Social Scienceकक्षा 7सुभाषितानिहिंदी

सुभाषितानि | Class 7 Social Science Notes

द्वारा ConceptScroll Team · प्रकाशित 17 जुलाई 2026 · 5 मिनट का पठन

सुभाषितानि | Class 7 Social Science Notes

सुभाषितानि – this guide gives you a concise, exam-ready overview of सुभाषितानि from Class 7 Social Science, written by ConceptScroll editors and reviewed against the latest NCERT textbook.

जलवायु निर्धारित करने वाले कारक

भारत की जलवायु को प्रभावित करने वाले कई कारक हैं, जो वैश्विक और स्थानीय स्तर पर कार्य करते हैं। मुख्य कारक हैं अक्षांश, ऊँचाई, समुद्र से निकटता, पवनें और स्थलाकृति।

अक्षांश: अक्षांश भूमध्य रेखा से दूरी को दर्शाता है। भूमध्य रेखा के निकट के क्षेत्र गर्म होते हैं क्योंकि सूर्य की किरणें यहाँ लगभग सीधी पड़ती हैं। ध्रुवों के निकट की किरणें तिरछी पड़ती हैं, जिससे ताप कम होता है। उदाहरण के लिए, कन्याकुमारी और निकोबार द्वीप गर्म रहते हैं, जबकि उत्तर में श्रीनगर ठंडा होता है।

ऊँचाई: जैसे-जैसे ऊँचाई बढ़ती है, तापमान कम होता जाता है। इसका कारण वायुमंडलीय दबाव और वायु का घनत्व कम होना है। पर्वतीय क्षेत्रों में यह स्पष्ट होता है, जैसे शिमला, दार्जिलिंग आदि।

समुद्र से निकटता: समुद्र तापमान को नियंत्रित करता है। तटीय क्षेत्रों में तापमान में अधिक परिवर्तन नहीं होता, जबकि अंदरूनी क्षेत्रों में अधिक होता है। मुंबई और नागपुर के तापमान में अंतर इसका उदाहरण है।

पवनें: पवनें तापमान, आर्द्रता और वर्षा को प्रभावित करती हैं। पश्चिमी हवाएँ गर्म और शुष्क हो सकती हैं, जबकि समुद्र से आने वाली हवाएँ नमी लेकर आती हैं।

स्थलाकृति: पर्वत, घाटियाँ, पठार आदि जलवायु को प्रभावित करते हैं। हिमालय ठंडी हवाओं से भारत को बचाता है, जबकि थार मरुस्थल की समतल स्थलाकृति गर्म और शुष्क हवाओं को रोकती नहीं।

ये सभी कारक मिलकर किसी क्षेत्र की जलवायु निर्धारित करते हैं।

📊 Diagram: भूमध्य रेखा पर सूर्य की किरणें सीधी पड़ती हैं, लेकिन ध्रुवों के पास यह व्यापक क्षेत्र में फैल जाती हैं।; चित्र 3.5; चित्र 3.6; चित्र 3.7

🧪 Activity: विद्यार्थी ऊँचाई और अक्षांश के प्रभाव को समझने के लिए उधगमंडलम (ऊटी) और कोयंबटूर के तापमान की तुलना करें।

🔗 Connection: जलवायु के कारकों के बाद, मानसून की प्रक्रिया और महत्व पर विस्तार से चर्चा होगी।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

1. जलवायु के कारकों का उनके प्रभावों के साथ निम्नलिखित सूची में मिलान कीजिए — | अ | ब | | --- | --- | | (1) अक्षांश | (क) भारत में गर्मी के दौरान नमीयुक्त पवन को लाता है। | | (2) ऊँचाई | (ख) उत्तर एवं दक्षिण में अलग-अलग जलवायु बनाता है। | | (3) समुद्र से निकटता | (ग) ऊँचे स्थानों को अधिक ठंडा रखता है। | | (4) मानसूनी पवन | (घ) तापमान को प्रभावित करता है।

मिलान इस प्रकार होगा: (1) अक्षांश — (ख) उत्तर एवं दक्षिण में अलग-अलग जलवायु बनाता है। (2) ऊँचाई — (ग) ऊँचे स्थानों को अधिक ठंडा रखता है। (3) समुद्र से निकटता — (घ) तापमान को प्रभावित करता है। (4) मानसूनी पवन — (क) भारत में गर्मी के दौरान नमीयुक्त पवन को लाता है।

व्याख्या:

