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अन्याय के खिलाफ़ | Class 8 Hindi Notes

द्वारा ConceptScroll Team · प्रकाशित 17 जुलाई 2026 · 4 मिनट का पठन

अन्याय के खिलाफ़ | Class 8 Hindi Notes

अन्याय के खिलाफ़ – this guide gives you a concise, exam-ready overview of अन्याय के खिलाफ़ from Class 8 Hindi, written by ConceptScroll editors and reviewed against the latest NCERT textbook.

अंग्रेजों की प्रतिक्रिया और आंदोलन का अंत

अंग्रेज सरकार ने आदिवासियों के विद्रोह को दबाने के लिए कई उपाय किए। उन्होंने आदिवासियों के राशन के रास्ते बंद कर दिए जिससे वे भूखे रह गए। अंग्रेज सेना ने गाँवों में घुसकर लोगों को मार-पीट किया और फसलें जलाईं। आदिवासियों की हिम्मत कम होने लगी। अंत में राजू को गिरफ्तार कर गोली मार दी गई। इससे आदिवासियों का आंदोलन टूट गया। पर अंग्रेजों ने यह समझ लिया कि आदिवासियों के साथ मनमर्जी नहीं की जा सकती। इसके बाद आदिवासियों के हितों की रक्षा के लिए विशेष प्रयास किए गए। इस संघर्ष ने देश के इतिहास में अन्याय के खिलाफ लड़ने की मिसाल कायम की।

📊 Diagram: अंग्रेजों द्वारा आदिवासियों के गाँवों में घुसकर उत्पीड़न; राजू की गिरफ्तारी और गोली मारने का दृश्य; आंदोलन के टूटने के बाद आदिवासियों की स्थिति।

🧪 Activity: आंदोलन के अंत और उसके प्रभावों पर चर्चा करना।

🔗 Connection: यह अनुभाग पाठ के प्रश्नों और गतिविधियों की ओर ले जाता है, जहाँ छात्र विषय को समझकर अभ्यास करते हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

1. पाठ से (क) आंध्र के घने जंगलों में रहने वाले आदिवासियों के बीच अपना हक जमाने के लिए अंग्रेजों ने क्या किया? (ख) श्री राम राजू कौन था? उसने अंग्रेजों के सामने आत्मसमर्पण क्यों किया? (ग) अंग्रेजों से लड़ने के लिए कोया आदिवासी क्या-क्या करते थे? (घ) कोया आदिवासियों के विद्रोह को स्वतंत्रता संग्राम क्यों कहना चाहिए?

उत्तर: (क) आंध्र के घने जंगलों में रहने वाले आदिवासियों के बीच अपना हक जमाने के लिए अंग्रेजों ने जंगलों में सड़क बनाने का काम शुरू किया और आदिवासियों के अधिकारों का हनन किया। वे उनके जंगलों पर कब्जा करना चाहते थे। इसके लिए उन्होंने सख्ती और क्रूरता का सहारा लिया।

(ख) श्री राम राजू कोया आदिवासी नेता थे। उन्होंने अपने लोगों के हक के लिए अंग्रेजों के खिलाफ आवाज उठाई। वह अंग्रेजों के सामने आत्मसमर्पण इसलिए किया ताकि वे कचहरी में पेश होकर कानून के हिसाब से अपने हक की लड़ाई लड़ सकें।

(ग) अंग्रेजों स

2. गाँधीजी की बात “भारत के लोगों को अंग्रेज सरकार का सहयोग नहीं करना चाहिए और उनका काम बंद कर देना चाहिए। अगर कोई अंग्रेज अन्याय करेगा तो हम अन्याय सहने से इंकार करेंगे।” ऊपर श्रीराम राजू द्वारा आदिवासियों से गाँधी जी की कही हुई बात का उल्लेख हुआ है। गाँधी जी ने स्वतंत्रता संग्राम के लिए बहुत सारी बातें कही थी। यह सब तुम्हें गाँधी जी पर लिखी गई किताबों, फ़िल्मों और अन्य जगहों पर मिल सकता है। तुम उनकी कही हुई बातों में जो बहुत महत्वपूर्ण समझो उसको अपने साथियों को बताओ।

उत्तर: इस प्रश्न का उद्देश्य विद्यार्थियों को गाँधी जी के विचारों को समझना और उनके महत्वपूर्ण संदेशों को साझा करना है। विद्यार्थी गाँधी जी के सत्याग्रह, अहिंसा, और अन्याय के खिलाफ संघर्ष के सिद्धांतों को समझकर अपने साथियों को बता सकते हैं। उदाहरण के लिए, वे कह सकते हैं कि अंग्रेजों के अन्याय के खिलाफ हमें शांतिपूर्ण तरीके से विरोध करना चाहिए और अंग्रेज सरकार का सहयोग बंद कर देना चाहिए।

3. देशभक्तों के नाम तुमने इस पाठ में भारत की आजादी के लिए संघर्ष करने वाले दो व्यक्तियों के नामों को जाना। एक गाँधी जी और दूसरा श्रीराम राजू। पता करो कि भारत की आजादी के लिए संघर्ष करने वालों में तुम्हारे प्रदेश से कौन-कौन व्यक्ति थे। उनमें से किसी एक के बारे में कक्षा में चर्चा करो।

उत्तर: यह प्रश्न शोध और चर्चा पर आधारित है। विद्यार्थी अपने प्रदेश के स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के बारे में जानकारी इकट्ठा करें और कक्षा में प्रस्तुत करें। उदाहरण के लिए, वे नेताजी सुभाष चंद्र बोस, भगत सिंह, रानी लक्ष्मीबाई आदि के बारे में जानकारी दे सकते हैं।

4. क्या ठीक होगा? (i) “दो दिन में जंगल में सड़क बनाने का काम शुरू होगा। तुम सब लोगों को इस काम पर पहुँचना है। अगर नहीं पहुँचे तो ठीक नहीं होगा।” (ii) “काम करेंगे तो बदले में क्या मिलेगा।” ऊपर के कथनों में पहला कथन तहसीलदार बेस्टीयन का है जो आदिवासियों के गाँवों में जाकर चिल्ला-चिल्लाकर बोला था और दूसरा कथन आदिवासियों में से किसी का है जो तहसीलदार से पूछना चाहा था। अब तुम सोचकर बताओ कि— (क) तुम्हारे विचार से बेस्टियन का कथन ठीक होगा? (ख) आदिवासियों में से किसी के द्वारा कहा गया वह कथन कैसा है? तुम्हारे विचार से क्या ठीक होगा? (संकेत:–तुम अपनी पसंद से कथन को अपने ढंग से लिख सकते हो)

उत्तर: (क) तहसीलदार बेस्टीयन का कथन ठीक नहीं है क्योंकि वह आदिवासियों की भावनाओं और उनकी सहमति के बिना आदेश दे रहा है। यह तरीका अन्यायपूर्ण और क्रूर है।

(ख) आदिवासियों का कथन सही है क्योंकि वे अपने अधिकारों और मेहनत के बदले उचित लाभ चाहते हैं। आदिवासियों को काम करने के लिए प्रोत्साहित करने के साथ-साथ उन्हें सम्मान और उचित लाभ देना चाहिए।

सही तरीका यह होगा कि आदिवासियों की सहमति लेकर, उनकी समस्याओं को समझकर और सम्मान के साथ काम शुरू किया जाए।

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