Chapter 2
Chapter 2 — अध्ययन नोट्स
NCERT-संरेखित · 9 नोट्स · 3 निःशुल्क दिखाए गए
बड़ौदा का बोर्डिंग स्कूल
व्याख्याबड़ौदा का बोर्डिंग स्कूल
यह अनुभाग मकबूल फिदा हुसैन के बचपन और उनके बोर्डिंग स्कूल में दाखिले की कहानी बताता है। मकबूल का दादा गुजर चुका था, जिससे मकबूल मानसिक रूप से उदास और गुमसुम हो गया था। उसके अब्बा ने यह महसूस किया कि मकबूल को घर में अकेला रखने से बेहतर होगा कि उसे बड़ौदा के बोर्डिंग स्कूल में भेजा जाए। मकबूल दिनभर अपने दादा के कमरे में बंद रहता था, दादा की भूरी अचकन ओढ़े रहता था, जैसे दादा के साथ ही सोया हो। वह घर में किसी से बात नहीं करता था। अब्बा ने मकबूल को चाचा के हवाले कर दिया और हुकुम दिया कि उसे बड़ौदा छोड़ आओ ताकि वह पढ़ाई के साथ-साथ मजहबी तालीम, रोजा, नमाज, अच्छे आचरण के चालीस सबक और पाकीजगी के बारह तरीके सीख सके। यहाँ बड़ौदा शहर की महत्ता भी बताई गई है, जो महाराजा सियाजीराव गायकवाड़ का साफ-सुथरा शहर था। शहर में महाराजा की पाँच धातुओं से बनी मूर्ति, शानदार घोड़े पर सवार ‘दौलते बरतानिया’ के मेडेल लटकाए हुए, दूर से ही दिखाई देती थी। यह दृश्य मकबूल के नए जीवन की शुरुआत का प्रतीक है।
- मकबूल का मानसिक उदासी में होना और दादा के निधन के बाद उसका गुमसुम रहना।
- अब्बा का मकबूल को बड़ौदा के बोर्डिंग स्कूल में भेजने का निर्णय।
- स्कूल में मकबूल को पढ़ाई के साथ मजहबी तालीम भी मिलेगी।
- बड़ौदा शहर का सांस्कृतिक और ऐतिहासिक महत्व।
- महाराजा सियाजीराव गायकवाड़ की मूर्ति और शहर की साफ-सफाई।
- 📌 बोर्डिंग स्कूल: वह स्कूल जहाँ छात्र अपने परिवार से दूर रहकर पढ़ाई करते हैं।
- 📌 मजहबी तालीम: धार्मिक शिक्षा।
- 📌 पाकीजगी: शुद्धता, पवित्रता।
दारुलतुलबा मदरसा हुसामिया और मकबूल की दोस्ती
व्याख्यादारुलतुलबा मदरसा हुसामिया और मकबूल की दोस्ती
इस भाग में मकबूल के बोर्डिंग स्कूल के माहौल और वहाँ की शिक्षा व्यवस्था का वर्णन है। दारुलतुलबा मदरसा हुसामिया, जो सिंह बाई माता रोड, गैडी गेट के पास तालाब के किनारे स्थित था, एक प्रसिद्ध सुलेमानी जमात का बोर्डिंग स्कूल था। यहाँ जी.एम. हकीम अब्बास तैयबजी की देख-रेख में छात्रों को नेशनल कांग्रेस और गांधी जी के अनुयायी के रूप में पढ़ाया जाता था। छात्र गांधी टोपी पहनते और खादी का कुरता-पायजामा पहनते थे। मौलवी अकबर धार्मिक विद्वान थे जो कुरान और उर्दू साहित्य के उस्ताद थे। केशवलाल गुजराती भाषा के शिक्षक थे। मेजर अब्दुल्ला पठान स्काउट मास्टर थे और गुलजमा खान बैंड मास्टर। यहाँ मकबूल को छह लड़कों से दोस्ती हुई जो जीवन भर घनिष्ठ रहे। मदरसे में मकबूल ने खेल-कूद में भी भाग लिया और कला में अपनी प्रतिभा दिखाई।
- दारुलतुलबा मदरसा हुसामिया का परिचय और स्थान।
- जी.एम. हकीम अब्बास तैयबजी की देख-रेख।
- छात्रों का गांधी जी के अनुयायी होना और खादी पहनना।
- मौलवी अकबर, केशवलाल, मेजर अब्दुल्ला पठान और गुलजमा खान जैसे शिक्षक।
- मकबूल की छह घनिष्ठ मित्रों से दोस्ती।
- मकबूल की खेल-कूद और कला में रुचि।
- 📌 दारुलतुलबा: छात्रावास।
- 📌 मदरसा: धार्मिक स्कूल।
- 📌 गांधी टोपी: गांधी जी के अनुयायियों द्वारा पहनी जाने वाली टोपी।
मकबूल के दोस्त और उनकी विशेषताएँ
व्याख्यामकबूल के दोस्त और उनकी विशेषताएँ
यह भाग मकबूल के छह दोस्तों का वर्णन करता है जो जीवन भर उसके साथ रहे। ये दोस्त विभिन्न क्षेत्रों में अलग-अलग सफल हुए, फिर भी उनकी दोस्ती कभी कमजोर नहीं पड़ी। पहला दोस्त मोहम्मद इब्राहीम गोहर अली-डभोई का अतर व्यापारी था, छोटा कद, ठहरी हुई नज़रें, गुणो
अभ्यास प्रश्न — Chapter 2
NCERT अभ्यास प्रश्न और उत्तर सहित
Q1.निम्नलिखित में से नाटक के संवाद की विशेषता है -
उत्तर:
प्रभावशाली और छोटे
Q2.नाटक में अनावश्यक दृश्य-
उत्तर:
नाटक की गति को बाधित करते हैं
Q3.नाटक और कहानी के द्वंद्व तत्व में क्या अंतर होता है ?
उत्तर:
नाटक में द्वंद्व तत्व अधिक जबकि कहानी में कम
Q4.‘ऐसी ध्वनि जो दर्शकों को सुनाई देती है पर पात्र द्वारा नहीं अपितु किसी अन्य अदृश्य वक्ता द्वारा बोली जाती है’ उसे क्या कहते हैं ?
उत्तर:
वायस ओवर
Q5.नाटक का प्रमुख तत्व है-
उत्तर:
रंगमंचीयता
Q6.कहानी का सम्बन्ध किस-किससे जुड़ता है ?
उत्तर:
लेखक और पाठक से
Q7.प्रश्न - किसी भी विषय पर विचार करने और उस पर निर्णय लेने के लिए उस विषय से संबंधित एक.................. होती है।
उत्तर:
(क) फाइल
Q8.प्रश्न - सरकारी पत्र किस श्रेणी में आते हैं?
उत्तर:
(ख) औपचारिक
Antral के सभी 2 अध्याय
Hindi · Class 11