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Chapter 7

🎓 Class 9📖 Ganga📖 9 notes🧠 15 Q&A⏱️ ~14 min
Chapter 6Chapter 7 of 11Chapter 8

Chapter 7Study Notes

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कन््हहैयालाल मिश्र ‘प्रभाकर’ का परिचय

Explanation

कन््हहैयालाल मिश्र ‘प्रभाकर’ का परिचय

कन््हहैयालाल मिश्र ‘प्रभाकर’ हिंदी साहित्य के एक महत्वपूर्ण कवि और लेखक थे। वे छायावाद के बाद के युग के प्रतिनिधि कवि माने जाते हैं। उनका जन्म 1887 में हुआ था और उन्होंने हिंदी साहित्य को अपनी रचनाओं से समृद्ध किया। प्रभाकर जी की कविताओं में जीवन के विभिन्न पहलुओं का चित्रण मिलता है, जिसमें मानवीय संवेदनाएँ, प्रकृति का सौंदर्य, और सामाजिक विषय प्रमुख हैं। उनका लेखन सरल, सहज और भावपूर्ण है, जिससे पाठक उनके विचारों से आसानी से जुड़ पाते हैं। प्रभाकर जी ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में व्याप्त कुरीतियों, असमानताओं और अन्याय के विरुद्ध आवाज उठाई। उनकी भाषा में लोकजीवन की झलक स्पष्ट रूप से देखने को मिलती है। प्रभाकर जी की रचनाएँ न केवल साहित्यिक दृष्टि से महत्वपूर्ण हैं, बल्कि वे सामाजिक चेतना जगाने का माध्यम भी बनीं। उनकी कविताओं में देशभक्ति की भावना भी प्रबल रूप से व्यक्त हुई है। कुल मिलाकर, कन््हहैयालाल मिश्र ‘प्रभाकर’ हिंदी साहित्य के उन कवियों में से हैं जिन्होंने अपनी सरल भाषा और गहन भावनाओं से हिंदी कविता को नया आयाम दिया।

  • कन््हहैयालाल मिश्र ‘प्रभाकर’ का जन्म 1887 में हुआ।
  • वे छायावाद के बाद के युग के प्रमुख कवि हैं।
  • उनकी कविताओं में जीवन, प्रकृति और समाज के विविध पहलू मिलते हैं।
  • प्रभाकर की भाषा सरल और भावपूर्ण है।
  • उनकी रचनाएँ सामाजिक चेतना जगाने वाली हैं।
  • देशभक्ति उनकी कविताओं की विशेषता है।
  • 📌 छायावाद: हिंदी साहित्य की एक प्रमुख काव्यधारा जो भावनाओं और कल्पना को महत्व देती है।
  • 📌 प्रभाकर: कन््हहैयालाल मिश्र का उपनाम, जो एक प्रसिद्ध हिंदी कवि थे।

प्रभाकर की प्रमुख कविताएँ और उनकी विशेषताएँ

Explanation

प्रभाकर की प्रमुख कविताएँ और उनकी विशेषताएँ

कन््हहैयालाल मिश्र ‘प्रभाकर’ की कविताएँ उनकी रचनात्मकता और सामाजिक जागरूकता का परिचायक हैं। उनकी प्रमुख कविताओं में 'वृक्ष', 'देशभक्ति', 'सपने', और 'जीवन' शामिल हैं। इन कविताओं में उन्होंने जीवन के विभिन्न पहलुओं को सरल भाषा में प्रस्तुत किया है। 'वृक्ष' कविता में उन्होंने वृक्ष के महत्व को बताया है, जो न केवल पर्यावरण के लिए आवश्यक है बल्कि मानव जीवन के लिए भी अनिवार्य है। 'देशभक्ति' कविता में उन्होंने अपने देश के प्रति गहरी प्रेम भावना और स्वतंत्रता की आकांक्षा व्यक्त की है। 'सपने' कविता में उन्होंने युवाओं के सपनों और आकांक्षाओं को उजागर किया है। प्रभाकर की कविताओं की एक विशेषता यह है कि वे लोकजीवन की भाषा और भावनाओं को अपने काव्य में समाहित करते हैं, जिससे उनकी कविताएँ आम जनमानस के दिल को छू जाती हैं। उनकी कविताओं में सामाजिक समरसता, नैतिकता और मानवता के संदेश भी स्पष्ट रूप से मिलते हैं। प्रभाकर की कविताएँ न केवल साहित्यिक दृष्टि से महत्वपूर्ण हैं, बल्कि वे समाज को जागरूक करने का भी माध्यम हैं। उनकी भाषा सरल, स्पष्ट और प्रभावशाली है, जो पाठकों को सहजता से उनके विचारों से जोड़ती है।

