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Chapter 6

🎓 Class 7📖 Jigyasa📖 8 नोट्स🧠 15 प्रश्न-उत्तर⏱️ ~12 मिनट
Chapter 5अध्याय 6 / 12Chapter 7

Chapter 6अध्ययन नोट्स

NCERT-संरेखित · 8 नोट्स · 3 निःशुल्क दिखाए गए

किशोरावस्था वृद्धि एवं परिवर्तन की अवस्था

व्याख्या

किशोरावस्था वृद्धि एवं परिवर्तन की अवस्था

पादपों और जंतुओं की वृद्धि एवं विकास की प्रक्रिया में कुछ विशिष्ट परिवर्तन होते हैं जो उनकी परिपक्वता और जनन क्षमता को दर्शाते हैं। जैसे पादप बीज से अंकुरित होकर नवोद्भिद बनता है, फिर तरुण पादप में विकसित होता है और अंततः फूल, फल और बीज उत्पन्न करता है। इसी प्रकार जंतु भी जन्म के बाद क्रमिक वृद्धि करते हैं और जनन करने योग्य वयस्क बनते हैं। मनुष्य के जीवन को भी विभिन्न अवस्थाओं में बाँटा जा सकता है जैसे शैशवावस्था, बाल्यावस्था, किशोरावस्था, वयस्क-अवस्था और वृद्धावस्था। किशोरावस्था वह अवस्था है जो लगभग 10 से 19 वर्ष की आयु के बीच होती है, जिसमें शरीर वयस्क बनने के लिए तैयार होता है। इस दौरान शारीरिक, संवेगात्मक, मानसिक और व्यवहारगत परिवर्तन होते हैं। ये परिवर्तन कुछ स्पष्ट रूप से दिखाई देते हैं जैसे लंबाई में वृद्धि, स्वरूप में बदलाव, बालों का विकास, आवाज में परिवर्तन आदि, जबकि कुछ आंतरिक होते हैं जैसे जनन क्षमता का विकास। किशोरावस्था में शरीर में हार्मोन नामक रसायनों का स्राव बढ़ता है जो इन परिवर्तनों को नियंत्रित करते हैं। इस अवस्था का सही ज्ञान और समझ किशोरों को अपने विकास को सही दिशा में ले जाने में मदद करता है।

  • किशोरावस्था बाल्यावस्था और वयस्कता के बीच की अवस्था है।
  • यह लगभग 10 से 19 वर्ष की आयु के बीच होती है।
  • इस दौरान शारीरिक, मानसिक, संवेगात्मक और सामाजिक परिवर्तन होते हैं।
  • किशोरावस्था में शरीर वयस्क बनने के लिए तैयार होता है।
  • हार्मोन नामक रसायन इन परिवर्तनों को नियंत्रित करते हैं।
  • परिवर्तन कुछ स्पष्ट और कुछ आंतरिक होते हैं।
  • 📌 किशोरावस्था: बाल्यावस्था और वयस्कता के बीच की विकास की अवस्था।
  • 📌 हार्मोन: शरीर में स्रावित रसायन जो वृद्धि और विकास को नियंत्रित करते हैं।
  • 📌 जनन क्षमता: शरीर की वह क्षमता जिससे व्यक्ति संतान उत्पन्न कर सकता है।

