किशोरावस्था वृद्धि एवं परिवर्तन की अवस्था | Class 7 Science Notes
द्वारा ConceptScroll Team · प्रकाशित 17 जुलाई 2026 · 3 मिनट का पठन

किशोरावस्था वृद्धि एवं परिवर्तन की अवस्था – this guide gives you a concise, exam-ready overview of किशोरावस्था वृद्धि एवं परिवर्तन की अवस्था from Class 7 Science, written by ConceptScroll editors and reviewed against the latest NCERT textbook.
किशोरावस्था वृद्धि एवं परिवर्तन की अवस्था
पादपों और जंतुओं की वृद्धि एवं विकास की प्रक्रिया में कुछ विशिष्ट परिवर्तन होते हैं जो उनकी परिपक्वता और जनन क्षमता को दर्शाते हैं। जैसे पादप बीज से अंकुरित होकर नवोद्भिद बनता है, फिर तरुण पादप में विकसित होता है और अंततः फूल, फल और बीज उत्पन्न करता है। इसी प्रकार जंतु भी जन्म के बाद क्रमिक वृद्धि करते हैं और जनन करने योग्य वयस्क बनते हैं। मनुष्य के जीवन को भी विभिन्न अवस्थाओं में बाँटा जा सकता है जैसे शैशवावस्था, बाल्यावस्था, किशोरावस्था, वयस्क-अवस्था और वृद्धावस्था। किशोरावस्था वह अवस्था है जो लगभग 10 से 19 वर्ष की आयु के बीच होती है, जिसमें शरीर वयस्क बनने के लिए तैयार होता है। इस दौरान शारीरिक, संवेगात्मक, मानसिक और व्यवहारगत परिवर्तन होते हैं। ये परिवर्तन कुछ स्पष्ट रूप से दिखाई देते हैं जैसे लंबाई में वृद्धि, स्वरूप में बदलाव, बालों का विकास, आवाज में परिवर्तन आदि, जबकि कुछ आंतरिक होते हैं जैसे जनन क्षमता का विकास। किशोरावस्था में शरीर में हार्मोन नामक रसायनों का स्राव बढ़ता है जो इन परिवर्तनों को नियंत्रित करते हैं। इस अवस्था का सही ज्ञान और समझ किशोरों को अपने विकास को सही दिशा में ले जाने में मदद करता है।
📊 Diagram: SYTROUSE; Figure showing plant growth stages from seedling to mature plant with flowers and fruits; आइए, वेंकटेश और देवयानी के मध्य हुई इस रुचिकर परिचर्चा को समझने का प्रयत्न करते हैं।
🔗 Connection: यह परिचय किशोरावस्था के विभिन्न पहलुओं जैसे शारीरिक वृद्धि, संवेगात्मक परिवर्तन, पोषण, स्वच्छता आदि विषयों की ओर ले जाता है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
किशोरावस्था किस आयु वर्ग की अवस्था होती है और इसमें शरीर में क्या मुख्य परिवर्तन होते हैं?
किशोरावस्था वह अवस्था है जो लगभग 10 से 19 वर्ष की आयु के बीच होती है। इस दौरान शरीर में शारीरिक वृद्धि, जैसे लंबाई और भार में वृद्धि, द्वितीयक लैंगिक विशेषताएँ जैसे आवाज़ में परिवर्तन, बालों का विकास, स्तनों का विकास आदि होते हैं। इसके साथ ही आंतरिक जैविक, संवेगात्मक और व्यवहारगत परिवर्तन भी होते हैं।
नीचे दिए गए चार विकल्पों में से कौन-सी अवस्था मानव जीवन की सामान्य जीवन-यात्रा में किशोरावस्था के बाद आती है?
वयस्क-अवस्था
किशोरावस्था के दौरान लड़कों और लड़कियों में कौन-कौन से शारीरिक परिवर्तन सामान्यतः देखे जाते हैं? तीन प्रमुख भेद लिखिए।
किशोरावस्था में लड़कों में कंधे चौड़े होना, आवाज़ का भारी होना और चेहरे पर बाल उगना सामान्य परिवर्तन हैं। लड़कियों में स्तनों का विकास, मासिक धर्म की शुरुआत और शरीर के आकार में बदलाव होते हैं। दोनों में लंबाई और भार में वृद्धि होती है।
तालिका 6.1 के अनुसार, किशोरावस्था में लंबाई, भार और स्वरूप में क्या परिवर्तन होते हैं? उदाहरण सहित समझाइए।
(a) लंबाई या कद में वृद्धि: किशोरावस्था के दौरान शरीर की लंबाई तेजी से बढ़ती है, जैसे 10 से 19 वर्ष के बीच बच्चे लंबे हो जाते हैं।
(b) भार और बल में वृद्धि: शरीर का वजन बढ़ता है और मांसपेशियाँ मजबूत होती हैं, उदाहरण के लिए लड़कों के कंधे चौड़े हो जाते हैं।
(c) स्वरूप में परिवर्तन: शरीर के आकार में बदलाव होता है, जैसे लड़कियों में स्तनों का विकास और लड़कों में आवाज़ भारी होना।
ये परिवर्तन शरीर को वयस्क बनने के लिए तैयार करते हैं और प्रत्येक व्यक्ति में इन परिवर्तनों की मात्रा और समय अलग-अलग हो
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