  • प्रभाकर की प्रमुख कविताएँ हैं: 'वृक्ष', 'देशभक्ति', 'सपने', 'जीवन'।
  • 'वृक्ष' कविता में पर्यावरण और जीवन के महत्व को दर्शाया गया है।
  • 'देशभक्ति' कविता में देश प्रेम और स्वतंत्रता की भावना है।
  • उनकी कविताओं में लोकजीवन की भाषा और भावनाएँ मिलती हैं।
  • सामाजिक समरसता और मानवता उनके काव्य की विशेषताएँ हैं।
  • भाषा सरल और प्रभावशाली होने के कारण कविताएँ आम जनमानस तक पहुँचती हैं।
  • 📌 वृक्ष: पर्यावरण का महत्वपूर्ण अंग जो जीवन के लिए आवश्यक है।
  • 📌 देशभक्ति: अपने देश के प्रति प्रेम और समर्पण की भावना।

प्रभाकर की कविता 'वृक्ष' का विश्लेषण

Explanation

प्रभाकर की कविता 'वृक्ष' का विश्लेषण

प्रभाकर की कविता 'वृक्ष' प्रकृति प्रेम और पर्यावरण संरक्षण का संदेश देती है। इस कविता में कवि ने वृक्ष को जीवन का आधार बताया है। वृक्ष न केवल हमें फल और छाया देते हैं, बल्कि वे हमारे पर्यावरण को स्वच्छ और स्वस्थ बनाए रखते हैं। कविता में वृक्ष की महत्

Practice QuestionsChapter 7

15 practice questions with detailed answers

Q1.कन््हहैयालाल मिश्र ‘प्रभाकर’ को हिंदी साहित्य में किस युग के प्रतिनिधि कवि माना जाता है?
A.A) छायावाद के बाद का युग
B.B) भक्ति काल
C.C) आधुनिक युग
D.D) रीतिकाल

Answer:

छायावाद के बाद का युग

Explanation:

कन््हहैयालाल मिश्र ‘प्रभाकर’ को छायावाद के बाद के युग के प्रतिनिधि कवि माना जाता है क्योंकि उन्होंने इस युग की भावनाओं और विषयों को अपनी कविताओं में प्रस्तुत किया।

Easy
Q2.प्रभाकर की कविताओं में किन प्रमुख विषयों का चित्रण मिलता है?
A.A) मानवीय संवेदनाएँ, प्रकृति का सौंदर्य, सामाजिक विषय
B.B) वैज्ञानिक खोजें, इतिहास, राजनीति
C.C) आर्थिक विकास, तकनीकी प्रगति, शिक्षा
D.D) खेल-कूद, यात्रा, मनोरंजन

Answer:

मानवीय संवेदनाएँ, प्रकृति का सौंदर्य, सामाजिक विषय

Explanation:

प्रभाकर की कविताओं में जीवन के विभिन्न पहलुओं जैसे मानवीय संवेदनाएँ, प्रकृति का सौंदर्य और सामाजिक विषय प्रमुख रूप से चित्रित होते हैं।

