वैद्युतचुम्बकीय तरंगें: कक्षा 12 के लिए सम्पूर्ण परिचय
द्वारा ConceptScroll Team · प्रकाशित 2 जुलाई 2026 · 4 मिनट का पठन

वैद्युतचुम्बकीय तरंगें विद्युत और चुंबकीय क्षेत्र के दोलनों से उत्पन्न होती हैं जो ऊर्जा का संचार करती हैं। कक्षा 12 के भौतिकी में यह विषय महत्वपूर्ण है क्योंकि यह संचार, चिकित्सा और विज्ञान के कई क्षेत्रों में उपयोगी है।
वैद्युतचुम्बकीय तरंगें क्या हैं?
वैद्युतचुम्बकीय तरंगें (Electromagnetic Waves) वे तरंगें हैं जो विद्युत और चुंबकीय क्षेत्र के दोलनों से उत्पन्न होती हैं। ये तरंगें निर्वात में भी बिना किसी माध्यम के यात्रा कर सकती हैं। मैक्सवेल के समीकरणों के अनुसार, जब एक आवेशित कण त्वरित गति करता है तो यह तरंगें उत्पन्न होती हैं।
मुख्य विशेषताएँ:
- ये तरंगें ट्रांसवर्स होती हैं।
- इनकी गति निर्वात में $3 \times 10^8$ m/s होती है।
- ऊर्जा का संचार करती हैं।
कक्षा 12 के भौतिकी में वैद्युतचुम्बकीय तरंगों का अध्ययन महत्वपूर्ण है क्योंकि ये तरंगें संचार, चिकित्सा और अन्य तकनीकी क्षेत्रों में व्यापक रूप से उपयोग होती हैं।
वैद्युतचुम्बकीय स्पेक्ट्रम और इसके प्रकार
वैद्युतचुम्बकीय तरंगों को उनके तरंगदैर्घ्य (wavelength) के आधार पर वर्गीकृत किया जाता है। इस वर्गीकरण को वैद्युतचुम्बकीय स्पेक्ट्रम कहते हैं। स्पेक्ट्रम में निम्नलिखित प्रकार की तरंगें शामिल हैं:
| प्रकार | तरंगदैर्घ्य (m) | उत्पन्न करने का स्रोत | उपयोग क्षेत्र |
|---|---|---|---|
| रेडियो तरंगें | > 0.1 | चालक तारों में आवेशों का त्वरण | रेडियो, टीवी संचार |
| सूक्ष्म तरंगें | 0.1 से 0.001 | क्लेस्ट्रॉन, मेग्नाट्रॉन वाल्व | रडार, माइक्रोवेव ओवन |
| अवरक्त तरंगें | 1mm से 700nm | गर्म पिंडों और अणुओं के कंपन | तापीय इमेजिंग, दूरसंचार |
| दृश्य प्रकाश तरंगें | 700nm से 400nm | इलेक्ट्रॉन के ऊर्जा स्तर परिवर्तन | मानव दृष्टि, फोटोग्राफी |
| पराबैंगनी तरंगें | 400nm से 1nm | परमाणु के आंतरिक इलेक्ट्रॉन संक्रमण | कीटाणुशोधन, चिकित्सा |
| X-किरणें | 1nm से 10⁻³nm | X-किरण नलिका, आंतरिक इलेक्ट्रॉन | चिकित्सा, सुरक्षा जांच |
| गामा किरणें | < 10⁻³nm | नाभिकीय क्षय | कैंसर उपचार, रेडियोधर्मी जांच |
इस स्पेक्ट्रम में तरंगदैर्घ्य कम होने पर ऊर्जा अधिक होती है।
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वैद्युतचुम्बकीय तरंगों का उत्पादन और संसूचन
वैद्युतचुम्बकीय तरंगें विभिन्न स्रोतों से उत्पन्न होती हैं। इनके उत्पादन के तरीके तरंग के प्रकार पर निर्भर करते हैं:
- रेडियो तरंगें: चालक तारों में आवेशों के त्वरित त्वरण से उत्पन्न होती हैं। जैसे रेडियो एरियल।
- सूक्ष्म तरंगें: क्लेस्ट्रॉन या मेग्नाट्रॉन वाल्व से उत्पन्न होती हैं, जो माइक्रोवेव उपकरणों में उपयोग होती हैं।
- अवरक्त तरंगें: गर्म पिंडों और अणुओं के कंपन से उत्पन्न होती हैं।
