NCERTCh 3निःशुल्क

Chapter 3

🎓 Class 9📖 Arthashastra📖 9 नोट्स🧠 15 प्रश्न-उत्तर⏱️ ~14 मिनट
Chapter 2अध्याय 3 / 4Chapter 4

Chapter 3अध्ययन नोट्स

NCERT-संरेखित · 9 नोट्स · 3 निःशुल्क दिखाए गए

निर्धनता : एक चुनौती

अवधारणा

निर्धनता : एक चुनौती

निर्धनता केवल आय की कमी का नाम नहीं है, बल्कि यह एक व्यापक सामाजिक-आर्थिक समस्या है। इसका अर्थ है कि व्यक्ति या परिवार की बुनियादी आवश्यकताएँ जैसे भोजन, वस्त्र, आवास, शिक्षा, स्वास्थ्य आदि पूरी नहीं हो पातीं। निर्धनता का प्रभाव केवल आर्थिक ही नहीं, बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक स्तर पर भी होता है। निर्धन व्यक्ति को सामाजिक भेदभाव, शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। यह समस्या विकास के मार्ग में बड़ी बाधा है क्योंकि निर्धनता से पीड़ित लोग समाज के मुख्यधारा से कटे रहते हैं और उनके जीवन स्तर में सुधार नहीं हो पाता। निर्धनता की समस्या को समझने के लिए रामसरन की कहानी (चित्र 3.1) एक महत्वपूर्ण उदाहरण है, जहां एक गरीब किसान की जीवन-यात्रा से पता चलता है कि कैसे आर्थिक तंगी और सामाजिक असमानताएँ व्यक्ति को निर्धनता की ओर ले जाती हैं। इस कहानी के माध्यम से यह स्पष्ट होता है कि निर्धनता केवल आर्थिक संसाधनों की कमी नहीं, बल्कि अवसरों की कमी भी है।

  • निर्धनता केवल आय की कमी नहीं, बल्कि बुनियादी आवश्यकताओं की पूर्ति में असमर्थता है।
  • यह सामाजिक, आर्थिक और सांस्कृतिक समस्याओं का मिश्रण है।
  • निर्धन व्यक्ति को शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक अवसरों की कमी का सामना करना पड़ता है।
  • निर्धनता विकास की सबसे बड़ी बाधाओं में से एक है।
  • रामसरन की कहानी से निर्धनता के वास्तविक पहलुओं को समझा जा सकता है।
  • 📌 निर्धनता: वह स्थिति जिसमें व्यक्ति की बुनियादी आवश्यकताएँ पूरी नहीं होतीं।
  • 📌 सामाजिक-आर्थिक समस्या: आर्थिक और सामाजिक दोनों प्रकार की कठिनाइयाँ।

निर्धनता के मामले

व्याख्या

निर्धनता के मामले

निर्धनता के मामलों का अध्ययन करते समय यह समझना आवश्यक है कि निर्धनता केवल आर्थिक दृष्टिकोण से नहीं देखी जानी चाहिए, बल्कि इसके सामाजिक और सांस्कृतिक पहलुओं को भी समझना जरूरी है। निर्धनता के मामलों में आमतौर पर निम्नलिखित लक्षण पाए जाते हैं: भोजन की कमी, उचित वस्त्रों का अभाव, अस्वच्छ आवास, शिक्षा की कमी, स्वास्थ्य सुविधाओं का अभाव, और सामाजिक भेदभाव। इस अनुभाग में विभिन्न निर्धनता के मामलों का विश्लेषण किया गया है, जिनमें ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के निर्धनों की स्थिति, उनकी जीवनशैली, और उनके सामने आने वाली समस्याएँ शामिल हैं। उदाहरण के लिए, ग्रामीण क्षेत्रों में निर्धनता का मुख्य कारण कृषि पर निर्भरता और बेरोजगारी है, जबकि शहरी क्षेत्रों में असंगठित क्षेत्र में काम करने वाले मजदूरों की स्थिति चिंताजनक है। छात्रों को यह समझना चाहिए कि निर्धनता के विभिन्न मामले अलग-अलग कारणों से उत्पन्न होते हैं और इनके समाधान के लिए भी विभिन्न दृष्टिकोण अपनाने की आवश्यकता होती है। इस अनुभाग में दिए गए मुद्दों पर चर्चा करके निर्धनता की जटिलताओं को समझा जा सकता है।

