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स्थिरवैद्युत विभव तथा धारिता: कक्षा 12 के लिए पूर्ण मार्गदर्शिका

द्वारा ConceptScroll Team · प्रकाशित 2 जुलाई 2026 · 4 मिनट का पठन

स्थिरवैद्युत विभव तथा धारिता: कक्षा 12 के लिए पूर्ण मार्गदर्शिका

स्थिरवैद्युत विभव तथा धारिता कक्षा 12 के भौतिकी के महत्वपूर्ण अध्याय हैं। यहां हम इनके मूल सिद्धांत, सूत्र, और प्रयोगों को सरल भाषा में समझेंगे ताकि आप परीक्षा में बेहतर प्रदर्शन कर सकें।

स्थिरवैद्युत विभव और विभवांतर की परिभाषा

स्थिरवैद्युत विभव (Electric Potential) किसी बिंदु पर एकांक धनात्मक आवेश को अनंत से उस बिंदु तक लाने में किए गए कार्य के बराबर होता है। इसे $V$ से दर्शाया जाता है और इसका मात्रक वोल्ट (Volt) है। यह एक स्केलर राशि है, जिसका अर्थ है कि इसमें दिशा नहीं होती।

विभवांतर (Potential Difference) दो बिंदुओं के बीच विभव का अंतर होता है। इसे $V_{AB} = V_A - V_B$ से परिभाषित किया जाता है, जहाँ $V_A$ और $V_B$ क्रमशः बिंदु A और B के विभव हैं। विभवांतर विद्युत धारा के प्रवाह के लिए प्रेरक बल का काम करता है।

मुख्य बिंदु:

  • विभव किसी बिंदु पर विद्युत क्षेत्र की स्थिति बताता है।
  • विभवांतर से पता चलता है कि आवेश को एक बिंदु से दूसरे बिंदु तक लाने में कितना कार्य होता है।

धारिता (Capacitance) क्या है?

धारिता (Capacitance) किसी कैपेसिटर की वह क्षमता है जो वह आवेश संग्रहित कर सकता है, जब उस पर एक निश्चित विभव लगाया जाता है। इसे $C$ से दर्शाया जाता है और इसका SI मात्रक फैराड (Farad) है।

धारिता को परिभाषित किया जाता है:

$$ C = \frac{Q}{V} $$

जहाँ,

  • $Q$ = कैपेसिटर में संग्रहित आवेश (कूलॉम में)
  • $V$ = कैपेसिटर के दोनों टर्मिनलों के बीच विभवांतर (वोल्ट में)

ध्यान दें: 1 फैराड बहुत बड़ी धारिता है, इसलिए प्रायः माइक्रोफैराड ($\mu F$) या पिकोफैराड (pF) में मापा जाता है।

कैपेसिटर के प्रकार:

  • समतल प्लेट कैपेसिटर
  • बेलनाकार कैपेसिटर
  • गोलाकार कैपेसिटर

धारिता कैपेसिटर के भौतिक आयामों और उसके बीच के माध्यम पर निर्भर करती है।

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स्थिरवैद्युत विभव तथा धारिता के बीच संबंध

स्थिरवैद्युत विभव तथा धारिता के बीच गहरा संबंध होता है। कैपेसिटर में आवेश $Q$ और विभव $V$ के बीच संबंध धारिता $C$ के माध्यम से होता है:

$$ Q = CV $$

यह सूत्र दर्शाता है कि किसी कैपेसिटर में आवेश और विभव सीधे अनुपात में होते हैं। जब विभव बढ़ता है, तो आवेश भी बढ़ता है, बशर्ते धारिता स्थिर हो।

कैपेसिटर में ऊर्जा भंडारण: कैपेसिटर में ऊर्जा $U$ निम्नलिखित सूत्र से भंडारित होती है:

$$ U = \frac{1}{2} CV^2 $$

यह ऊर्जा स्थिरवैद्युत क्षेत्र में संग्रहित होती है।

महत्वपूर्ण:

  • विभवांतर कैपेसिटर के टर्मिनलों के बीच होता है।
  • धारिता कैपेसिटर की आवेश संग्रहण क्षमता बताती है।

