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इस जल प्रलय में | Class 9 Hindi Notes

द्वारा ConceptScroll Team · प्रकाशित 17 जुलाई 2026 · 2 मिनट का पठन

इस जल प्रलय में | Class 9 Hindi Notes

इस जल प्रलय में – this guide gives you a concise, exam-ready overview of इस जल प्रलय में from Class 9 Hindi, written by ConceptScroll editors and reviewed against the latest NCERT textbook.

बाढ़ का अनुभव और शहर में बाढ़ की विभीषिका

लेखक ने अपने अनुभवों के माध्यम से बताया है कि उन्होंने गाँव में रहते हुए बाढ़ की विभीषिका को देखा नहीं, बल्कि शहरी जीवन में पटना शहर में 1967 की बाढ़ का अनुभव किया। उस वर्ष अठारह घंटे की लगातार बारिश के कारण पुनुपुन नदी का पानी राजेंद्रनगर, कंकड़बाग और अन्य निचले इलाकों में घुस आया।

लेखक ने बाढ़ के दौरान घर में आवश्यक वस्तुएँ जैसे ईंधन, आलू, मोमबत्ती, दियासलाई, पीने का पानी और दवाइयाँ जमा कर रखी थीं। शहर के विभिन्न हिस्सों में पानी के बढ़ने की सूचना मिल रही थी। लोग पानी की स्थिति जानने के लिए सड़कों पर निकले थे। लेखक और उनके मित्र भी रिक्शा लेकर बाढ़ के हालात देखने निकले।

पानी की तेज धारा को 'मृत्यु का तरल दूत' कहा गया है, जो भय और आतंक का प्रतीक है। गांधी मैदान के पास हजारों लोग पानी की स्थिति देख रहे थे। वहाँ की भीड़ में एक सामान्य आदमी ने कहा कि जब दानापुर डूब रहा था, तब पटनियाँ लोग देखने भी नहीं गए, जिससे उनकी मानसिकता पर चोट की गई है।

शाम को स्थानीय समाचार में बताया गया कि पानी स्टूडियो की सीढ़ियों तक पहुँच चुका है और किसी भी क्षण प्रवेश कर सकता है। दुकानों से सामान ऊपर उठाया जा रहा था, लेकिन लोग सामान्य दिनों की तरह हँसते-बोलते दिखे। पान की बिक्री अचानक बढ़ गई थी, क्योंकि लोग तनाव कम करने के लिए पान का सेवन कर रहे थे।

लेखक ने बाढ़ की भयावहता के बावजूद लोगों की सामान्यता और उत्साह को दर्शाया है, जो संकट के समय भी जीवन की सामान्यता बनाए रखने का प्रयास करते हैं।

📊 Diagram: See figure_3: मेरे कई उपन्यासों में बाद की विनाश-लीलाओं के अनेक चित्र अंकित हुए हैं। किंतु, गाँव में रहते हुए बाद से घिरने, बहने, भंसने और भोगने का अनुभव कभी नहीं हुआ। वह तो पटना शहर में सन् 1967 में ही हुआ, जब अट्

🧪 Activity: इस खंड में कोई विशेष गतिविधि नहीं दी गई है।

🔗 Connection: यह अनुभाग बाढ़ के प्रभाव और लोगों की प्रतिक्रिया को समझने के लिए आगे के अनुभागों की नींव रखता है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

महात्मा गाँधी को किसने कहा कि स्वराज्य लेकर ही वापस आना ?

एक सौ पाँच साल की एक बूढ़ी ने

'इस जल प्रलय में' पाठ के अनुसार लेखक को बाढ़ में घिरने का अनुभव कब हुआ?

1967

'चौराहा' कौन-सा समास है?

द्विगु

महात्मा गाँधी ब्रिटिश आधिपत्य वाले भूभाग से ही डांडी यात्रा क्यों करना चाहते थे?

ब्रिटिश शासन के प्रति विरोध प्रदर्शन के लिए

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