Sanskritकक्षा 9धातरूहिंदी

धातरू | Class 9 Sanskrit Notes

द्वारा ConceptScroll Team · प्रकाशित 17 जुलाई 2026 · 3 मिनट का पठन

धातरू – this guide gives you a concise, exam-ready overview of धातरू from Class 9 Sanskrit, written by ConceptScroll editors and reviewed against the latest NCERT textbook.

संस्कृत के लकार और उनके प्रयोग

संस्कृत व्याकरण में काल, विधि, और मनोभाव के आधार पर दस प्रकार के लकार होते हैं। ये लकार क्रियाओं के विभिन्न कालों और भावों को व्यक्त करते हैं। प्रमुख लकार हैं: लट् (वर्तमानकाल), लिट् (ऐतिहासिक काल), लुट् (भविष्यत् काल, जो अभी नहीं हुआ), लूट् (सामान्य भविष्यत् काल), लेट् (वेदकालीन अनेक काल और मनोभाव), लोट् (आज्ञार्थक), लड् (अन्नद्वतन भूतकाल), लिड् (विधिलिड् और आशीर्लिड्), लुड् (सामान्य भूतकाल), और लृड्। उदाहरण के लिए, लट् लकार वर्तमानकाल को दर्शाता है जैसे 'राम: पठति'। लिट् लकार ऐतिहासिक घटनाओं के लिए होता है जैसे 'राम: रावणं जघान'। लुट् और लूट् लकार भविष्यत् काल के लिए हैं। लोट् लकार आज्ञा देने के लिए प्रयोग होता है। लड् और लुड् लकार भूतकाल के विभिन्न रूप हैं। विधिलिङ् लकार 'चाहिए' के भाव को दर्शाता है। आशीर्लिङ् आशीर्वाद देने के लिए होता है। इस प्रकार लकारों का ज्ञान संस्कृत क्रियाओं के सही प्रयोग के लिए आवश्यक है।

📊 Diagram: No diagrams in this section.

🔗 Connection: यह लकारों की समझ परस्मैपदी तथा आत्मनेपदी क्रियाओं के प्रत्ययों के अध्ययन से जुड़ती है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्र. 1. कोष्ठके प्रदत्तधातो: निर्दिष्टलकारे समुचितप्रयोगेण वाक्यानि पूर्यत— i) बालका: पुस्तकानि ... । (पट्-लट्) ii) पुस्तकानि पठित्वा ते विद्वांस: ... । (भू-लूट्) iii) यूयम् उद्धाने कदा ... । (क्रीड्-लड्) iv) किम् आवाम् अद्य ... । (भ्रम्-लोट्) v) त्वम् ध्यानेन पाठं ... । (पट्-विधिलिङ्) vi) साधव: तप: ... । (तप्-लट्) vii) वयम् उत्तमान् अड्कान् ... । (लभ्-लूट्) viii) नाटकं दृष्ट्वा सर्वे ... । (मुद्-लड्) ix) पितरं वार्धक्ये पुत्र: अवश्यं ... । (सेव्-लोट्) x) हे प्रभो ! संसारे कोऽपि भिक्षां न ... । (याच्-विधिलिङ्)

प्र. 1 के प्रत्येक वाक्य में निर्दिष्ट धातु को दिए गए लकार में प्रयोग करते हुए वाक्य पूर्ण करें:

(i) बालका: पुस्तकानि पठन्ति । (पट्-लट्)

व्याख्या: 'पट्' धातु का लट् लकार वर्तमान काल सूचित करता है।

(ii) पुस्तकानि पठित्वा ते विद्वांस: अभवन् । (भू-लूट्)

व्याख्या: 'भू' धातु का लूट् लकार भूतकाल सूचित करता है।

(iii) यूयम् उद्धाने कदा क्रीडथ । (क्रीड्-लड्)

व्याख्या: 'क्रीड्' धातु का लड् लकार भविष्यत्काल सूचित करता है।

(iv) किम् आवाम् अद्य भ्रमामः । (भ्रम्-लोट्)

