गोदोहनम् | Class 9 Sanskrit Notes
द्वारा ConceptScroll Team · प्रकाशित 17 जुलाई 2026 · 4 मिनट का पठन

गोदोहनम् – this guide gives you a concise, exam-ready overview of गोदोहनम् from Class 9 Sanskrit, written by ConceptScroll editors and reviewed against the latest NCERT textbook.
श्लोकान्वयः एवं शब्दार्थ
इस खंड में पाठ के मुख्य श्लोकों का अर्थ और उनका व्याख्यान दिया गया है। श्लोकों में जीवन के महत्व, कार्यों की समयबद्धता, और कल्याणकारी कार्यों के महत्व को समझाया गया है। उदाहरण के लिए, मृत्तिकाघट के उदाहरण से जीवन की नश्वरता और कार्यों की अनिवार्यता को दर्शाया गया है।
शब्दार्थ में पाठ में प्रयुक्त कठिन शब्दों के सरल हिंदी अर्थ दिए गए हैं जैसे धेनु: (गाय), विरम (रुको), जिह्वालोलुपताम् (जीभ का लालच), धर्मयात्राम् (धार्मिक यात्रा) आदि। इससे छात्रों को पाठ की समझ में सहायता मिलती है।
यह खंड छात्रों के लिए पाठ के शब्दों और श्लोकों की गहरी समझ प्रदान करता है, जिससे वे पाठ को बेहतर ढंग से समझ सकें।
📊 Diagram: See table_1: Table on page 6 (24×4)
🔗 Connection: यह खंड अभ्यास प्रश्नों से जुड़ता है जो पाठ की समझ को और मजबूत करते हैं।
Table on page 6 (24×4)
| धेनु: | गौ: | गाय | Cow |
|---|---|---|---|
| मन्दस्वरेण | निम्नस्वरेण | धीमी आवाज् में | In low volume |
| मनोहर: | आकर्षक: | मनमोहक | Attractive |
| विरम | तिष्ठ | रूको | Stop |
| जिह्वालोलुपताम् | रसनालोभम् | जीभ का लालच | Fascination of tongue |
| अक्षम: | असमर्थ: | असहाय | Incapable |
| धर्मयात्राम् | तीर्थयात्राम् | धार्मिक यात्रा | Pilgrimage |
| सेटकम् | एकलीटरमितम् | एक लीटर | One liter |
| प्रत्यागता | प्रत्यायाता | लौट आई | Came Back |
| साश्चर्यम् | सविस्मयम् | हैरानी से | With astonishment |
| दुग्धदोहनम् | पयोदोहनम् | दूध दुहना | Milking |
| निरतौ | संलग्नौ | दोनों जुटे हुए | Both involved |
| भङ्गम् | भञ्जनशील | टूटकर समाप्त होने वाला | Breakable |
| विक्रीय | विक्रय कृत्वा | बेचकर | Selling |
| रिक्ता: | शून्या: | खाली | Empty |
| रक्तरञ्जितम् | शोणिताप्लावितम् | खून से सना | Wet with blood |
| अन्योन्यम् | परस्परम् | आपस में | To each other |
| अनुमतिम् | आज्ञा | अनुमति | Permission |
| शुष्कम् | नौरसम् | सूखा | Dry |
| ध्रुवम् | निश्चितम् | निश्चित रूप से | Certainly |
| कल्याणकाळिंणा | कल्याणेच्छुकेन | कल्याण चाहने वाले के द्वारा | By well wisher |
| विषीदति | दु:खम् आप्नोति | दुखी होता है | Gets agony |
| जवनिका | यवनिका | पर्दा | Curtain |
| क्षिप्रम् | द्रुतम् | शीघ्रता से | Quickly |
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
1. एकपदेन उत्तरं लिखत- (क) मल्लिका पूजार्थ सखीभिः सह कुत्र गच्छति स्म? (ख) उमायाः पितामहेन कतिसेटकमितं दुग्धम् अपेक्ष्यते स्म? (ग) कुम्भकारः घटान् किमर्थ रचयति? (घ) कानि चन्दनस्य जिह्वालोलुपतां वर्धयन्ति स्म? (ङ) नन्दिन्याः पादप्रहारैः कः रक्तरञ्चितः अभवत्?
