परिचय

यह अध्याय हिंदी भाषा और साहित्य के महत्व को समझाने के साथ शुरू होता है। इसमें बताया गया है कि हिंदी न केवल भारत की राजभाषा है, बल्कि यह हमारी सांस्कृतिक और सामाजिक पहचान का भी एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। अध्याय में हिंदी भाषा के विकास, उसकी विविधता और उसकी समृद्ध साहित्यिक परंपरा पर प्रकाश डाला गया है। साथ ही, यह भी बताया गया है कि हिंदी भाषा में विभिन्न बोलियाँ और उपभाषाएँ हैं, जो इसे और भी जीवंत बनाती हैं। इस अध्याय में विद्यार्थियों को हिंदी भाषा के प्रति सम्मान और प्रेम विकसित करने के लिए प्रेरित किया गया है। हिंदी साहित्य के प्रमुख युगों, जैसे भक्ति काल, रीतिकाल, आधुनिक काल आदि का संक्षिप्त परिचय भी दिया गया है। इसके अतिरिक्त, हिंदी भाषा की सरलता, व्याकरणिक संरचना और उसकी उपयोगिता पर भी चर्चा की गई है। अध्याय का उद्देश्य विद्यार्थियों को हिंदी भाषा के प्रति जागरूक करना और उन्हें हिंदी साहित्य के विभिन्न आयामों से परिचित कराना है।

  • हिंदी भारत की राजभाषा है।
  • हिंदी भाषा की अनेक बोलियाँ और उपभाषाएँ हैं।
  • हिंदी साहित्य के प्रमुख युग: भक्ति काल, रीतिकाल, आधुनिक काल।
  • हिंदी भाषा की सरलता और व्याकरणिक संरचना।
  • हिंदी भाषा सांस्कृतिक पहचान का हिस्सा है।
  • 📌 राजभाषा: वह भाषा जिसे किसी देश या राज्य की आधिकारिक भाषा माना जाता है।
  • 📌 भक्ति काल: हिंदी साहित्य का वह काल जिसमें भक्ति भाव प्रधान था।
  • 📌 रीतिकाल: हिंदी साहित्य का वह काल जिसमें काव्यशास्त्र और शिल्प पर विशेष ध्यान दिया गया।

हिंदी भाषा का इतिहास

व्याख्या

हिंदी भाषा का इतिहास

इस अनुभाग में हिंदी भाषा के इतिहास को विस्तार से समझाया गया है। हिंदी भाषा की उत्पत्ति संस्कृत से हुई है, जो प्राचीन भारत की प्रमुख भाषा थी। संस्कृत से अपभ्रंश भाषा का विकास हुआ, जो बाद में विभिन्न क्षेत्रीय भाषाओं में परिवर्तित हो गई। हिंदी भाषा का विकास मुख्यतः अपभ्रंश से हुआ है। मध्यकालीन काल में हिंदी ने कई रूप लिए, जिनमें ब्रज भाषा, अवधी भाषा, और खड़ी बोली प्रमुख हैं। खड़ी बोली को आधुनिक हिंदी भाषा का आधार माना जाता है। इस काल में कई महान कवि और साहित्यकार हुए जिन्होंने हिंदी साहित्य को समृद्ध किया। आधुनिक हिंदी भाषा का विकास 19वीं सदी में हुआ, जब हिंदी को राजभाषा के रूप में मान्यता मिली। इस समय हिंदी साहित्य में नयी विधाओं का उदय हुआ, जैसे कहानी, उपन्यास, नाटक आदि। इस अनुभाग में हिंदी भाषा के विकास के विभिन्न चरणों को कालानुक्रमिक रूप में समझाया गया है।

  • हिंदी भाषा की उत्पत्ति संस्कृत से हुई।
  • अपभ्रंश भाषा से हिंदी का विकास हुआ।
  • ब्रज, अवधी, खड़ी बोली हिंदी के प्रमुख रूप हैं।
  • खड़ी बोली आधुनिक हिंदी भाषा का आधार है।
  • 19वीं सदी में हिंदी को राजभाषा का दर्जा मिला।
  • 📌 संस्कृत: प्राचीन भारतीय भाषा, हिंदी की मूल भाषा।
  • 📌 अपभ्रंश: संस्कृत से विकसित हुई मध्यकालीन भाषा।
  • 📌 ब्रज भाषा: हिंदी की एक प्राचीन बोली, जो मुख्यतः वृंदावन क्षेत्र में बोली जाती है।

हिंदी साहित्य के युग

व्याख्या

हिंदी साहित्य के युग

इस अनुभाग में हिंदी साहित्य के प्रमुख युगों का विस्तृत परिचय दिया गया है। हिंदी साहित्य के विकास को मुख्यतः चार युगों में बांटा गया है: आदिकाल, भक्ति काल, रीतिकाल और आधुनिक काल। आदिकाल में हिंदी साहित्य की शुरुआत हुई, जिसमें रामायण और महाभारत जैसे मह

