Chapter 1
Chapter 1 — अध्ययन नोट्स
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ध्वनि क्या है?
परिभाषाध्वनि क्या है?
ध्वनि हमारे चारों ओर होने वाली एक प्राकृतिक घटना है, जो किसी वस्तु के कंपन से उत्पन्न होती है। जब कोई वस्तु कंपन करती है, तो वह अपने आसपास के वायु कणों को भी कंपनित करती है, जिससे ध्वनि तरंगें उत्पन्न होती हैं। ये तरंगें वायु, जल, या ठोस माध्यमों से होकर फैलती हैं। ध्वनि की उत्पत्ति के लिए किसी वस्तु का कंपन आवश्यक होता है। उदाहरण के लिए, जब हम किसी ड्रम को बजाते हैं, तो ड्रम की चमड़ी कंपन करती है और ध्वनि उत्पन्न होती है। ध्वनि तरंगें अनुदैर्ध्य होती हैं, अर्थात् कण कंपन की दिशा में आगे-पीछे हिलते हैं। ध्वनि तरंगों के कारण वायु में संपीड़न और विरलन की अवस्थाएँ बनती हैं, जो ध्वनि के प्रसार का कारण होती हैं। ध्वनि का अनुभव हम अपने कानों से करते हैं, जहाँ ये तरंगें कान के पर्दे को कंपनित करती हैं और मस्तिष्क तक सूचना पहुँचती है।
- ध्वनि किसी वस्तु के कंपन से उत्पन्न होती है।
- ध्वनि तरंगें अनुदैर्ध्य होती हैं।
- ध्वनि के प्रसार के लिए माध्यम आवश्यक है।
- ध्वनि तरंगें संपीड़न और विरलन की अवस्थाएँ बनाती हैं।
- ध्वनि का अनुभव कानों से होता है।
- 📌 ध्वनि: किसी वस्तु के कंपन से उत्पन्न होने वाली तरंगें।
- 📌 अनुदैर्ध्य तरंगें: ऐसी तरंगें जिनमें कण कंपन की दिशा में आगे-पीछे हिलते हैं।
- 📌 संपीड़न: कणों का पास-पास आना।
ध्वनि के गुण
अवधारणाध्वनि के गुण
ध्वनि के तीन मुख्य गुण होते हैं: तीव्रता, स्वर, और आवृत्ति। तीव्रता से तात्पर्य ध्वनि की जोर या कमज़ोरी से है। यह ध्वनि स्रोत की ऊर्जा पर निर्भर करती है; अधिक ऊर्जा से उत्पन्न ध्वनि अधिक तीव्र होती है। स्वर ध्वनि की पहचान और गुणवत्ता को दर्शाता है, जो ध्वनि स्रोत की प्रकृति पर निर्भर करता है। उदाहरण के लिए, एक गिटार और एक पियानो दोनों अलग-अलग स्वर उत्पन्न करते हैं। आवृत्ति वह संख्या है जो एक सेकंड में ध्वनि तरंगों के कंपन की गिनती को दर्शाती है। उच्च आवृत्ति वाली ध्वनि को तीव्र स्वर और निम्न आवृत्ति वाली ध्वनि को मंद स्वर कहा जाता है। इन गुणों के कारण हम विभिन्न ध्वनियों को अलग-अलग पहचान पाते हैं।
- तीव्रता ध्वनि की जोर या कमज़ोरी है।
- स्वर ध्वनि की पहचान और गुणवत्ता को दर्शाता है।
- आवृत्ति से ध्वनि की ऊँचाई या नीचाई निर्धारित होती है।
- तीव्रता ध्वनि स्रोत की ऊर्जा पर निर्भर करती है।
- स्वर ध्वनि स्रोत की प्रकृति पर निर्भर करता है।
- 📌 तीव्रता: ध्वनि की जोर या कमज़ोरी।
- 📌 स्वर: ध्वनि की पहचान और गुणवत्ता।
- 📌 आवृत्ति: एक सेकंड में ध्वनि तरंगों के कंपन की संख्या।
ध्वनि का व्यवहार
व्याख्याध्वनि का व्यवहार
ध्वनि तरंगें विभिन्न माध्यमों में फैलती हैं और उनका व्यवहार कई प्रकार से होता है। ध्वनि की तरंगें सीधे रेखा में फैलती हैं, लेकिन जब वे किसी बाधा से टकराती हैं तो परावर्तित (reflect) हो जाती हैं। इस परावर्तन के कारण ध्वनि की गूंज (Echo) उत्पन्न होती ह
अभ्यास प्रश्न — Chapter 1
NCERT अभ्यास प्रश्न और उत्तर सहित
Q1.क्या निराश हुआ जाए किस विधा की रचना है ?
उत्तर:
निबंध
Q2.लेखक निबंध के द्वारा क्या उजागर करना चाहते हैं ?
उत्तर:
लेखक देश में उपजी सामाजिक बुराइयों के साथ-साथ अच्छाइयों को भी उजागर करने के लिए कहते है।
Q3.लेखक को समाचार पत्र पढ़कर क्या लगता है ?
उत्तर:
समाचार पत्रों को पढ़कर लगता है सच्चाई और ईमानदारी ख़त्म हो गई है।
Q4.टिकट बाबू के चेहरे पर संतोष की गरिमा क्यों थी?
उत्तर:
क्योंकि उन्होंने अपना काम ईमानदारी से किया था
Q5.कविवर रवीन्द्रनाथ ठाकुर ने अपने प्रार्थना गीत में भगवान से क्या प्रार्थना की है?
उत्तर:
मुझे ऐसी शक्ति दो कि मैं तुम्हारे ऊपर संदेह न करूँ।
Q6.मेरे मन! निराश होने की ज़रूरत नहीं।’ ये पंक्ति किसने कही थी
उत्तर:
लेखक
Q7.लेखक ने दस के बजाय कितने रूपये का नोट दे दिया था
उत्तर:
100
Q8.गौतम बुद्ध को पहली भिक्षा किसने दी ?
उत्तर:
दो व्यापारियों ने
व्याख्या:
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