- दृश्य प्रकाश: परमाणु में इलेक्ट्रॉन के ऊर्जा स्तर परिवर्तन से निकलती हैं।
- पराबैंगनी, X-किरणें, गामा किरणें: उच्च ऊर्जा स्रोतों जैसे रेडियोधर्मी नाभिकीय क्षय से उत्पन्न होती हैं।
संसूचन (Detection) के लिए भी विभिन्न उपकरण होते हैं जैसे फोटोग्राफिक फिल्म, फोटोसेल, बोलोमीटर आदि।
वैद्युतचुम्बकीय तरंगों के उपयोग
वैद्युतचुम्बकीय तरंगों का जीवन के अनेक क्षेत्रों में महत्वपूर्ण योगदान है:
- संचार: रेडियो, टीवी, मोबाइल नेटवर्क में रेडियो और सूक्ष्म तरंगें उपयोग होती हैं।
- चिकित्सा: X-किरणें और गामा किरणें कैंसर उपचार और इमेजिंग में उपयोग होती हैं।
- रडार और नेविगेशन: सूक्ष्म तरंगें रडार सिस्टम में उपयोगी हैं।
- तापीय इमेजिंग: अवरक्त तरंगों से तापमान मापा जाता है।
- प्रकाश और दृश्य: दृश्य प्रकाश मानव दृष्टि का आधार है।
- कीटाणुशोधन: पराबैंगनी प्रकाश का उपयोग कीटाणुशोधन में होता है।
ये उपयोग NCERT कक्षा 12 के भौतिकी में परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण हैं।
वैद्युतचुम्बकीय तरंगों से संबंधित महत्वपूर्ण सूत्र और उदाहरण
1. तरंग की गति, आवृत्ति और तरंगदैर्घ्य का संबंध:
$$ c = \lambda \nu $$
जहाँ,
- $c$ = तरंग की गति (निर्वात में $3 \times 10^8$ m/s)
- $\lambda$ = तरंगदैर्घ्य (m)
- $\nu$ = आवृत्ति (Hz)
2. संधारित्र में विस्थापन धारा (Displacement Current):
यदि संधारित्र की धारिता $C$, विभवांतर $V$ और आवेश धारा $I$ हो तो,
$$ I = C \frac{dV}{dt} $$
उदाहरण:
एक 12 cm त्रिज्या वाले संधारित्र की धारिता ज्ञात करें, यदि प्लेटों के बीच दूरी 5.0 cm हो।
धारिता का सूत्र:
$$ C = \varepsilon_0 \frac{A}{d} $$
जहाँ,
- $\varepsilon_0 = 8.854 \times 10^{-12} F/m$
- $A = \pi r^2 = \pi \times (0.12)^2 = 0.04524 m^2$
- $d = 0.05 m$
तो,
$$ C = 8.854 \times 10^{-12} \times \frac{0.04524}{0.05} = 8.01 \times 10^{-12} F $$
यह उदाहरण कक्षा 12 के छात्रों के लिए महत्वपूर्ण है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
वैद्युतचुम्बकीय तरंगें किस प्रकार उत्पन्न होती हैं?
ये तरंगें आवेशित कणों के त्वरित त्वरण से उत्पन्न होती हैं, जिससे विद्युत और चुंबकीय क्षेत्र दोलित होते हैं।
वैद्युतचुम्बकीय स्पेक्ट्रम में सबसे कम तरंगदैर्घ्य वाली तरंग कौन सी है?
गामा किरणें सबसे कम तरंगदैर्घ्य (<10⁻³ nm) वाली वैद्युतचुम्बकीय तरंगें होती हैं।
रेडियो तरंगों का उपयोग कहाँ होता है?
रेडियो तरंगें मुख्यतः रेडियो, टीवी और मोबाइल संचार में उपयोग होती हैं।
X-किरणों का मुख्य उपयोग क्या है?
X-किरणें चिकित्सा इमेजिंग और सुरक्षा जांच में उपयोग की जाती हैं।
विस्थापन धारा क्या होती है?
विस्थापन धारा वह धारिता में उत्पन्न धारित धारा है जो आवेश के प्रवाह के बिना विद्युत क्षेत्र के परिवर्तन से बनती है।
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