  • निर्धनता के मामले आर्थिक, सामाजिक और सांस्कृतिक पहलुओं से जुड़े होते हैं।
  • ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में निर्धनता के कारण और प्रभाव अलग-अलग होते हैं।
  • भोजन, वस्त्र, आवास, शिक्षा, और स्वास्थ्य की कमी निर्धनता के मुख्य लक्षण हैं।
  • निर्धनता के विभिन्न मामलों का विश्लेषण समाधान के लिए आवश्यक है।
  • सामाजिक भेदभाव निर्धनता को और बढ़ावा देता है।
  • 📌 ग्रामीण निर्धनता: ग्रामीण क्षेत्रों में आर्थिक और सामाजिक समस्याओं के कारण गरीबी।
  • 📌 शहरी निर्धनता: शहरी क्षेत्रों में रोजगार और आवास की कमी से उत्पन्न गरीबी।

निर्धनता का अनुमान और निर्धारण

व्याख्या

निर्धनता का अनुमान और निर्धारण

निर्धनता का अनुमान और निर्धारण करने के लिए विभिन्न मानकों और विधियों का उपयोग किया जाता है। भारत में निर्धनता रेखा (Poverty Line) का निर्धारण मुख्यतः न्यूनतम उपभोग आवश्यकताओं के आधार पर किया जाता है। निर्धनता रेखा वह सीमा है जिसके नीचे रहने वाले व्यक

अभ्यास प्रश्नChapter 3

NCERT अभ्यास प्रश्न और उत्तर सहित

Q1.निम्नलिखित में से कौन सा कथन पृथुकृमि ( Platyhelminthes) की एक विशेषता का वर्णन करता है? कथन I: पृथुकृमि ( Platyhelminthes) की शारीरिक संरचना एनेलिडा की अपेक्षा अधिक जटिल है। कथन II: पृथुकृमि ( Platyhelminthes)के शरीर में द्विपार्श्व सममिति (bilaterally symmterical) होती है। कथन III: पृथुकृमि ( Platyhelminthes)हुक और चूषक की सहायता से पोषक के शरीर से जुड़े रहते हैं।
A.केवल कथन I
B.केवल कथन I और II
C.केवल कथन II और III
D.कथन I, II और III

उत्तर:

केवल कथन II और III

व्याख्या:

[{"id": "9b67c84c-d0bc-4cdb-9f5b-705f9af69443", "type": "html", "value": " कथन II और III पृथुकृमि ( Platyhelminthes) की विशेषताओं का सही वर्णन करता है। कथन I गलत है क्योंकि पृथुकृमि ( Platyhelminthes) की शारीरिक संरचना एनेलिडा की तुलना में कम जटिल है। "}]

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Q2.निम्नलिखित में से कौन सा जीव पोरिफेरा का सदस्य है?
A.साइकॉन
B.हाइड्रा
C.लिवरफ्लूक
D.नेरीस

उत्तर:

साइकॉन

व्याख्या:

[{"id": "36517fce-a2d5-4550-9dfa-9b4bc3ff5a79", "type": "html", "value": " साइकॉन के पूरे शरीर पर कई छिद्र होते हैं। इसका शरीर एक कठोर आवरण या बाहरी कंकाल से ढका होता है। इसकी शारीरिक संरचना सरल होती है और ऊतकों में विभेदित नहीं होती है। इसलिए यह पोरिफेरा के अंतर्गत आता है। हाइड्रा सीलेनटेरेंटा से संबंधित है। लिवरफ्लुक प्लेटीहेल्मिन्थीज से संबंधित है। नेरीस एनेलिडा से संबंधित है। अतः विकल्प 1 सही उत्तर है। "}]

