Chapter 13 — अध्ययन नोट्स
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12.1 भूमिका
व्याख्या12.1 भूमिका
इस अनुभाग में हम पृष्ठीय क्षेत्रफल और आयतन की अवधारणा से परिचित होते हैं। कक्षा 9 से, आपने घनाभ, शंकु, बेलन और गोला जैसी ठोस आकृतियों के बारे में जाना है। ये आकृतियाँ त्रि-आयामी होती हैं और इनके पृष्ठीय क्षेत्रफल तथा आयतन का अध्ययन गणित में महत्वपूर्ण है। पृष्ठीय क्षेत्रफल से तात्पर्य उस ठोस आकृति की बाहरी सतह के कुल क्षेत्रफल से है, जबकि आयतन उस आकृति के अंदर की जगह को मापता है। दैनिक जीवन में हमें अनेक वस्तुएँ ऐसी मिलती हैं जो एक से अधिक ठोस आकृतियों के संयोजन से बनी होती हैं। उदाहरण के लिए, ट्रक के पीछे रखे कंटेनर का आकार बेलन और अर्धगोले के संयोजन जैसा होता है। इसी प्रकार परखनली भी बेलन और अर्धगोले से मिलकर बनी होती है। इस अध्याय में हम ऐसे संयोजित ठोसों के पृष्ठीय क्षेत्रफल और आयतन को कैसे ज्ञात किया जाता है, इसका अध्ययन करेंगे।
- पृष्ठीय क्षेत्रफल किसी ठोस आकृति की बाहरी सतह का कुल क्षेत्रफल होता है।
- आयतन उस ठोस आकृति के अंदर की जगह को मापता है।
- दैनिक जीवन में कई वस्तुएँ एक से अधिक ठोस आकृतियों के संयोजन से बनी होती हैं।
- ठोस आकृतियों के संयोजन से बने वस्तुओं के पृष्ठीय क्षेत्रफल और आयतन ज्ञात करना आवश्यक होता है।
- 📌 पृष्ठीय क्षेत्रफल: किसी ठोस आकृति की बाहरी सतह का कुल क्षेत्रफल।
- 📌 आयतन: किसी ठोस आकृति के अंदर की जगह।
- 📌 ठोस आकृति: त्रि-आयामी आकृति जैसे घनाभ, बेलन, शंकु, गोला।
12.2 ठोसों के संयोजन का पृष्ठीय क्षेत्रफल
व्याख्या12.2 ठोसों के संयोजन का पृष्ठीय क्षेत्रफल
इस अनुभाग में हम ठोस आकृतियों के संयोजन से बने ठोसों के पृष्ठीय क्षेत्रफल की गणना सीखेंगे। जब दो या अधिक ठोस आकृतियाँ मिलकर एक नई आकृति बनाती हैं, तो उसका पृष्ठीय क्षेत्रफल उन आकृतियों के पृष्ठीय क्षेत्रफल का योग नहीं होता क्योंकि संयोजन के कारण कुछ सतहें छिप जाती हैं। उदाहरण स्वरूप, एक बेलन के दोनों सिरों पर दो अर्धगोले लगाने से बनी आकृति का पृष्ठीय क्षेत्रफल ज्ञात करने के लिए हमें केवल बेलन के वक्रपृष्ठ और दोनों अर्धगोलों के वक्रपृष्ठ क्षेत्रफल को जोड़ना होगा। इसी प्रकार, शंकु और अर्धगोले के संयोजन से बने खिलौने का पृष्ठीय क्षेत्रफल अर्धगोले के वक्रपृष्ठ क्षेत्रफल और शंकु के वक्रपृष्ठ क्षेत्रफल का योग होता है। इस अनुभाग में विभिन्न उदाहरणों के माध्यम से इन अवधारणाओं को समझाया गया है।
- ठोसों के संयोजन से बने ठोस का पृष्ठीय क्षेत्रफल सभी भागों के वक्रपृष्ठीय क्षेत्रफलों के योग के बराबर होता है।
- संयोजन के कारण कुछ सतहें छिप जाती हैं, इसलिए कुल पृष्ठीय क्षेत्रफल का योग नहीं लिया जाता।
- बेलन के दोनों सिरों पर अर्धगोले लगाने से बने ठोस का पृष्ठीय क्षेत्रफल बेलन के वक्रपृष्ठ और दोनों अर्धगोलों के वक्रपृष्ठ क्षेत्रफल का योग होता है।
- शंकु और अर्धगोले के संयोजन से बने खिलौने का पृष्ठीय क्षेत्रफल अर्धगोले के वक्रपृष्ठ और शंकु के वक्रपृष्ठ क्षेत्रफल का योग होता है।
- 📌 वक्र पृष्ठीय क्षेत्रफल (CSA): ठोस आकृति की केवल वक्र सतह का क्षेत्रफल।
- 📌 संयोजन: दो या अधिक ठोस आकृतियों को जोड़कर नई आकृति बनाना।
- 📌 त्रिज्या (r): वृत्त या गोले के केंद्र से किनारे तक की दूरी।
उदाहरण 1: लट्टू का पृष्ठीय क्षेत्रफल
व्याख्याउदाहरण 1: लट्टू का पृष्ठीय क्षेत्रफल
इस उदाहरण में एक लट्टू है जो शंकु के आकार का है और उसके ऊपर एक अर्धगोला लगा हुआ है। लट्टू की पूरी ऊँचाई 5 सेमी है और व्यास 3.5 सेमी है। हमें इस लट्टू के पृष्ठीय क्षेत्रफल की गणना करनी है, ताकि मोमिया रंगों से इसे रंगा जा सके। सबसे पहले, अर्धगोले का व