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पहाड़ से ऊँचा आदमी: तेनजिंग नोर्गे की कहानी और पर्वतारोहण की चुनौतियाँ

द्वारा ConceptScroll Team · प्रकाशित 17 जुलाई 2026 · 4 मिनट का पठन

पहाड़ से ऊँचा आदमी तेनजिंग नोर्गे ने माउंट एवरेस्ट की चोटी पर विजय प्राप्त की। इस लेख में हम उनकी कहानी और पर्वतारोहण की चुनौतियों को कक्षा 11 के छात्रों के लिए सरल हिंदी में समझेंगे।

पहाड़ से ऊँचा आदमी: परिचय और महत्व

कक्षा 11 के हिंदी पाठ्यक्रम में 'पहाड़ से ऊँचा आदमी' अध्याय तेनजिंग नोर्गे की जीवन कहानी पर आधारित है। तेनजिंग नोर्गे एक शेरपा पर्वतारोही थे जिन्होंने एडमंड हिलरी के साथ मिलकर माउंट एवरेस्ट की चोटी पर पहली बार विजय प्राप्त की। यह अध्याय हमें साहस, धैर्य और कठिनाइयों के सामने अडिग रहने की प्रेरणा देता है।

यह कहानी न केवल पर्वतारोहण की तकनीकी चुनौतियों को दर्शाती है, बल्कि मानवीय भावना, सहयोग और संघर्ष की भी मिसाल है। कक्षा 11 के छात्र इस पाठ के माध्यम से जीवन के कठिन दौर में भी उम्मीद और मेहनत का महत्व समझ सकते हैं।

तेनजिंग नोर्गे: जीवन परिचय और उपलब्धियाँ

तेनजिंग नोर्गे का जन्म तिब्बत के खुम्बू क्षेत्र में हुआ था। वे शेरपा जाति से संबंधित थे, जो हिमालय के पर्वतीय क्षेत्रों में रहने वाले लोग हैं। तेनजिंग ने बचपन से ही पर्वतारोहण में रुचि ली और कठिन प्रशिक्षण के बाद एक कुशल पर्वतारोही बन गए।

उनकी सबसे बड़ी उपलब्धि 29 मई 1953 को माउंट एवरेस्ट की चोटी पर एडमंड हिलरी के साथ विजय प्राप्त करना थी। इस सफलता ने उन्हें विश्वभर में प्रसिद्ध कर दिया। तेनजिंग की विनम्रता, धैर्य और साहस ने उन्हें एक आदर्श पर्वतारोही बनाया।

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पर्वतारोहण की मुख्य चुनौतियाँ

पर्वतारोहण एक कठिन और जोखिम भरा कार्य है। इसमें कई चुनौतियाँ सामने आती हैं:

  • ऊँचाई और ऑक्सीजन की कमी: जैसे-जैसे पर्वत की ऊँचाई बढ़ती है, वायुमंडल में ऑक्सीजन की मात्रा कम हो जाती है। इससे शरीर में हाइपोक्सिया (ऑक्सीजन की कमी) होती है, जिससे चक्कर आना, थकान और सांस लेने में कठिनाई होती है।
  • मौसम की कठिनाइयाँ: तेज हवाएं, बर्फीली सतह, हिमस्खलन और तूफानी मौसम पर्वतारोहियों के लिए खतरा बनते हैं।
  • शारीरिक और मानसिक सहनशीलता: ठंड, थकान और खतरनाक रास्तों पर मानसिक दृढ़ता आवश्यक होती है।
  • उपकरण और पोषण: सही उपकरण, ऑक्सीजन सिलेंडर और पोषण पर्वतारोहण के लिए जरूरी हैं।

इन चुनौतियों का सामना करते हुए तेनजिंग और हिलरी ने सफलता प्राप्त की।

माउंट एवरेस्ट की चोटी पर विजय: तेनजिंग और हिलरी की यात्रा

29 मई 1953 को तेनजिंग नोर्गे और एडमंड हिलरी ने माउंट एवरेस्ट की चोटी पर पहली बार विजय प्राप्त की। माउंट एवरेस्ट की ऊँचाई 8,848 मीटर है, जो पृथ्वी का सबसे ऊँचा पर्वत है।

