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यतीींद्र मिश्र | Class 9 Hindi Notes

द्वारा ConceptScroll Team · प्रकाशित 17 जुलाई 2026 · 4 मिनट का पठन

यतीींद्र मिश्र | Class 9 Hindi Notes

यतीींद्र मिश्र – this guide gives you a concise, exam-ready overview of यतीींद्र मिश्र from Class 9 Hindi, written by ConceptScroll editors and reviewed against the latest NCERT textbook.

यतींद्र मिश्र के काव्य-संग्रह और प्रमुख रचनाएँ

यतींद्र मिश्र के तीन प्रमुख काव्य-संग्रह प्रकाशित हुए हैं— 'यदा-कदा', 'अयोध्या तथा अन्य कविताएँ', और 'ड्योढ़ी पर आलाप'। इन संग्रहों में उनकी कविताएँ जीवन के विभिन्न पहलुओं को छूती हैं, जैसे प्रकृति, सामाजिक समस्याएँ, मानवीय संवेदनाएँ और आध्यात्मिकता। इसके अतिरिक्त उन्होंने शास्त्रीय गायिका गिरिजा देवी के जीवन और संगीत साधना पर पुस्तक 'गिरिजा' लिखी है। वे रीतिकाल के अंतिम प्रतिनिधि कवि द्विजदेव की ग्रंथावली का सह-संपादन भी कर चुके हैं। इसके अलावा उन्होंने कुंवर नारायण पर केंद्रित दो पुस्तकें और विरासत-2001 कार्यक्रम के लिए रूपंकर कलाओं पर केंद्रित थाती का संपादन किया। आजकल वे स्वतंत्र लेखन के साथ अर्द्धवार्षिक पत्रिका 'सहित' का संपादन भी कर रहे हैं। उनकी रचनाएँ सामाजिक जागरूकता, भावनात्मक गहराई और सांस्कृतिक चिंतन का समन्वय हैं।

📊 Diagram: See figure_3: यतींद्र मिश्र के तीन काव्य-संग्रह प्रकाशित हुए हैं— यदा-कदा, अयोध्या तथा अन्य कविताएँ, ड्योढ़ी पर आलाप। इसके अलावा उन्होंने शास्त्रीय गायिका गिरिजा देवी के जीवन और संगीत साधना पर एक पुस्तक गिरिजा लिखी

🧪 Activity: इस अनुभाग में कोई विशेष गतिविधि नहीं है।

🔗 Connection: यह अनुभाग यतींद्र मिश्र की भाषा और शैली की चर्चा के लिए आधार प्रदान करता है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

1. लता जी ने अपने पिताजी से क्या-क्या सीखा? (क) अनुशासन और नियम के साथ जीना (ख) भय और संशय के साथ जीना (ग) स्वाभिमान और सच्चाई के साथ जीना (घ) चतुराई और संयम के साथ जीना 2. पिताजी की मृत्यु के बाद परिवार सँभालने का लता जी का निर्णय किस जीवन-मूल्य का घोतक है? (क) संघर्ष (ख) निराशा (ग) भौतिकता (घ) कर्तव्यनिष्ठा 3. “बिल्कुल ठेठ गाँवई अंदाज में यह मंगलागौर का उत्सव मनाया जाता है...” ‘मंगलागौर’ के वर्णन से भारतीय समाज की कौन-सी परंपरा उजागर होती है? (क) संगीत पर आधुनिकता का प्रभाव (ख) लोकगीतों की लोकप्रियता में कमी (ग) धार्मिक कार्यक्रमों में संगीत का महत्व (घ) संगीत की महत्वपूर्ण सामाजिक भूमिका 4. “गाव गेला वाहुन, नाव गेला राहुन” — इस कहावत का प्रतीकात्मक अर्थ क्या है? (क) नाव गाँव में नहीं रहती, नदी में बहती है। (ख) इस नश्वर संसार में सब कुछ नष्ट हो जाता है। (ग) फिल्मों में गीत गाने से बहुत प्रसिद्धि मिलती है। (घ) जीवन अस्थायी है, पर कर्म अमर रहते हैं।

