बच्चों के प्रिय केशव शंकर पिल्लै | Class 8 Hindi Notes
द्वारा ConceptScroll Team · प्रकाशित 17 जुलाई 2026 · 2 मिनट का पठन

बच्चों के प्रिय केशव शंकर पिल्लै – this guide gives you a concise, exam-ready overview of बच्चों के प्रिय केशव शंकर पिल्लै from Class 8 Hindi, written by ConceptScroll editors and reviewed against the latest NCERT textbook.
बाल-चित्रकला प्रतियोगिता और बच्चों के लिए कार्य
केशव शंकर पिल्लै ने बच्चों के लिए बाल-चित्रकला प्रतियोगिताओं का आयोजन किया, जो 1948 में पहली बार 'शंकर्स वीकली' के माध्यम से शुरू हुई। यह विचार नया था और बच्चों के हित में था, इसलिए इसे देश के प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने भी सराहा। 1949 में पहली अंतर्राष्ट्रीय बाल-चित्रकला प्रतियोगिता हुई, जिसमें विभिन्न देशों के बच्चे भाग लेने लगे। नेहरू जी ने 1950 के बाल-विशेषांक में लिखा कि विभिन्न देशों के बच्चे भाषा, वेशभूषा और जाति से भले अलग हों, पर वे खेल और लड़ाई में समान होते हैं और कभी रंग, भाषा या जाति के आधार पर लड़ाई नहीं करते। इस प्रतियोगिता में 1970 में 103 देशों के 1,90,000 से अधिक बच्चों ने भाग लिया था। इस प्रतियोगिता में नेहरू स्वर्ण पदक सहित कई पुरस्कार दिए जाते थे। नेहरू जी जब तक जीवित रहे, वे पुरस्कार वितरण समारोह के मुख्य अतिथि रहे। शंकर पिल्लै ने बच्चों की प्रतिभा को बढ़ावा देने के लिए सरकारी सहायता भी प्राप्त की। इसके अलावा, उन्होंने चिल्ड्रेन बुक ट्रस्ट, बाल-पुस्तकालय, गुड़िया-घर और हॉबी सेंटर जैसे संस्थान स्थापित किए।
📊 Diagram: Figure 7: बाल-चित्रकला प्रतियोगिता के आयोजन के दृश्य; Figure 8: बच्चों के लिए पुस्तकें और गुड़ियों का संग्रह।
🧪 Activity: पाठ में बाल-चित्रकला प्रतियोगिता के आयोजन और उसमें भाग लेने के अनुभवों पर चर्चा।
🔗 Connection: यह खंड अगले भाग में गुड़ियों के संग्रह और गुड़िया-घर के निर्माण से जुड़ता है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
आकांक्षा क्या है और यह हमारे जीवन में क्यों महत्वपूर्ण होती है?
आकांक्षा वह इच्छा या लक्ष्य होती है जो व्यक्ति को जीवन में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करती है। यह हमारे जीवन में महत्वपूर्ण है क्योंकि यह हमें स्पष्ट उद्देश्य और दृढ़ संकल्प देती है, जिससे हम सफलता प्राप्त कर सकते हैं। उदाहरण के लिए, एक छात्र की पढ़ाई में अच्छी सफलता पाने की आकांक्षा।
निम्नलिखित में से कौन-सा आकांक्षा का प्रकार नहीं है?
आर्थिक आकांक्षा
व्यक्तिगत, सामाजिक और राष्ट्रीय आकांक्षा में क्या संबंध है? इसे समझाइए।
व्यक्तिगत, सामाजिक और राष्ट्रीय आकांक्षा एक-दूसरे से जुड़ी होती हैं। व्यक्तिगत आकांक्षा व्यक्ति के अपने जीवन से जुड़ी होती है, सामाजिक आकांक्षा समाज के प्रति जिम्मेदारी दर्शाती है, और राष्ट्रीय आकांक्षा देश के विकास की इच्छा होती है। इन तीनों का संतुलन आवश्यक है क्योंकि केवल व्यक्तिगत आकांक्षा पर ध्यान देने से विकास अधूरा रह सकता है। उदाहरण के लिए, एक व्यक्ति अपनी शिक्षा के साथ समाज सेवा भी कर सकता है।
आकांक्षा को पूरा करने के लिए कौन-कौन से गुण आवश्यक हैं? तीन मुख्य गुण लिखिए।
दृढ़ संकल्प / मेहनत / अनुशासन
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