6.1 आयु के साथ वृद्धि—किशोरवय के वर्ष

व्याख्या

6.1 आयु के साथ वृद्धि—किशोरवय के वर्ष

किशोरावस्था में बच्चों के शरीर में कई स्पष्ट और महत्वपूर्ण परिवर्तन होते हैं। इस अवधि में लंबाई (कद) और भार में तीव्र वृद्धि होती है जिसे स्पर्ट ग्रोथ कहा जाता है। लड़कों और लड़कियों दोनों में ये परिवर्तन होते हैं, परंतु उनकी प्रकृति और समय में भिन्नता होती है। लड़कों में कंधे चौड़े होते हैं, आवाज भारी होती है और चेहरे पर बाल उगने लगते हैं। लड़कियों में स्तनों का विकास होता है और मासिक धर्म की शुरुआत होती है। इसके अलावा शरीर के विभिन्न हिस्सों जैसे बगल और जघन क्षेत्र में बालों का विकास होता है। किशोरावस्था में त्वचा पर मुंहासे (ऐक्नी) भी सामान्य होते हैं, जो त्वचा के तैलीय स्राव के कारण होते हैं। यह परिवर्तन सभी में एक समान नहीं होते, बल्कि प्रत्येक व्यक्ति में समय और मात्रा में भिन्नता होती है। इस अवस्था में मानसिक और संवेगात्मक परिवर्तन भी होते हैं, जिनमें मनोदशा में उतार-चढ़ाव, संवेदनशीलता और सामाजिक व्यवहार में बदलाव शामिल हैं। इस प्रकार किशोरावस्था एक जटिल और महत्वपूर्ण विकास काल है जिसमें शारीरिक, मानसिक और सामाजिक सभी पहलुओं में परिवर्तन होते हैं। **Table on page 3 (5×3)** | क्र.सं. | परिवर्तन | आपके अवलोकन | | --- | --- | --- | | 1. | लंबाई/कद | | | 2. | भार और बल | | | 3. | स्वरूप | | | 4. | — | | **Table on page 15 (5×3)** | किशोरावस्था के दौरान शारीरिक परिवर्तन | | | | --- | --- | --- | | केवल लड़कों में देखे गए | केवल लड़कियों में देखे गए | लड़कों और लड़कियों दोनों में देखे गए | | | | | | | | | | | | |

  • किशोरावस्था में लंबाई और भार में तीव्र वृद्धि होती है।
  • लड़कों में आवाज भारी होती है और चेहरे पर बाल आते हैं।
  • लड़कियों में स्तनों का विकास और मासिक धर्म शुरू होता है।
  • त्वचा पर मुंहासे (ऐक्नी) सामान्य होते हैं।
  • परिवर्तन प्रत्येक व्यक्ति में भिन्न होते हैं।
  • किशोरावस्था में मानसिक और संवेगात्मक परिवर्तन भी होते हैं।
  • 📌 स्पर्ट ग्रोथ: किशोरावस्था में लंबाई में तीव्र वृद्धि।
  • 📌 ऐक्नी: किशोरावस्था में त्वचा पर होने वाले मुँहासे।
  • 📌 द्वितीयक लैंगिक विशेषताएँ: वे लक्षण जो पुरुष और महिला में भेद दर्शाते हैं, जैसे आवाज़, बाल, स्तन विकास।

6.2 जनन क्षमता को इंगित करने वाले परिवर्तन

व्याख्या

6.2 जनन क्षमता को इंगित करने वाले परिवर्तन

किशोरावस्था में शारीरिक परिवर्तनों के साथ-साथ आंतरिक जैविक परिवर्तन भी होते हैं जो जनन क्षमता के विकास को दर्शाते हैं। लड़कियों में आर्तव चक्र (माहवारी) की शुरुआत होती है, जो लगभग 28-30 दिनों के चक्र में शरीर से रक्तस्राव होता है। यह मासिक धर्म कहलात

अभ्यास प्रश्नChapter 6

15 विस्तृत उत्तर सहित अभ्यास प्रश्न

Q1.किशोरावस्था किस आयु वर्ग की अवस्था होती है और इसमें शरीर में क्या मुख्य परिवर्तन होते हैं?