अभ्यास प्रश्नChapter 9

15 विस्तृत उत्तर सहित अभ्यास प्रश्न

Q1.हिंदी भाषा को भारत की राजभाषा क्यों माना जाता है?
A.A) क्योंकि यह भारत की सबसे पुरानी भाषा है
B.B) क्योंकि यह देश के विभिन्न हिस्सों के लोगों को जोड़ती है
C.C) क्योंकि यह केवल उत्तर भारत में बोली जाती है
D.D) क्योंकि यह केवल साहित्यकारों द्वारा उपयोग की जाती है

उत्तर:

क्योंकि यह देश के विभिन्न हिस्सों के लोगों को जोड़ती है

व्याख्या:

हिंदी भाषा को भारत की राजभाषा इसलिए माना जाता है क्योंकि यह देश के विभिन्न हिस्सों के लोगों को जोड़ने का माध्यम है। यह भाषा सामाजिक और राष्ट्रीय एकता को बढ़ावा देती है।

Easy
Q2.हिंदी भाषा का विकास किस भाषा से हुआ है?
A.A) संस्कृत
B.B) प्राकृत
C.C) अपभ्रंश
D.D) फारसी

उत्तर:

अपभ्रंश

व्याख्या:

हिंदी भाषा का विकास मुख्यतः अपभ्रंश भाषा से हुआ है, जो संस्कृत से विकसित हुई एक मध्यकालीन भाषा है।

Easy
Q3.हिंदी साहित्य के रीतिकाल के प्रमुख कवि कौन थे?
A.A) तुलसीदास और सूरदास
B.B) माखनलाल चतुर्वेदी और बिहारीलाल
C.C) प्रेमचंद और महादेवी वर्मा
D.D) मीराबाई और कबीर

उत्तर:

माखनलाल चतुर्वेदी और बिहारीलाल

व्याख्या:

रीतिकाल में काव्यशास्त्र और शिल्प पर विशेष ध्यान दिया गया था। इस काल के प्रमुख कवि माखनलाल चतुर्वेदी और बिहारीलाल थे।

Medium
Q4.निम्नलिखित में से कौन-सी हिंदी की पश्चिमी बोली नहीं है?
A.A) हरियाणवी
B.B) राजस्थानी
C.C) मैथिली
D.D) ब्रज

उत्तर:

मैथिली

व्याख्या:

मैथिली बोली बिहार के मिथिला क्षेत्र की प्रमुख बोली है और यह पूर्वी हिंदी भाषाओं में आती है, जबकि हरियाणवी और राजस्थानी पश्चिमी हिंदी बोलियाँ हैं।

Medium
Q5.हिंदी व्याकरण में 'सर्वनाम' का क्या अर्थ है?
A.A) किसी व्यक्ति, स्थान या वस्तु का नाम
B.B) संज्ञा के स्थान पर प्रयुक्त शब्द
C.C) किसी क्रिया का नाम
D.D) विशेषण जो संज्ञा की विशेषता बताता है

उत्तर:

संज्ञा के स्थान पर प्रयुक्त शब्द

व्याख्या:

सर्वनाम वे शब्द होते हैं जो संज्ञा के स्थान पर प्रयुक्त होते हैं, जैसे वह, यह, वे आदि।

Easy
Q6.हिंदी साहित्य के भक्ति काल के प्रमुख कवियों में से एक कौन था?
A.A) बिहारीलाल
B.B) तुलसीदास
C.C) सुमित्रानंदन पंत
D.D) प्रेमचंद

उत्तर:

तुलसीदास

व्याख्या:

भक्ति काल में तुलसीदास, सूरदास, मीराबाई जैसे कवि प्रमुख थे जिन्होंने भगवान की भक्ति में अनेक रचनाएँ कीं।

Easy
Q7.हिंदी साहित्य की कौन-सी विधा में लेखक अपने जीवन की घटनाओं को स्वयं लिखता है?
A.A) नाटक
B.B) यात्रा वृतांत
C.C) आत्मकथा
D.D) निबंध

उत्तर:

आत्मकथा

व्याख्या:

आत्मकथा वह साहित्यिक विधा है जिसमें लेखक अपने जीवन की घटनाओं को स्वयं लिखता है।

Easy
Q8.हिंदी भाषा के संरक्षण के लिए निम्नलिखित में से कौन-सा उपाय सबसे प्रभावी है?
A.A) हिंदी फिल्मों का निर्माण कम करना
B.B) विद्यालयों में हिंदी को प्राथमिक भाषा के रूप में पढ़ाना
C.C) हिंदी साहित्य को छोड़ देना
D.D) हिंदी बोलियों को एकसमान करना

उत्तर:

विद्यालयों में हिंदी को प्राथमिक भाषा के रूप में पढ़ाना

व्याख्या:

हिंदी भाषा के संरक्षण के लिए विद्यालयों में हिंदी को प्राथमिक भाषा के रूप में पढ़ाना आवश्यक है ताकि नई पीढ़ी में भाषा का प्रचार-प्रसार हो सके।

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