  • अक्षांश के कारण भारत के उत्तर और दक्षिण भागों में जलवायु में भिन्नता आती है।
  • ऊँचाई बढ़ने पर तापमान कम होता है, इसलिए ऊँचे स्थान ठंडे रहते हैं।
  • समुद्र के निकटता से तापमान में स्थिरता आती है, जिससे तापमान प्रभावित होता है।
2. नीचे दिए गए प्रश्नों का उत्तर दीजिए — क) मौसम और जलवायु में क्या अंतर है? ख) समुद्र के निकट स्थित स्थानों का तापमान समुद्र से दूर स्थित स्थानों की तुलना में कम क्यों होता है? ग) भारतीय जलवायु को प्रभावित करने में मानसूनी पवन की क्या भूमिका है? घ) चेन्नई पूरे वर्ष गर्म क्यों रहता है, जबकि लेह ठंडा रहता है?

क) मौसम और जलवायु में अंतर:

  • मौसम अल्पकालिक होता है, जैसे दिन या सप्ताह का तापमान, वर्षा आदि।
  • जलवायु दीर्घकालिक प्रतिरूप होता है, जो दशकों या सदियों तक रहता है।

ख) समुद्र के निकट स्थानों का तापमान कम होता है क्योंकि समुद्र तापमान को स्थिर रखता है। दिन में समुद्र गर्मी सोखता है और रात में छोड़ता है, जिससे तापमान में उतार-चढ़ाव कम होता है।

ग) मानसूनी पवन भारतीय जलवायु को प्रभावित करता है क्योंकि यह गर्मियों में दक्षिण-पश्चिमी मानसून के रूप में नमीयुक्त हवा लेकर आता है, जिससे वर्षा होती है और

3. इस पुस्तक के अंत में दिए गए भारत के मानचित्र को देखिए। लेह, चेन्नई, दिल्ली, पाणजी, इन शहरों की जलवायु को पहचानिए। - क्या यह स्थान समुद्र के समीप हैं, पर्वत पर हैं या रेगिस्तान में हैं? - ये कारक वहाँ की जलवायु को किस प्रकार प्रभावित करते हैं?

लेह: यह पहाड़ों पर स्थित है और ऊँचाई अधिक होने के कारण ठंडी जलवायु है। चेन्नई: यह समुद्र के समीप है, जिससे यहाँ गर्म और नमीयुक्त जलवायु रहती है। दिल्ली: यह मैदान में स्थित है, जहाँ गर्मी और सर्दी दोनों का अनुभव होता है। पाणजी: यह समुद्र के समीप है, जिससे यहाँ नमीयुक्त और समशीतोष्ण जलवायु है।

कारक प्रभाव:

  • समुद्र के समीप होने से तापमान स्थिर रहता है और नमीयुक्त हवा मिलती है।
  • पहाड़ों पर ऊँचाई के कारण तापमान कम होता है और ठंडी जलवायु रहती है।
  • मैदानों में तापमान में अधिक उतार-चढ़ाव होता है।
4. भारत के मानचित्र पर गर्मी और सर्दी के मानसून चक्र को प्रदर्शित कीजिए। - गर्मियों और सर्दियों में पवनें कहाँ चलती हैं, इसके प्रतीक लगाइए। - मानसून के दौरान पवनों की दिशा दिखाइए।

उत्तर:

  • गर्मियों में दक्षिण-पश्चिमी मानसून पवनें समुद्र से भारत की ओर चलती हैं।
  • सर्दियों में उत्तर-पूर्वी मानसून पवनें भारत से समुद्र की ओर चलती हैं।

मानचित्र पर:

  • गर्मियों के लिए तीर दक्षिण-पश्चिम से उत्तर-पूर्व की ओर दिखाएं।
  • सर्दियों के लिए तीर उत्तर-पूर्व से दक्षिण-पश्चिम की ओर दिखाएं।

व्याख्या: मानसून चक्र में पवनों की दिशा ऋतुओं के अनुसार बदलती है, जो वर्षा और जलवायु को प्रभावित करती है।

इस अध्याय में महारत हासिल करें

पूरा सुभाषितानि अध्याय — इंटरैक्टिव नोट्स, चित्र, हल किए गए प्रश्न, पोल्स और मुफ़्त अभ्यास क्विज़ — ConceptScroll ऐप में।

ConceptScroll में खोलें →

ConceptScroll के साथ स्मार्ट पढ़ें

रोज़ाना एनसीईआरटी रील्स, एआई डाउट सॉल्विंग और अध्याय क्विज़ — सब मुफ़्त।

मुफ़्त सीखना शुरू करें
#cbse notes#class 7#ncert#social science

और पढ़ें