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An Introduction to Banking 1

🎓 Vardhman Mahaveer Open University📖 SLM - Banking and Insurance Management (Hindi)📖 10 नोट्स⏱️ ~15 मिनट

An Introduction to Banking 1अध्ययन नोट्स

NCERT-संरेखित · 10 नोट्स · 3 निःशुल्क दिखाए गए

1.1 बैंकिंग का परिचय

व्याख्या

1.1 बैंकिंग का परिचय

बैंकिंग का अर्थ है, धन के लेन-देन, जमा, ऋण, भुगतान, और अन्य वित्तीय सेवाओं का प्रबंधन। बैंकिंग प्रणाली किसी भी देश की आर्थिक संरचना की रीढ़ होती है। बैंकिंग शब्द 'बैंक' से बना है, जिसका मूल अर्थ है 'बेंच' (Bench), क्योंकि प्राचीन काल में साहूकार बेंच पर बैठकर लेन-देन करते थे। बैंकिंग के माध्यम से लोग अपनी बचत को सुरक्षित रखते हैं और आवश्यकता पड़ने पर ऋण भी प्राप्त कर सकते हैं। बैंकिंग का विकास व्यापार, उद्योग, कृषि और सेवा क्षेत्र के लिए अत्यंत आवश्यक है। बैंकिंग प्रणाली के बिना आर्थिक गतिविधियाँ ठप हो जाती हैं। बैंकिंग का मुख्य उद्देश्य है, धन का संचय, वितरण और आर्थिक विकास में सहायता करना।

  • बैंकिंग का अर्थ है धन के लेन-देन की प्रक्रिया।
  • बैंकिंग प्रणाली आर्थिक विकास के लिए आवश्यक है।
  • बैंक लोगों की बचत को सुरक्षित रखते हैं।
  • बैंक ऋण देकर व्यापार और उद्योग को प्रोत्साहित करते हैं।
  • बैंकिंग के बिना आर्थिक गतिविधियाँ संभव नहीं।
  • 📌 बैंक: वह संस्था जो धन का लेन-देन करती है।
  • 📌 बैंकिंग: बैंक द्वारा दी जाने वाली सेवाओं की प्रक्रिया।

1.2 बैंकिंग का इतिहास

व्याख्या

1.2 बैंकिंग का इतिहास

बैंकिंग का इतिहास बहुत प्राचीन है। भारत में बैंकिंग की शुरुआत वैदिक काल में ही हो गई थी, जब लोग धन उधार देने और लेने लगे थे। मध्यकाल में साहूकार और महाजन बैंकिंग सेवाएँ प्रदान करते थे। आधुनिक बैंकिंग की शुरुआत 18वीं शताब्दी में हुई, जब 1770 में 'हिन्दुस्तान बैंक' की स्थापना हुई। इसके बाद 1806 में 'बैंक ऑफ कलकत्ता' (अब स्टेट बैंक ऑफ इंडिया) की स्थापना हुई। स्वतंत्रता के बाद भारतीय बैंकिंग प्रणाली में कई सुधार हुए, जैसे 1969 में 14 प्रमुख बैंकों का राष्ट्रीयकरण। बैंकिंग के इतिहास से हमें यह समझ में आता है कि किस प्रकार बैंकिंग प्रणाली ने समाज और अर्थव्यवस्था को प्रभावित किया है।

  • भारत में बैंकिंग की शुरुआत वैदिक काल से मानी जाती है।
  • मध्यकाल में साहूकार और महाजन बैंकिंग सेवाएँ देते थे।
  • आधुनिक बैंकिंग की शुरुआत 18वीं शताब्दी में हुई।
  • 1969 में 14 बैंकों का राष्ट्रीयकरण हुआ।
  • बैंकिंग के इतिहास से समाज में आर्थिक विकास की झलक मिलती है।
  • 📌 राष्ट्रीयकरण: सरकार द्वारा निजी बैंकों का अधिग्रहण।
  • 📌 साहूकार: पारंपरिक रूप से धन उधार देने वाले व्यक्ति।

1.3 बैंकिंग के प्रकार

अवधारणा

1.3 बैंकिंग के प्रकार

बैंकिंग के विभिन्न प्रकार होते हैं, जो उनकी सेवाओं और कार्यक्षेत्र के अनुसार विभाजित किए जाते हैं। मुख्य रूप से बैंकिंग के दो प्रकार होते हैं: 1. वाणिज्यिक बैंकिंग (Commercial Banking), 2. सहकारी बैंकिंग (Cooperative Banking)। वाणिज्यिक बैंक मुख्य रू