विभव और विभवांतर के प्रयोग और उदाहरण

स्थिरवैद्युत विभव तथा विभवांतर को समझने के लिए कुछ महत्वपूर्ण प्रयोग और उदाहरण देखें:

उदाहरण 1: यदि 6 माइक्रोकूलॉम ($6 \times 10^{-6} C$) आवेश को 9 वोल्ट की बैटरी के ऋणात्मक से धनात्मक टर्मिनल तक ले जाया जाता है, तो किया गया कार्य होगा:

$$ W = qV = 6 \times 10^{-6} \times 9 = 54 \times 10^{-6} \, J $$

उदाहरण 2: दो आवेश $q$ और $-2q$ एक-दूसरे से दूरी $d$ पर रखे हैं। विभव शून्य किस बिंदु पर होगा?

उत्तर: $q$ से दूरी $\frac{d}{3}$ पर।

प्रयोग: विभव मापन के लिए विभिन्न बिंदुओं पर वोल्टमीटर का उपयोग कर विभवांतर ज्ञात किया जाता है। यह विद्युत क्षेत्र की तीव्रता और दिशा समझने में मदद करता है।

धारिता के प्रकार और कैपेसिटर का निर्माण

धारिता के प्रकार मुख्य रूप से कैपेसिटर के आकार और माध्यम पर निर्भर करते हैं। सामान्यतः निम्न प्रकार के कैपेसिटर होते हैं:

कैपेसिटर का प्रकारविशेषताएँ
समतल प्लेट कैपेसिटरदो समांतर धातु प्लेट, बीच में डाइइलेक्ट्रिक
बेलनाकार कैपेसिटरदो सह-केंद्रित बेलनाकार प्लेट
गोलाकार कैपेसिटरदो सह-केंद्रित गोलाकार आवरण

कैपेसिटर का निर्माण:

  • दो चालक प्लेट
  • बीच में डाइइलेक्ट्रिक पदार्थ (जैसे कागज, प्लास्टिक)

डाइइलेक्ट्रिक पदार्थ कैपेसिटर की धारिता बढ़ाता है क्योंकि यह प्लेटों के बीच विद्युत क्षेत्र को कम करता है।

स्थिरवैद्युत विभव तथा धारिता से जुड़े महत्वपूर्ण सूत्र

यहाँ स्थिरवैद्युत विभव तथा धारिता से जुड़े मुख्य सूत्र दिए गए हैं:

  • विभव: $$ V = \frac{W}{q} $$
  • विभवांतर: $$ V_{AB} = V_A - V_B $$
  • धारिता: $$ C = \frac{Q}{V} $$
  • कैपेसिटर में ऊर्जा: $$ U = \frac{1}{2} CV^2 $$

कैपेसिटर की धारिता (समतल प्लेट):

$$ C = \frac{\epsilon_0 A}{d} $$

जहाँ,

  • $\epsilon_0$ = निर्वात की परमीबिलिटी
  • $A$ = प्लेट का क्षेत्रफल
  • $d$ = प्लेटों के बीच की दूरी

इन सूत्रों को समझना और याद रखना कक्षा 12 के छात्रों के लिए परीक्षा में लाभदायक होगा।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

स्थिरवैद्युत विभव क्या है?

यह किसी बिंदु पर एकांक धनात्मक आवेश को अनंत से लाने में किए गए कार्य के बराबर होता है।

धारिता का SI मात्रक क्या है?

धारिता का SI मात्रक फैराड (Farad) है, जो आवेश और विभव के अनुपात से मापा जाता है।

कैपेसिटर में ऊर्जा कैसे संग्रहीत होती है?

कैपेसिटर में ऊर्जा स्थिरवैद्युत क्षेत्र में $U = \frac{1}{2} CV^2$ के अनुसार संग्रहीत होती है।

विभवांतर का क्या महत्व है?

विभवांतर विद्युत धारा के प्रवाह के लिए प्रेरक बल का काम करता है।

दो आवेशों के बीच विभव शून्य किस बिंदु पर होगा?

यदि आवेश $q$ और $-2q$ दूरी $d$ पर हैं, तो विभव शून्य $q$ से दूरी $\frac{d}{3}$ पर होगा।

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