Easy
Q3.प्रभाकर की कविता 'वृक्ष' में वृक्ष का क्या महत्व बताया गया है?
A.A) वृक्ष पर्यावरण को स्वच्छ और स्वस्थ बनाए रखते हैं
B.B) वृक्ष केवल फल देने के लिए होते हैं
C.C) वृक्ष का कोई विशेष महत्व नहीं है
D.D) वृक्ष केवल छाया देने के लिए होते हैं

Answer:

वृक्ष पर्यावरण को स्वच्छ और स्वस्थ बनाए रखते हैं

Explanation:

कवि ने 'वृक्ष' कविता में बताया है कि वृक्ष न केवल फल और छाया देते हैं, बल्कि पर्यावरण को स्वच्छ और स्वस्थ बनाए रखने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

Medium
Q4.प्रभाकर की कविता 'देशभक्ति' में देशभक्ति का अर्थ क्या है?
A.A) देश के लिए हर परिस्थिति में खड़ा रहना और योगदान देना
B.B) केवल देश के लिए गीत गाना
C.C) देश के लिए केवल शब्दों में प्रेम जताना
D.D) केवल स्वतंत्रता संग्राम में भाग लेना

Answer:

देश के लिए हर परिस्थिति में खड़ा रहना और योगदान देना

Explanation:

कवि ने देशभक्ति को कर्म और त्याग के रूप में प्रस्तुत किया है, जिसका अर्थ है अपने देश के लिए हर परिस्थिति में खड़ा रहना और उसके विकास में योगदान देना।

Medium
Q5.प्रभाकर की भाषा और शैली की मुख्य विशेषता क्या है?
A.A) सरल, सहज और प्रभावशाली भाषा
B.B) जटिल और कठिन भाषा
C.C) केवल शास्त्रीय भाषा
D.D) विदेशी शब्दों का अधिक प्रयोग

Answer:

सरल, सहज और प्रभावशाली भाषा

Explanation:

प्रभाकर की भाषा सरल, सहज और प्रभावशाली है, जो लोकजीवन की भाषा की झलक देती है और पाठकों को आसानी से जोड़ती है।

Easy
Q6.प्रभाकर की कविताओं में सामाजिक चेतना किस प्रकार प्रकट होती है?
A.A) कुरीतियों, असमानताओं और अन्याय के विरुद्ध आवाज उठाकर
B.B) केवल प्राकृतिक सौंदर्य का वर्णन करके
C.C) केवल देशभक्ति के गीत गाकर
D.D) केवल धार्मिक विषयों पर लिखकर

Answer:

कुरीतियों, असमानताओं और अन्याय के विरुद्ध आवाज उठाकर

Explanation:

प्रभाकर की कविताओं में सामाजिक चेतना स्पष्ट रूप से कुरीतियों, असमानताओं और अन्याय के विरुद्ध आवाज उठाने के माध्यम से प्रकट होती है।

Medium
Q7.प्रभाकर की कविताओं में प्रकृति का चित्रण किस प्रभाव से प्रेरित है?
A.A) छायावादी प्रभाव
B.B) भक्ति कालीन प्रभाव
C.C) आधुनिक युग का प्रभाव
D.D) रीतिकालीन प्रभाव

Answer:

छायावादी प्रभाव

Explanation:

प्रभाकर की कविताओं में प्रकृति का चित्रण छायावादी प्रभावों से प्रेरित है, जिसमें प्रकृति की छटा और विभिन्न रंगों का वर्णन मिलता है।

Medium
Q8.प्रभाकर की कविता 'सपने' किस विषय को उजागर करती है?
A.A) युवाओं के सपनों और आकांक्षाओं को
B.B) प्रकृति के सौंदर्य को
C.C) देशभक्ति की भावना को
D.D) सामाजिक कुरीतियों को

Answer:

युवाओं के सपनों और आकांक्षाओं को

Explanation:

'सपने' कविता में प्रभाकर ने युवाओं के सपनों और उनकी आकांक्षाओं को उजागर किया है।

Easy