उत्तर: (क) काशीविश्वनाथमन्दिरम्। (ख) त्रिसेटकमितं दुग्धम्। (ग) पूजानिमित्तम्। (घ) मोदकानि। (ङ) चन्दनः।
2. पूर्णवाक्येन उत्तरं लिखत- (क) काल: कस्य रसं पिबति? (ख) घटमूल्यार्थ यदा मल्लिका स्वाभूषणं दातुं प्रयतते तदा कुम्भकारः किं वदति? (ग) मल्लिका चन्दनश्च मासपर्यन्तं धेनोः सेवां कथम् अकुरुताम्? (घ) मल्लिकया किं दृष्ट्रा धेनोः ताडनस्य वास्तविक कारणं ज्ञातम्? (ङ) मासपर्यन्तं धेनोः अदोहनस्य कि कारणमासीत्?
उत्तर: (क) कालः सर्वस्य रसं पिबति। (ख) कुम्भकारः कहता है कि मूल्य तो दूध बेचकर ही दिया जा सकता है। (ग) मल्लिका और चन्दन दोनों ने मासपर्यन्तं धेनु की सेवा की। (घ) मल्लिका ने देखा कि धेनु के ताड़न का वास्तविक कारण मासपर्यन्तं दूध न दुहना था। (ङ) मासपर्यन्तं धेनु का अदोहन इसलिए किया गया क्योंकि उत्सव के लिए अधिक दूध एकत्र करना था।
3. रेखाङ्कितपदानि आधृत्य प्रश्ननिर्माणं कुरुत - (क) मल्लिका सखीभिः सह धर्मयात्रायै गच्छति स्म। (ख) चन्दन: दुग्धदोहनं कृत्वा एवं स्वप्रातराशस्य प्रबन्धम् अकरोत्। (ग) मोदकानि पूजानिमित्तानि रचितानि आसन्? (घ) मल्लिका स्वपतिं चतुरतमं मन्यते? (ङ) नन्दिनी पादाभ्यां ताडयित्वा चन्दनं रक्तरज्जितं करोति?
उत्तर: (क) मल्लिका सखीभिः सह धर्मयात्रायै कुत्र गच्छति स्म? (ख) चन्दनः दुग्धदोहनं कृत्वा किं प्रबन्धम् अकरोत्? (ग) मोदकानि किमर्थ रचितानि आसन्? (घ) मल्लिका स्वपतिं किमर्थ चतुरतमं मन्यते? (ङ) नन्दिनी पादाभ्यां कं ताडयित्वा रक्तरज्जितं करोति?
5. घटनाक्रमानुसारं लिखत - (क) सा सखीभिः सह तीर्थयात्रायै काशीविश्वनाथमन्दिरं गच्छति। (ख) उभौ नन्दिन्याः सर्वविधपरिचर्या कुरुतः। (ग) उमा मासान्ते उत्सवार्थ दुग्धस्य आवश्यकताविषये चन्दनं सूचयति। (घ) मल्लिका पूजार्थ मोदकानि रचयति। (ङ) उत्सवदिने यदा दोग्धुं प्रयत्नं करोति तदा नन्दिनी पादेन प्रहरति। (च) कार्याणि समये करणीयानि इति चन्दनः नन्दिन्याः पादप्रहारेण अवगच्छति। (छ) चन्दन: उत्सवसमये अधिकं दुग्धं प्राप्तुं मासपर्यन्तं दोहनं न करोति। (ज) चन्दनस्य पत्नी तीर्थयात्रां समाप्य गृहं प्रत्यागच्छति।
उत्तर: घटनाओं का सही क्रम: (1) सा सखीभिः सह तीर्थयात्रायै काशीविश्वनाथमन्दिरं गच्छति। (2) चन्दन: उत्सवसमये अधिकं दुग्धं प्राप्तुं मासपर्यन्तं दोहनं न करोति। (3) उभौ नन्दिन्याः सर्वविधपरिचर्या कुरुतः। (4) उमा मासान्ते उत्सवार्थ दुग्धस्य आवश्यकताविषये चन्दनं सूचयति। (5) मल्लिका पूजार्थ मोदकानि रचयति। (6) उत्सवदिने यदा दोग्धुं प्रयत्नं करोति तदा नन्दिनी पादेन प्रहरति। (7) कार्याणि समये करणीयानि इति चन्दनः नन्दिन्याः पादप्रहारेण अवगच्छति। (8) चन्दनस्य पत्नी तीर्थयात्रां समाप्य गृहं प्रत्यागच्छति।
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