Sanskritकक्षा 9कारक और विभक्तिहिंदी

कारक और विभक्ति | Class 9 Sanskrit Notes

द्वारा ConceptScroll Team · प्रकाशित 17 जुलाई 2026 · 3 मिनट का पठन

कारक और विभक्ति – this guide gives you a concise, exam-ready overview of कारक और विभक्ति from Class 9 Sanskrit, written by ConceptScroll editors and reviewed against the latest NCERT textbook.

सम्बन्ध और सम्बोधन

सम्बन्ध वह होता है जहाँ एक व्यक्ति अथवा वस्तु का दूसरे व्यक्ति अथवा वस्तु से संबंध प्रकट होता है। संस्कृत में सम्बन्ध कारक के लिए षष्ठी विभक्ति का प्रयोग होता है। उदाहरण के लिए, 'रामस्य पुत्रः कुशः गच्छति' में 'रामस्य' सम्बन्ध कारक है। सम्बोधन वह होता है जिसे पुकारा जाए या सम्बोधित किया जाए, जैसे 'हे बालक!'। सम्बोधन का क्रिया से प्रत्यक्ष संबंध नहीं होता, इसलिए सम्बन्ध और सम्बोधन को संस्कृत व्याकरण में कारक नहीं माना जाता। सम्बन्ध कारक वाक्य में संबंध को स्पष्ट करता है जबकि सम्बोधन किसी को सीधे संबोधित करने के लिए होता है।

📊 Diagram: वाक्य 'रामस्य पुत्रः कुशः गच्छति' का चित्र जिसमें 'रामस्य' के नीचे 'सम्बन्ध कारक - षष्ठी विभक्ति' लिखा हो।

🧪 Activity: सम्बन्ध और सम्बोधन वाले वाक्यों की पहचान और अभ्यास।

🔗 Connection: यह खंड विभक्ति की व्याख्या की ओर ले जाता है, जहाँ विभक्तियों के प्रकार और उनके प्रयोग पर विस्तार से चर्चा होती है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्र. 3. उचितविभक्तिप्रयोगं कृत्वा अधोलिखितपदानां सहायतया वाक्यरचनां कुरुत- (i) समम् (ii) धिक् (iii) उभयतः (iv) विना (v) अन्धः (vi) बहि: (vii) प्रवीण: (viii) अलम् (ix) विभेति (x) श्रेष्ठ:

उत्तर: (i) समम् - बालकः समम् गच्छति। (ii) धिक् - धिक् शत्रोः। (iii) उभयतः - उभयतः वृक्षा: सन्ति। (iv) विना - रामः सीता विना वनम् न गच्छति। (v) अन्धः - अन्धः मार्गं न पश्यति। (vi) बहि: - बहि: छात्रा: कोलाहलं कुर्वन्ति। (vii) प्रवीण: - प्रवीणः गायने कुशला: सन्ति। (viii) अलम् - अलम् विवादेन। (ix) विभेति - विभेति चौरात्। (x) श्रेष्ठ: - अर्जुनः श्रेष्ठः धनुर्धरः।

प्र. 4. 'क' स्तम्भे शब्दा: दत्ता: सन्ति, 'ख' स्तम्भे च विभक्तयः। कस्य योगे का विभक्तिः प्रयुज्यते इति योजयित्वा लिखत- 'क' (i) 'रुच्' धातु योगे (ii) 'सह' शब्द योगे (iii) 'नमः' शब्द योगे (iv) 'भी' 'त्रा' धातु योगे (v) 'दा' धातु योगे (vi) कर्तृवाच्यस्य कर्तरि (vii) कर्मवाच्यस्य कर्तरि (viii) 'विना' योगे (ix) यस्मिन् अङ्गे विकार: भवति तस्मिन् (x) कर्मवाच्यस्य कर्मणि 'ख' (क) तृतीया (ख) चतुर्थी (ग) पञ्चमी (घ) चतुर्थी (ङ) प्रथमा (च) तृतीया (छ) चतुर्थी (ज) तृतीया (झ) द्वितीया, तृतीया, पञ्चमी (ञ) प्रथमा

उत्तर: (i) 'रुच्' धातु योगे - चतुर्थी (ख) (ii) 'सह' शब्द योगे - तृतीया (क) (iii) 'नमः' शब्द योगे - चतुर्थी (ख) (iv) 'भी' 'त्रा' धातु योगे - पञ्चमी (ग) (v) 'दा' धातु योगे - चतुर्थी (ख) (vi) कर्तृवाच्यस्य कर्तरि - प्रथमा (ङ) (vii) कर्मवाच्यस्य कर्तरि - तृतीया (च) (viii) 'विना' योगे - तृतीया (ज) (ix) यस्मिन् अङ्गे विकार: भवति तस्मिन् - द्वितीया, तृतीया, पञ्चमी (झ) (x) कर्मवाच्यस्य कर्मणि - प्रथमा (ञ)

प्र. 5. 'स्थूलपदानां' स्थाने शुद्धपदं लिखत- (i) अध्यापिकाया: परित: छात्रा: सन्ति। (ii) छात्र: आचार्याय प्रश्नम् पृच्छति। (iii) सीता लेखन्या: लेखं लिखति। (iv) गोपाल: शिवस्य सह वार्तां करोति। (v) चौरा: आरक्षिणा विभ्यति। (vi) महापुरुषम् नमः। (vii) त्वाम् किम् रोचते? (viii) कवये कालिदास: श्रेष्ठः। (ix) सा गृहकर्मण: निपुणः। (x) अहम् रेलयानात् कालिकातां गमिष्यामि।

उत्तर: (i) अध्यापिकायाः परितः छात्राः सन्ति। (ii) छात्रः आचार्यं प्रश्नम् पृच्छति। (iii) सीता लेखन्या लेखं लिखति। (iv) गोपालः शिवेन सह वार्तां करोति। (v) चौराः आरक्षिणः विभेति। (vi) महापुरुषे नमः। (vii) त्वयि किम् रोचते? (viii) कविः कालिदासः श्रेष्ठः। (ix) सा गृहकर्मणि निपुणा। (x) अहम् रेलयानात् कालिकातां गमिष्यामि।

संस्कृत में 'कारक' किसे कहते हैं?

वाक्य में क्रिया के सम्पादन में सहायता करने वाले को

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