उत्तर:

किशोरावस्था वह अवस्था है जो लगभग 10 से 19 वर्ष की आयु के बीच होती है। इस दौरान शरीर में शारीरिक वृद्धि, जैसे लंबाई और भार में वृद्धि, द्वितीयक लैंगिक विशेषताएँ जैसे आवाज़ में परिवर्तन, बालों का विकास, स्तनों का विकास आदि होते हैं। इसके साथ ही आंतरिक जैविक, संवेगात्मक और व्यवहारगत परिवर्तन भी होते हैं।

व्याख्या:

किशोरावस्था वह विकास काल है जिसमें बाल्यावस्था से वयस्कता की ओर संक्रमण होता है। इस दौरान शरीर लंबाई और भार में तेजी से बढ़ता है। लड़कों और लड़कियों में द्वितीयक लैंगिक लक्षण विकसित होते हैं, जैसे लड़कों में आवाज़ भारी होना और बालों का विकास, लड़कियों में स्तनों का विकास और मासिक धर्म की शुरुआत। इसके अलावा हार्मोनल परिवर्तन आंतरिक रूप से जनन क्षमता विकसित करते हैं। संवेगात्मक और व्यवहारगत बदलाव भी इस काल में होते हैं, जो मानसिक विकास को दर्शाते हैं।

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Q2.नीचे दिए गए चार विकल्पों में से कौन-सी अवस्था मानव जीवन की सामान्य जीवन-यात्रा में किशोरावस्था के बाद आती है?
A.A) बाल्यावस्था
B.B) वृद्धावस्था
C.C) वयस्क-अवस्था
D.D) शैशवावस्था

उत्तर:

वयस्क-अवस्था

व्याख्या:

मानव जीवन की सामान्य अवस्थाएँ हैं: शैशवावस्था, बाल्यावस्था, किशोरावस्था, वयस्क-अवस्था और वृद्धावस्था। किशोरावस्था के बाद वयस्क-अवस्था आती है, जिसमें व्यक्ति पूर्ण रूप से परिपक्व हो जाता है।

Easy
Q3.किशोरावस्था के दौरान लड़कों और लड़कियों में कौन-कौन से शारीरिक परिवर्तन सामान्यतः देखे जाते हैं? तीन प्रमुख भेद लिखिए।

उत्तर:

किशोरावस्था में लड़कों में कंधे चौड़े होना, आवाज़ का भारी होना और चेहरे पर बाल उगना सामान्य परिवर्तन हैं। लड़कियों में स्तनों का विकास, मासिक धर्म की शुरुआत और शरीर के आकार में बदलाव होते हैं। दोनों में लंबाई और भार में वृद्धि होती है।

व्याख्या:

किशोरावस्था में लड़कों में शारीरिक बदलाव जैसे कंधे और छाती का चौड़ा होना, आवाज़ में भारीपन और चेहरे पर बालों का विकास होता है। लड़कियों में स्तनों का विकास, मासिक धर्म का आरंभ और शरीर के अन्य भागों में बदलाव होते हैं। दोनों लिंगों में लंबाई और भार में वृद्धि होती है, जो शरीर के परिपक्व होने के संकेत हैं।

Medium
Q4.तालिका 6.1 के अनुसार, किशोरावस्था में लंबाई, भार और स्वरूप में क्या परिवर्तन होते हैं? उदाहरण सहित समझाइए।

उत्तर:

(a) लंबाई या कद में वृद्धि: किशोरावस्था के दौरान शरीर की लंबाई तेजी से बढ़ती है, जैसे 10 से 19 वर्ष के बीच बच्चे लंबे हो जाते हैं। (b) भार और बल में वृद्धि: शरीर का वजन बढ़ता है और मांसपेशियाँ मजबूत होती हैं, उदाहरण के लिए लड़कों के कंधे चौड़े हो जाते हैं। (c) स्वरूप में परिवर्तन: शरीर के आकार में बदलाव होता है, जैसे लड़कियों में स्तनों का विकास और लड़कों में आवाज़ भारी होना। ये परिवर्तन शरीर को वयस्क बनने के लिए तैयार करते हैं और प्रत्येक व्यक्ति में इन परिवर्तनों की मात्रा और समय अलग-अलग हो सकता है।

व्याख्या:

किशोरावस्था में शरीर लंबाई, भार और स्वरूप में महत्वपूर्ण बदलाव करता है। लंबाई में वृद्धि से शरीर लंबा होता है। भार बढ़ने से शरीर का बल और ताकत बढ़ती है। स्वरूप में बदलाव से शरीर का आकार वयस्क रूप में परिवर्तित होता है, जैसे लड़कियों में स्तनों का विकास और लड़कों में कंठमणि का उभार। ये सभी परिवर्तन शरीर के परिपक्व होने के संकेत हैं।

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Q5.किशोरावस्था में लड़कों की आवाज़ में परिवर्तन क्यों होता है और इसे किस संरचना से जोड़ा जाता है?

