Chapter 2
Chapter 2 — अध्ययन नोट्स
NCERT-संरेखित · 8 नोट्स · 3 निःशुल्क दिखाए गए
स्मृति
व्याख्यास्मृति
इस अध्याय में लेखक श्रीराम शर्मा ने अपनी बचपन की एक घटना का वर्णन किया है, जो स्मृति की शक्ति और साहस को दर्शाती है। कहानी सन् 1908 की है, जब लेखक और उसका छोटा भाई जाड़े के मौसम में मक्खनपुर की ओर जा रहे थे। रास्ते में वे एक कुएँ के पास पहुँचे जहाँ एक काला साँप पड़ा था। लेखक और उसके साथी उस कुएँ में ढेले फेंककर साँप की फुसकार सुनने का खेल करते थे। एक दिन लेखक की टोपी में रखी चिड़ियाँ अचानक कुएँ में गिर गईं। चिड़ियाँ बचाने के लिए लेखक ने साँप के साथ सामना करने का साहस दिखाया। उसने धोती और डंडे की मदद से साँप को नियंत्रित करते हुए कुएँ में उतरकर चिड़ियाँ निकाल लीं। यह घटना लेखक की स्मृति में गहराई से अंकित हो गई। इस कहानी के माध्यम से स्मृति के महत्व, साहस, और दृढ़ संकल्प की भावना को समझाया गया है। लेखक ने बताया कि कैसे बचपन की शरारतें और अनुभव स्मृति में स्थायी रूप से बस जाते हैं। साथ ही, यह भी दिखाया गया है कि जीवन में आने वाली कठिनाइयों और भय को पार कर आगे बढ़ने के लिए साहस और आत्मविश्वास आवश्यक है। लेखक की यह स्मृति न केवल एक व्यक्तिगत अनुभव है, बल्कि यह हमें यह भी सिखाती है कि जीवन में आने वाली चुनौतियों का सामना कैसे किया जाए। यह अध्याय स्मृति की गहराई, उसकी स्थायित्व और उसके प्रभाव को जीवंत रूप में प्रस्तुत करता है।
- लेखक की बचपन की घटना पर आधारित है।
- कुएँ में पड़े साँप और चिड़ियों के माध्यम से कहानी आगे बढ़ती है।
- लेखक ने साहस दिखाकर चिड़ियाँ बचाईं।
- स्मृति में अनुभव और भावनाएँ स्थायी रूप से अंकित हो जाती हैं।
- कठिन परिस्थितियों में धैर्य और आत्मविश्वास का महत्व बताया गया है।
- 📌 स्मृति: अनुभवों और ज्ञान को याद रखने की क्षमता।
- 📌 दृढ़ संकल्प: कठिनाई के बावजूद अपने लक्ष्य को पाने का निश्चय।
- 📌 फुसकार: साँप की धमकी देने वाली आवाज।
कुएँ के पास की घटना
व्याख्याकुएँ के पास की घटना
इस भाग में लेखक ने मक्खनपुर के रास्ते में पड़ने वाले कुएँ के पास की अपनी और अपने साथियों की गतिविधियों का वर्णन किया है। वे बच्चे उस कुएँ में ढेले फेंकते और साँप की फुसकार सुनकर खेलते थे। यह उनके लिए एक मनोरंजक खेल था, जिसमें वे साहस और उत्साह का प्रदर्शन करते थे। लेखक ने बताया कि कैसे वे रोज़ाना इस खेल को दोहराते थे और लेखक स्वयं सबसे आगे रहता था। लेखक की स्मृति में यह घटना इस प्रकार अंकित है कि वे बच्चे उस साँप को चुनौती देते हुए ढेले फेंकते और उसकी फुसकार सुनते थे। यह खेल उनके बचपन की नटखटियों और साहस का प्रतीक था। लेखक ने यह भी बताया कि उस समय उनके लिए डंडा एक प्रकार का हथियार था, जो उन्हें सुरक्षा और शक्ति का अहसास कराता था। यह अनुभाग स्मृति की प्रारंभिक अवस्था को दर्शाता है, जहाँ अनुभव और भावनाएँ गहरे प्रभाव के साथ मन में बस जाती हैं। लेखक की यह स्मृति न केवल एक घटना है, बल्कि बचपन की मासूमियत, खेल और साहस की झलक भी प्रस्तुत करती है।
- बच्चे कुएँ में ढेले फेंककर साँप की फुसकार सुनते थे।
- यह खेल उनकी नटखट प्रवृत्ति और साहस को दर्शाता है।
- लेखक का डंडा उनके लिए सुरक्षा का प्रतीक था।
- यह घटना लेखक की स्मृति में गहराई से अंकित हो गई।
- 📌 ढेला: पत्थर का छोटा टुकड़ा।
- 📌 फुसकार: साँप की धमकी देने वाली आवाज।
- 📌 नटखट: शरारती, चंचल।
चिड़ियों का कुएँ में गिरना और लेखक का निर्णय
व्याख्याचिड़ियों का कुएँ में गिरना और लेखक का निर्णय
इस भाग में लेखक ने बताया है कि कैसे उसकी टोपी में रखी चिड़ियाँ अचानक कुएँ में गिर गईं। यह घटना लेखक के लिए बहुत दुखद और चिंताजनक थी। उसने चिड़ियों को बचाने का दृढ़ निश्चय किया, भले ही उसे साँप के साथ सामना करना पड़े। लेखक ने अपने भय और चिंता के बावज
अभ्यास प्रश्न — Chapter 2
NCERT अभ्यास प्रश्न और उत्तर सहित
Q1.लेखक बड़े भाई से क्यों डरते थे ?
उत्तर:
डाँट और मार के भय से
Q2.लेखक ने चिट्ठियाँ कहाँ रखी थी ?
उत्तर:
सिर की टोपी के नीचे
Q3.लेखक छोटे भाई के साथ चिट्ठियाँ डालने कहाँ जा रहे थे ?
उत्तर:
मक्खनपुर के डाक खाने में
Q4.लेखक ने 'आकाश कुसुम' किसे कहा है ?
उत्तर:
चिट्ठियाँ निकालने के काम को
Q5.कुएँ में उतरते समय लेखक को किस बात का विश्वास था ?
उत्तर:
साँप को डंडे से मारकर चिट्ठी निकालने का
Q6.लेखक को कौन-सी आदत रोजाना की हो गयी थी ?
उत्तर:
मक्खनपुर आते-जाते कुएँ में ढेला फेंकने की
Q7.'स्मृति' पाठ साहित्य की कौन-सी विधा है ?
उत्तर:
कहानी
Q8.‘स्मृति’ पाठ के रचयिता का नाम है -
उत्तर:
श्रीराम शर्मा
Sanchayan के सभी 4 अध्याय
Hindi · Class 9