Chapter 8
Chapter 8 — अध्ययन नोट्स
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8.1 वैद्युत रसायन का परिचय
व्याख्या8.1 वैद्युत रसायन का परिचय
वैद्युत रसायन (Electrochemistry) रसायन विज्ञान की वह शाखा है जिसमें विद्युत ऊर्जा और रासायनिक ऊर्जा के बीच रूपांतरण का अध्ययन किया जाता है। यह विषय मुख्यतः दो प्रकार की प्रक्रियाओं पर केंद्रित है: (1) रासायनिक अभिक्रियाओं द्वारा विद्युत धारा का उत्पादन (जैसे गैल्वैनिक सेल), और (2) विद्युत धारा प्रवाहित कर रासायनिक परिवर्तन कराना (जैसे विद्युत अपघटन)। वैद्युत रसायन का महत्व आधुनिक विज्ञान और प्रौद्योगिकी में अत्यंत व्यापक है, जैसे बैटरियों, ईंधन कोशिकाओं, विद्युत अपघटन, धातु शोधन, तथा जैविक प्रणालियों में ऊर्जा स्थानांतरण। इस अध्याय में हम वैद्युत रसायन के मूल सिद्धांतों, कोशिकाओं के प्रकार, विद्युत विभव, नर्न्स्ट समीकरण, विद्युत अपघटन, तथा व्यावहारिक अनुप्रयोगों का अध्ययन करेंगे।
- वैद्युत रसायन विद्युत ऊर्जा और रासायनिक ऊर्जा के रूपांतरण का अध्ययन है।
- गैल्वैनिक सेल विद्युत धारा उत्पन्न करते हैं, जबकि इलेक्ट्रोलाइटिक सेल में विद्युत धारा से रासायनिक परिवर्तन होते हैं।
- यह विषय बैटरियों, ईंधन कोशिकाओं, धातु शोधन आदि में अत्यंत महत्वपूर्ण है।
- वैद्युत रसायन में ऑक्सीकरण तथा अपचयन अभिक्रियाओं की भूमिका प्रमुख है।
- इस अध्याय में विद्युत विभव, नर्न्स्ट समीकरण, विद्युत अपघटन आदि का अध्ययन किया जाएगा।
- 📌 वैद्युत रसायन: विद्युत और रासायनिक ऊर्जा के रूपांतरण का अध्ययन।
- 📌 गैल्वैनिक सेल: वह सेल जिसमें रासायनिक अभिक्रिया से विद्युत धारा उत्पन्न होती है।
- 📌 इलेक्ट्रोलाइटिक सेल: वह सेल जिसमें विद्युत धारा प्रवाहित कर रासायनिक परिवर्तन कराए जाते हैं।
8.2 गैल्वैनिक (वोल्टाइक) सेल
अवधारणा8.2 गैल्वैनिक (वोल्टाइक) सेल
गैल्वैनिक या वोल्टाइक सेल वह युक्ति है जिसमें रासायनिक ऊर्जा को विद्युत ऊर्जा में बदला जाता है। इसमें दो भिन्न धातुओं या धातु के आयनों को उनके लवणों के विलयन में डुबोया जाता है और उन्हें एक बाह्य परिपथ द्वारा जोड़ा जाता है। प्रत्येक इलेक्ट्रोड पर ऑक्सीकरण या अपचयन अभिक्रिया होती है। इलेक्ट्रोड, इलेक्ट्रोलाइट, और नमक सेतु (सॉल्ट ब्रिज) मिलकर एक पूर्ण गैल्वैनिक सेल बनाते हैं। गैल्वैनिक सेल में एनोड पर ऑक्सीकरण और कैथोड पर अपचयन होता है। उदाहरण के लिए, डैनियल सेल (Zn-Cu सेल) में जिंक इलेक्ट्रोड एनोड (ऑक्सीकरण स्थल) और तांबा इलेक्ट्रोड कैथोड (अपचयन स्थल) होता है।
- गैल्वैनिक सेल में रासायनिक ऊर्जा से विद्युत ऊर्जा उत्पन्न होती है।
- एनोड पर ऑक्सीकरण और कैथोड पर अपचयन अभिक्रिया होती है।
- सेल में दो इलेक्ट्रोड और एक नमक सेतु होता है।
- डैनियल सेल गैल्वैनिक सेल का प्रमुख उदाहरण है।
- विद्युत धारा बाह्य परिपथ में एनोड से कैथोड की ओर बहती है।
- 📌 एनोड: वह इलेक्ट्रोड जहाँ ऑक्सीकरण होता है।
- 📌 कैथोड: वह इलेक्ट्रोड जहाँ अपचयन होता है।
- 📌 नमक सेतु: आयनों के प्रवाह को संतुलित करने वाली युक्ति।
8.3 विद्युत विभव और इलेक्ट्रोड विभव
व्याख्या8.3 विद्युत विभव और इलेक्ट्रोड विभव
विद्युत विभव (Electric Potential) वह ऊर्जा है जो किसी इलेक्ट्रोड के चारों ओर उपस्थित होती है। इलेक्ट्रोड विभव (Electrode Potential) किसी इलेक्ट्रोड और उसके आयन के विलयन के बीच बनने वाला विभव अंतर है। जब कोई धातु अपने लवण के विलयन में डाली जाती है, तो
SLM - Practical Chemistry (Hindi) के सभी 8 अध्याय
Practical Chemistry · Vardhman Mahaveer Open University