व्याख्या: 'भ्रम्' धातु का लोट् लक

प्र. 2. कोष्ठकात् समुचितं क्रियापदं चित्वा वाक्यानि पूर्यत— i) अद्य युवाम् विद्यालयं किमर्थं न ... ? (अगच्छताम्/ अगच्छतम्/अगच्छत) ii) पुरा जना: संस्कृतभाषया ... । (भाषन्ते/भाषामहे/ अभाषन्त) iii) यूयम् कं पाठम् ... ? (अपठत/ अपठत्/ अपठन्) iv) जीवा: सर्वेऽत्र ... भावयन्त: परस्परम् । (मोदताम्/ मोदेताम्/ मोदन्ताम्) v) कक्षायाम् सर्वे ध्यानेन ... । (पठतु/ पठताम्/ पठन्तु) vi) प्रभो मह्यम् बुद्धिम् ... । (यच्छ/ यच्छतम्/ यच्छत) vii) वयं सदैव सुधीरा: सुवीरा: च ... । (भवेव/ भवेम/ भवेयम्) viii) त्वं सायं कुत्र ... ? (गमिष्यसि/ गमिष्यथ:/ गमिष्यथ) ix) विद्वान् सर्वत्र ... । (पूज्यन्ते/ पूज्येते/ पूज्यते) x) अद्यत्वे समाचारपत्रस्य महत्त्वं सर्वे ... । (जानाति/ जानन्ति/ जानासि)

प्र. 2 के प्रत्येक वाक्य में कोष्ठक में दिए गए विकल्पों में से समुचित क्रियापद चुनकर वाक्य पूर्ण करें:

i) अद्य युवाम् विद्यालयं किमर्थं न अगच्छताम् ?

व्याख्या: 'अगच्छताम्' लोट् लकार द्वितीय पुरुष द्विवचन रूप है, जो आज्ञा सूचित करता है।

ii) पुरा जना: संस्कृतभाषया भाषन्ते ।

व्याख्या: 'भाषन्ते' लट् लकार बहुवचन रूप है, वर्तमान काल सूचित करता है।

iii) यूयम् कं पाठम् अपठत् ?

व्याख्या: 'अपठत्' लिट् लकार द्वितीय पुरुष द्विवचन रूप है, भूतकाल सूचित करता है।

iv) जीवा: सर्वेऽत्र मोदताम् भावयन्त: परस्

संस्कृत में जिस शब्द द्वारा किसी कार्य के होने या करने का बोध होता है, उसे क्या कहा जाता है? उदाहरण सहित समझाइए।

धातु वह शब्द है जिससे किसी कार्य के होने या करने का बोध होता है। उदाहरण के लिए, वाक्य 'राम: पुस्तकं पठति' में 'पठ' धातु है जो पढ़ने की क्रिया को दर्शाता है।

संस्कृत धातुओं के गणों का वर्गीकरण कितने प्रकार का है और उनके नामकरण का आधार क्या होता है? उदाहरण सहित समझाइए।

संस्कृत धातुओं को 10 गणों में वर्गीकृत किया गया है। प्रत्येक गण का नाम उस गण में आने वाली प्रथम धातु के आधार पर रखा जाता है। उदाहरण के लिए, भ्वादिगण का आधार 'भू' धातु है और चुरादिगण का आधार 'चुरू' धातु है।

इस अध्याय में महारत हासिल करें

पूरा धातरू अध्याय — इंटरैक्टिव नोट्स, चित्र, हल किए गए प्रश्न, पोल्स और मुफ़्त अभ्यास क्विज़ — ConceptScroll ऐप में।

ConceptScroll में खोलें →

ConceptScroll के साथ स्मार्ट पढ़ें

रोज़ाना एनसीईआरटी रील्स, एआई डाउट सॉल्विंग और अध्याय क्विज़ — सब मुफ़्त।

मुफ़्त सीखना शुरू करें
#cbse notes#class 9#ncert#sanskrit

और पढ़ें