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पहाड़ से ऊँचा आदमी: तेनजिंग नोर्गे की प्रेरक कहानी

द्वारा ConceptScroll Team · प्रकाशित 1 जुलाई 2026 · 3 मिनट का पठन

पहाड़ से ऊँचा आदमी: तेनजिंग नोर्गे की प्रेरक कहानी

पहाड़ से ऊँचा आदमी पाठ में तेनजिंग नोर्गे के साहस, धैर्य और टीमवर्क की कहानी है, जिन्होंने माउंट एवरेस्ट की चोटी पर विजय प्राप्त की। यह पाठ कक्षा 11 के हिंदी विषय में पढ़ाई जाती है।

पहाड़ से ऊँचा आदमी पाठ का परिचय

यह पाठ NCERT कक्षा 11 हिंदी की पुस्तक में शामिल है। इसमें तेनजिंग नोर्गे की जीवन यात्रा और उनकी माउंट एवरेस्ट पर सफल चढ़ाई का वर्णन है। पाठ का मुख्य उद्देश्य छात्रों को साहस, धैर्य और टीमवर्क के महत्व से परिचित कराना है। यह कहानी प्रेरणा देती है कि कैसे कठिनाइयों के बावजूद लक्ष्य प्राप्त किया जा सकता है।

तेनजिंग नोर्गे कौन थे?

तेनजिंग नोर्गे तिब्बत के खुम्बू क्षेत्र के शेरपा जाति से थे। वे एक प्रसिद्ध पर्वतारोही थे जिन्होंने एडमंड हिलरी के साथ मिलकर 29 मई 1953 को माउंट एवरेस्ट की चोटी पर विजय प्राप्त की। उनका जीवन साहस और संघर्ष का प्रतीक है। उन्होंने कठिन मौसम, ऑक्सीजन की कमी और ऊँचाई की चुनौतियों का सामना किया।

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माउंट एवरेस्ट पर्वतारोहण की चुनौतियाँ

माउंट एवरेस्ट की ऊँचाई 8,848 मीटर है। इस ऊँचाई पर वायुमंडल में ऑक्सीजन की मात्रा कम हो जाती है, जिससे पर्वतारोही को सांस लेने में कठिनाई होती है। इसके अलावा, मौसम बहुत ठंडा और हवा तेज़ होती है। पर्वतारोहण के दौरान निम्नलिखित चुनौतियाँ आती हैं:

  • ऑक्सीजन की कमी
  • ठंडे तापमान
  • तेज़ हवाएँ
  • ऊँचाई के कारण शरीर में थकान

पर्वतारोही ऑक्सीजन सिलेंडर का उपयोग करते हैं ताकि वे सुरक्षित रह सकें।

तेनजिंग नोर्गे के गुण और उनकी सफलता के कारण

तेनजिंग नोर्गे ने अपनी पर्वतारोहण यात्राओं में कई गुणों का प्रदर्शन किया:

  • साहस: उन्होंने डर के बावजूद आगे बढ़ना जारी रखा।
  • धैर्य: कठिन परिस्थितियों में शांत और संयमित रहे।
  • टीमवर्क: एडमंड हिलरी के साथ मिलकर काम किया।
  • विनम्रता: सफलता के बाद भी सरल और नम्र बने रहे।

इन गुणों ने उन्हें माउंट एवरेस्ट पर विजय दिलाई।

शब्दार्थ और महत्वपूर्ण शब्दावली

इस पाठ में कई महत्वपूर्ण शब्दों का प्रयोग हुआ है, जिनका अर्थ समझना आवश्यक है। नीचे कुछ शब्द और उनके अर्थ दिए गए हैं:

शब्दअर्थ
पर्वतारोहणऊँचे पर्वतों पर चढ़ाई करना
साहसडर के बावजूद आगे बढ़ना
संघर्षकठिनाइयों से लड़ना
टीमवर्कसमूह में मिलकर काम करना
विनम्रतासरलता और नम्रता
प्रेरणाकिसी कार्य के लिए उत्साह बढ़ाना

छात्रों को इन शब्दों को याद करके वाक्यों में प्रयोग करना चाहिए।

पर्वतारोहण में ऑक्सीजन की कमी का प्रभाव

जैसे-जैसे पर्वत की ऊँचाई बढ़ती है, वायुमंडल में ऑक्सीजन की मात्रा घटती जाती है। इससे पर्वतारोही को सांस लेने में कठिनाई होती है और शरीर पर थकावट का प्रभाव पड़ता है। उदाहरण के लिए, माउंट एवरेस्ट की चोटी पर ऑक्सीजन की मात्रा बहुत कम होती है।

पर्वतारोहण में ऑक्सीजन की कमी के कारण शरीर में निम्नलिखित प्रभाव होते हैं:

  • सांस फूलना
  • कमजोरी
  • सिरदर्द
  • थकान

इसलिए पर्वतारोही ऑक्सीजन सिलेंडर का उपयोग करते हैं ताकि वे सुरक्षित रह सकें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

तेनजिंग नोर्गे कौन थे?

तेनजिंग नोर्गे तिब्बत के खुम्बू क्षेत्र के शेरपा जाति के प्रसिद्ध पर्वतारोही थे।

तेनजिंग नोर्गे ने किस प्रसिद्ध पर्वतारोहण उपलब्धि को प्राप्त किया?

उन्होंने एडमंड हिलरी के साथ मिलकर 29 मई 1953 को माउंट एवरेस्ट की चोटी पर विजय प्राप्त की।

माउंट एवरेस्ट की ऊँचाई कितनी है?

माउंट एवरेस्ट की ऊँचाई 8,848 मीटर है।

पर्वतारोहण में ऑक्सीजन की कमी क्यों होती है?

ऊँचाई बढ़ने पर वायुमंडल में ऑक्सीजन की मात्रा कम हो जाती है, जिससे सांस लेने में कठिनाई होती है।

तेनजिंग नोर्गे ने अपनी सफलता के लिए कौन-कौन से गुण दिखाए?

साहस, धैर्य, टीमवर्क और विनम्रता उनके मुख्य गुण थे।

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