इस यात्रा में उन्होंने कई कठिनाइयों का सामना किया:

  • अत्यधिक ठंड और तेज हवाएं
  • ऑक्सीजन की कमी के कारण सांस लेने में कठिनाई
  • खतरनाक बर्फीले रास्ते और हिमस्खलन का खतरा

उनकी सफलता का श्रेय उनकी टीमवर्क, साहस और मानसिक दृढ़ता को जाता है। इस विजय ने पूरे विश्व को प्रेरित किया।

पर्वतारोहण में ऑक्सीजन की कमी का प्रभाव और समाधान

ऊँचाई बढ़ने पर वायुमंडल में ऑक्सीजन की मात्रा घट जाती है। उदाहरण के लिए, समुद्र तल पर ऑक्सीजन लगभग 21% होती है, जबकि 8,848 मीटर की ऊँचाई पर यह मात्र लगभग 7% रह जाती है। इससे शरीर को पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं मिल पाती, जिससे हाइपोक्सिया की समस्या होती है।

ऑक्सीजन की कमी के प्रभाव:

  • सांस लेने में कठिनाई
  • सिरदर्द और चक्कर
  • थकान और कमजोरी
  • गंभीर मामलों में जीवन जोखिम में

समाधान:

  • पर्वतारोहियों द्वारा ऑक्सीजन सिलेंडर का उपयोग
  • धीरे-धीरे ऊँचाई पर चढ़ाई करना ताकि शरीर अनुकूल हो सके
  • पर्याप्त जलपान और पोषण

नीचे तालिका में समुद्र तल और एवरेस्ट की चोटी पर ऑक्सीजन प्रतिशत का तुलनात्मक विवरण है:

स्थानऊँचाई (मीटर)ऑक्सीजन प्रतिशत
समुद्र तल021%
माउंट एवरेस्ट8,848~7%

तेनजिंग नोर्गे के गुण और प्रेरणा

तेनजिंग नोर्गे ने अपने जीवन में कई गुणों का प्रदर्शन किया जो पर्वतारोहण और जीवन दोनों में महत्वपूर्ण हैं:

  • साहस: कठिन परिस्थितियों में भी डर को परास्त करना।
  • धैर्य: लंबी और थकाऊ यात्राओं में संयम बनाए रखना।
  • टीमवर्क: एडमंड हिलरी के साथ मिलकर काम करना।
  • विनम्रता: अपनी उपलब्धियों को गर्व से नहीं, बल्कि सरलता से स्वीकार करना।
  • सहनशीलता: शारीरिक और मानसिक कठिनाइयों को सहना।

ये गुण न केवल पर्वतारोहण में, बल्कि जीवन के हर क्षेत्र में सफलता के लिए जरूरी हैं। कक्षा 11 के छात्र इनसे प्रेरणा लेकर अपने लक्ष्य प्राप्त कर सकते हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

तेनजिंग नोर्गे कौन थे?

तेनजिंग नोर्गे शेरपा जाति के पर्वतारोही थे जिन्होंने एडमंड हिलरी के साथ माउंट एवरेस्ट की चोटी पर पहली बार विजय प्राप्त की।

माउंट एवरेस्ट की ऊँचाई कितनी है?

माउंट एवरेस्ट की ऊँचाई 8,848 मीटर है, जो पृथ्वी का सबसे ऊँचा पर्वत है।

पर्वतारोहण में ऑक्सीजन की कमी क्यों होती है?

ऊँचाई बढ़ने पर वायुमंडल में ऑक्सीजन की मात्रा कम हो जाती है, जिससे शरीर को पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं मिल पाती।

तेनजिंग नोर्गे ने पर्वतारोहण में कौन-कौन से गुण दिखाए?

उन्होंने साहस, धैर्य, टीमवर्क, विनम्रता और सहनशीलता जैसे गुण दिखाए।

पर्वतारोहण की मुख्य चुनौतियाँ क्या हैं?

ऑक्सीजन की कमी, तेज हवाएं, हिमस्खलन, ठंड और मानसिक तनाव मुख्य चुनौतियाँ हैं।

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