Chapter 7
Chapter 7 — अध्ययन नोट्स
NCERT-संरेखित · 8 नोट्स · 3 निःशुल्क दिखाए गए
परिचय
व्याख्यापरिचय
द्रव्य की कणीय प्रकृति विज्ञान की एक महत्वपूर्ण अवधारणा है, जो बताती है कि सभी पदार्थ छोटे-छोटे कणों से बने होते हैं। ये कण इतने सूक्ष्म होते हैं कि उन्हें सामान्य आंख से देखना संभव नहीं होता। द्रव्य के कण इतने छोटे होते हैं कि वे किसी भी द्रव्य की सबसे छोटी इकाई माने जाते हैं। इस अध्याय में हम द्रव्य के कणों की प्रकृति, उनकी गति, और उनके बीच के आकर्षण बल को विस्तार से समझेंगे। साथ ही, हम ठोस, द्रव और गैस की अवस्थाओं में कणों की स्थिति और व्यवहार का अध्ययन करेंगे। द्रव्य के कणों की समझ से हमें पदार्थों के गुणों को बेहतर ढंग से जानने में सहायता मिलती है।
- द्रव्य सभी छोटे-छोटे कणों से बना होता है।
- कण इतने सूक्ष्म होते हैं कि आंख से नहीं देखे जा सकते।
- कण द्रव्य की सबसे छोटी इकाइयाँ होती हैं।
- द्रव्य की कणीय प्रकृति पदार्थों के गुणों को समझने में मदद करती है।
- 📌 द्रव्य: वह पदार्थ जो स्थान घेरता है और जिसकी मात्रा होती है।
- 📌 कण: द्रव्य की सबसे छोटी इकाई जो पदार्थ के गुणों को बनाए रखती है।
द्रव्य के कण
अवधारणाद्रव्य के कण
द्रव्य के कण अत्यंत छोटे होते हैं और ये कण द्रव्य की सबसे छोटी इकाइयाँ होती हैं। जब हम किसी ठोस पदार्थ जैसे चॉक को तोड़ते हैं, तो वह छोटे-छोटे कणों में विभाजित हो जाता है, परंतु प्रत्येक कण उसी पदार्थ का बना रहता है। इसका अर्थ है कि चॉक के सूक्ष्म कण भी चॉक के ही होते हैं, न कि किसी अन्य पदार्थ के। इस बात को समझने के लिए चॉक को पीसकर उसका महीन चूर्ण बनाया जाता है और फिर उसे और भी छोटे कणों में विभाजित करने का प्रयास किया जाता है। इस प्रक्रिया में यह देखा जाता है कि कणों को तोड़ने पर भी वे अपने मूल पदार्थ के ही रहते हैं। इस प्रकार, द्रव्य के कण पदार्थ के गुणों को बनाए रखते हैं।
- द्रव्य के कण अत्यंत सूक्ष्म होते हैं।
- कणों को तोड़ने पर भी वे अपने मूल पदार्थ के ही रहते हैं।
- कण द्रव्य की सबसे छोटी इकाइयाँ होती हैं।
- कणों को सामान्य आंख से देखना संभव नहीं होता।
- 📌 कणीय प्रकृति: द्रव्य के कणों से बने होने की स्थिति।
- 📌 महीन चूर्ण: किसी ठोस पदार्थ को पीसकर बनाया गया सूक्ष्म कणों का समूह।
ठोस, द्रव और गैस में कणों की स्थिति
व्याख्याठोस, द्रव और गैस में कणों की स्थिति
द्रव्य की तीन अवस्थाएँ होती हैं: ठोस, द्रव और गैस। प्रत्येक अवस्था में कणों की व्यवस्था और गति अलग-अलग होती है। ठोस में कण सघन और नियमित रूप से व्यवस्थित होते हैं, जो उच्च आकर्षण बल के कारण एक-दूसरे के निकट रहते हैं। ठोस के कण अपने स्थान पर उच्च कंपन
अभ्यास प्रश्न — Chapter 7
NCERT अभ्यास प्रश्न और उत्तर सहित
Q1.रजोनिवृत्ति चरण की उम्र _____ है
उत्तर:
45 से 50 वर्ष
Q2.अनिश्चित अंडे में हमेशा __________ गुणसूत्र होते हैं
उत्तर:
X
Q3.एक महिला के पास ____ है
उत्तर:
XX गुणसूत्र
Q4.युग्मक में केवल ______ होते हैंl
उत्तर:
गुणसूत्रों का एक सेट
Q5.निम्नलिखित में से कौन सा नर गोनाड है?
उत्तर:
वृषण
Q6.थायरोक्सिन के उत्पादन के लिए _______ की आवश्यकता होती है
उत्तर:
आयोडीन
Q7.निम्नलिखित में से कौन शिशु के लिंग का निर्धारण करता है?
उत्तर:
गुणसूत्रों
Q8.अग्न्याशय _______ बनाए रखने के लिए जिम्मेदार है
उत्तर:
रक्त शर्करा का स्तर