उत्तर:

किशोरावस्था में लड़कों के वाक्-यंत्र की वृद्धि होती है जिससे उनकी आवाज़ भारी और गहरी हो जाती है। यह वृद्धि गले में कंठमणि (एडम्स एप्पल) के रूप में भी दिखाई देती है।

व्याख्या:

वाक्-यंत्र गले में स्थित एक संरचना है जो बोलने में सहायता करती है। किशोरावस्था में लड़कों के वाक्-यंत्र का विकास होता है, जिससे आवाज़ का स्वर भारी और गहरा हो जाता है। कंठमणि इस वृद्धि का बाहरी संकेत है जो गले के आगे उभार के रूप में दिखाई देता है। लड़कियों में भी वाक्-यंत्र विकसित होता है लेकिन वह इतना बड़ा नहीं होता, इसलिए उनकी आवाज़ में कम परिवर्तन होता है।

Medium
Q6.किशोरावस्था में चेहरे की त्वचा पर मुहाँसे (ऐक्नी) क्यों होते हैं? इसका कारण स्पष्ट कीजिए।

उत्तर:

किशोरावस्था में त्वचा के तैलीय स्राव बढ़ जाते हैं जो त्वचा के छिद्रों को बंद कर देते हैं। इससे संक्रमण होता है और चेहरे पर छोटे लाल मुँहासे या ऐक्नी उत्पन्न होते हैं।

व्याख्या:

किशोरावस्था में हार्मोन के प्रभाव से त्वचा की ग्रंथियाँ अधिक तेल (तैलीय स्राव) बनाती हैं। यह तेल त्वचा के छिद्रों को अवरुद्ध कर देता है जिससे बैक्टीरिया पनपते हैं और संक्रमण हो जाता है। इसका परिणाम मुहाँसों के रूप में दिखाई देता है, जिसे ऐक्नी कहा जाता है। यह एक सामान्य त्वचा समस्या है जो किशोरों में अधिक होती है।

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Q7.निम्नलिखित कथनों में से कौन सा सही है? "किशोरावस्था में सभी व्यक्तियों में शारीरिक परिवर्तनों का समय और मात्रा समान होती है।"
A.True
B.False

उत्तर:

False. किशोरावस्था में शारीरिक परिवर्तनों का समय, प्रकार और मात्रा प्रत्येक व्यक्ति में अलग-अलग होती है जो पूर्णतः सामान्य है।

व्याख्या:

किशोरावस्था में शारीरिक विकास की दर और परिवर्तन की प्रकृति व्यक्ति-व्यक्ति भिन्न होती है। यह विभिन्न कारणों से हो सकता है जैसे आनुवंशिकता, पोषण, स्वास्थ्य आदि। इसलिए सभी में समान परिवर्तन नहीं होते।

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Q8.निम्नलिखित में से किसे द्वितीयक लैंगिक विशेषता कहा जाता है?
A.A) मासिक धर्म होना
B.B) आवाज़ में भारीपन
C.C) बच्चे का जन्म देना
D.D) जन्म के समय कद

उत्तर:

आवाज़ में भारीपन

व्याख्या:

द्वितीयक लैंगिक विशेषताएँ वे प्राकृतिक संकेत हैं जो शरीर के वयस्क होने की तैयारी को दर्शाती हैं, जैसे आवाज़ में भारीपन, बालों का विकास, स्तनों का विकास आदि। मासिक धर्म एक आंतरिक जैविक प्रक्रिया है, बच्चे का जन्म देना जनन क्रिया है और जन्म के समय कद शारीरिक विकास का प्रारंभिक संकेत है।

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