1. लता जी ने अपने पिताजी से अनुशासन और नियम के साथ जीना, स्वाभिमान और सच्चाई के साथ जीना सीखा है। अतः सही उत्तर (क) और (ग) हैं।

2. पिताजी की मृत्यु के बाद परिवार सँभालने का निर्णय कर्तव्यनिष्ठा का प्रतीक है, इसलिए सही उत्तर (घ) है।

3. ‘मंगलागौर’ के वर्णन से संगीत की महत्वपूर्ण सामाजिक भूमिका उजागर होती है, अतः सही उत्तर (घ) है।

4. कहावत “गाव गेला वाहुन, नाव गेला राहुन” का प्रतीकात्मक अर्थ है कि जीवन अस्थायी है, पर कर्म अमर रहते हैं, अतः सही उत्तर (घ) है।

5. कोर्स में साथ गाने वाली लड़कियों के साथ लता जी के संबंध कैसे थे? (क) औपचारिक (ख) कामकाजी (ग) आत्मीय (घ) प्रतिस्पर्धात्मक 6. लता मंगेशकर के अनुसार बाबा हरिदास और तानसेन की कथाओं से क्या निष्कर्ष निकाला जा सकता है? (क) संगीत द्वारा दीपक जलाए जा सकते हैं। (ख) मेघराग गाने से वर्षा होने लगती है। (ग) सुर में वाद्य बजाने से तार टूट जाते हैं। (घ) संगीत में अपरिमित शक्ति होती है। 7. पूरे साक्षात्कार में लता मंगेशकर की जो छवि बनती है, वह मुख्यत: कैसी है? (क) सादगी, समर्पण और आत्मसम्मान की (ख) प्रसिद्धि, परिवार को समर्पित और आत्ममुग्ध (ग) कठोर सिद्धांतवादी और व्यावहारिक व्यक्ति (घ) आधुनिकता विरोधी रूढ़िवादी विचारों वाली

5. लता जी के संबंध आत्मीय थे, अतः सही उत्तर (ग) है।

6. बाबा हरिदास और तानसेन की कथाओं से निष्कर्ष है कि संगीत में अपरिमित शक्ति होती है, अतः सही उत्तर (घ) है।

7. पूरे साक्षात्कार में लता मंगेशकर की छवि सादगी, समर्पण और आत्मसम्मान की है, अतः सही उत्तर (क) है।

1. “पिताजी उस समय पूछते थे, ‘समझ गए न?’... इसके बाद वे कहते थे कि ‘अच्छा अब जाओ, बाहर जाकर खेलो।’” यह प्रसंग पारिवारिक अनुशासन और स्नेह के संतुलन का प्रतीक है। कैसे? (संकेत— यहाँ अनुशासन में डर है या सम्मान?)

यह प्रसंग दर्शाता है कि पिताजी अनुशासन के साथ स्नेह भी रखते थे। वे बच्चों से समझदारी से बात करते थे, जिससे बच्चों में डर नहीं बल्कि सम्मान और विश्वास उत्पन्न होता था। ‘समझ गए न?’ पूछकर वे बच्चों की समझ को परखते थे और ‘अच्छा अब जाओ, बाहर जाकर खेलो’ कहकर उन्हें स्वतंत्रता भी देते थे। इस प्रकार अनुशासन और स्नेह का संतुलन बना रहता था।

2. लता मंगेशकर पर अपने पिताजी पं. दीनानाथ मंगेशकर के व्यक्तित्व का क्या प्रभाव पड़ा? उनके कौन-कौन से कार्यों और व्यवहार में उनके पिता का प्रभाव दिखाई देता है?

लता मंगेशकर पर उनके पिता पं. दीनानाथ मंगेशकर का गहरा प्रभाव पड़ा। उनके पिता की अनुशासनप्रियता, संगीत के प्रति समर्पण, कर्तव्यनिष्ठा और सादगी उनके व्यक्तित्व में झलकती है। लता जी के अनुशासन, संगीत के प्रति लगन, और परिवार के प्रति जिम्मेदारी का भाव उनके पिता से प्रेरित है।

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