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Q3.निम्नलिखित में से कौन सा कथन सही है?
A.कोरल समुद्र तल पर उपस्थित पोरिफेरन होते हैं।
B.कोरल पोरिफेरन होते हैं जो अकेले रहते हैं।
C.कोरल निडारियन हैं जो अकेले रहते हैं।
D.कोरल निडारियन हैं जो समूहों में रहते हैं।

उत्तर:

कोरल निडारियन हैं जो समूहों में रहते हैं।

व्याख्या:

[{"id": "a3b8bddc-89cf-418b-b5c4-aa3cfeadbeb8", "type": "html", "value": " कोरल निडारिया वर्ग के हैं और ये समूहों में रहते हैं। इसलिए कोरल निडारियन हैं जो समूहों में रहते हैं। "}]

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Q4.निम्नलिखित में से कौन सा जीव सममित (symmetric) है?
A.केकड़ा
B.लिवरफ्लूक
C.केंचुआ
D.ये सभी

उत्तर:

ये सभी

व्याख्या:

[{"id": "88a533f9-5e35-4569-b5d5-6f1f4821bcda", "type": "html", "value": " "}]

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Q5.नताशा एकोएलोमेट (aecoelomate) जीव पर शोध करना चाहती है। नताशा को अध्ययन के लिए किस जीव का चयन करना चाहिए?
A.टिड्डी
B.फ़ीता कृमि (tapeworm)
C.गोल कृमि (roundworm)
D.केंचुआ

उत्तर:

फ़ीता कृमि (tapeworm)

व्याख्या:

[{"id": "0b29921e-dbd2-49d4-87a4-f75968995bed", "type": "html", "value": " वे जीव जिनमें शरीर की गुहा अनुपस्थित होती है, एकोएलोमेटस कहलाते हैं। फ़ीता कृमि (tapeworm) में शरीर की गुहा उपस्थित नहीं होती है। इसलिए यह एकोएलोमेट है। "}]

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Q6.निम्नलिखित में से कौन-सा जीव ऐस्केलमिन्थीज़ से संबंधित नहीं है?
A.गोल कृमि (roundworm)
B.फाइलेरिया कृमि
C.सूचि-कृमि (pinworm)
D.केंचुआ

उत्तर:

केंचुआ

व्याख्या:

[{"id": "c01c7b73-5f0c-4d22-9e1d-4fcec108b04a", "type": "html", "value": " गोल कृमि, फाइलेरिया कृमि, सूचि-कृमि ऐस्केलमिन्थीज़ से संबंधित है जिन्हें निमेटोडा भी कहा जाता है लेकिन केंचुआ एनेलिडा से संबंधित है। "}]

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Q7.निम्नलिखित में से किसमें द्विकारक (diploblastic) जीव होते हैं?
A.ऐनीलिडा
B.निमेटोडा
C.निडारिया
D.प्लेटीहेल्मिन्थीज

उत्तर:

निडारिया

व्याख्या:

[{"id": "20efa489-0e21-4cda-8654-2715f6c48d0a", "type": "html", "value": " कुछ जीवों में कोशिकाओं को दो भ्रूणीय परतों में व्यवस्थित किया जाता है, उन्हें द्विकारक कहा जाता है। उदा. निडारिया के जीव। कुछ जीवों में कोशिकाओं को तीन भ्रूणीय परतों में व्यवस्थित किया जाता है, उन्हें त्रिकारक कहा जाता है। जैसे ऐनीलिडा, निमेटोडा , प्लेटीहेल्मिन्थीज आदि के जीव। "}]

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Q8.संयुक्त पैर वाले जंतु _________ से संबंधित होते हैं।
A.ऐनीलिडा
B.आर्थ्रोपोडा
C.मोलस्का
D.इकाईनोडर्मेटा (Echinodermata)

उत्तर:

आर्थ्रोपोडा

व्याख्या:

[{"id": "7add3831-1594-4972-a213-31e5ccf6288e", "type": "html", "value": " संयुक्त पैर वाले जंतु आर्थ्रोपोडा वर्ग के हैं। "}]

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