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🎓 Vardhman Mahaveer Open University📖 SLM - Social Problems in India (Hindi)📖 9 नोट्स⏱️ ~14 मिनट

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NCERT-संरेखित · 9 नोट्स · 3 निःशुल्क दिखाए गए

2.1 सामाजिक समस्या : अर्थ एवं स्वरूप

व्याख्या

2.1 सामाजिक समस्या : अर्थ एवं स्वरूप

इस अनुभाग में सामाजिक समस्या की परिभाषा, उसके स्वरूप और समाज में उसकी उपस्थिति का विस्तार से वर्णन किया गया है। सामाजिक समस्या वह स्थिति है, जो समाज के एक बड़े हिस्से के लिए अस्वीकार्य, अवांछनीय या हानिकारक होती है। यह समाज के मूल्यों, मान्यताओं और सामाजिक व्यवस्था के विरुद्ध होती है। सामाजिक समस्याएँ समाज के विकास में बाधा उत्पन्न करती हैं और सामाजिक असंतुलन को जन्म देती हैं। सामाजिक समस्याएँ समय, स्थान और संस्कृति के अनुसार बदलती रहती हैं। उदाहरण के लिए, बाल श्रम, दहेज प्रथा, जातिवाद, लैंगिक असमानता, गरीबी आदि। सामाजिक समस्या के स्वरूप में यह देखा जाता है कि यह व्यक्तिगत नहीं, बल्कि सामूहिक होती है और समाज के एक बड़े हिस्से को प्रभावित करती है। सामाजिक समस्या के कारणों में सामाजिक संरचना, सांस्कृतिक मूल्य, आर्थिक असमानता, राजनीतिक व्यवस्था आदि शामिल हैं।

  • सामाजिक समस्या समाज के एक बड़े हिस्से को प्रभावित करती है।
  • यह समाज के मूल्यों और मान्यताओं के विरुद्ध होती है।
  • सामाजिक समस्या का स्वरूप समय, स्थान और संस्कृति के अनुसार बदलता है।
  • सामाजिक समस्याएँ समाज के विकास में बाधा उत्पन्न करती हैं।
  • इनका समाधान सामूहिक प्रयासों से ही संभव है।
  • 📌 सामाजिक समस्या: ऐसी स्थिति जो समाज के एक बड़े हिस्से के लिए अवांछनीय होती है।
  • 📌 मूल्य: समाज द्वारा स्वीकृत आदर्श।
  • 📌 मान्यता: समाज में प्रचलित विश्वास।

2.2 सामाजिक समस्या के लक्षण

अवधारणा

2.2 सामाजिक समस्या के लक्षण

इस अनुभाग में सामाजिक समस्या के प्रमुख लक्षणों का विस्तार से वर्णन किया गया है। सामाजिक समस्या के लक्षणों में सर्वप्रथम उसका सामूहिक स्वरूप है, अर्थात् यह केवल एक व्यक्ति की नहीं बल्कि समाज के एक बड़े हिस्से की समस्या होती है। दूसरा, यह समाज के मूल्यों और मान्यताओं के विरुद्ध होती है। तीसरा, सामाजिक समस्या के कारण समाज में असंतोष, असुरक्षा और अस्थिरता उत्पन्न होती है। चौथा, सामाजिक समस्या का समाधान व्यक्तिगत नहीं, बल्कि सामूहिक प्रयासों द्वारा ही संभव है। पाँचवाँ, सामाजिक समस्या के स्वरूप में समय और स्थान के अनुसार परिवर्तन आता रहता है। छठा, सामाजिक समस्या के कारण समाज में तनाव, संघर्ष और विघटन की स्थिति उत्पन्न होती है।

  • सामाजिक समस्या का सामूहिक स्वरूप होता है।
  • यह समाज के मूल्यों के विरुद्ध होती है।
  • समाज में असंतोष और अस्थिरता उत्पन्न करती है।
  • समाधान के लिए सामूहिक प्रयास आवश्यक हैं।
  • समय और स्थान के अनुसार स्वरूप बदलता है।
  • समाज में तनाव और संघर्ष की स्थिति उत्पन्न करती है।
  • 📌 सामूहिकता: समाज के बड़े हिस्से को प्रभावित करना।
  • 📌 असंतोष: असंतुलन या असंतुष्टि की स्थिति।

2.3 सामाजिक समस्या के कारण

व्याख्या

2.3 सामाजिक समस्या के कारण

इस अनुभाग में सामाजिक समस्या के विभिन्न कारणों का विश्लेषण किया गया है। सामाजिक समस्याएँ अनेक कारणों से उत्पन्न होती हैं, जिनमें सामाजिक, आर्थिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक कारण प्रमुख हैं। सामाजिक कारणों में जातिवाद, वर्गभेद, लैंगिक असमानता, पारिवारिक व