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सुभाषितानि | Class 7 Social Science Notes

द्वारा ConceptScroll Team · प्रकाशित 17 जुलाई 2026 · 4 मिनट का पठन

सुभाषितानि | Class 7 Social Science Notes

सुभाषितानि – this guide gives you a concise, exam-ready overview of सुभाषितानि from Class 7 Social Science, written by ConceptScroll editors and reviewed against the latest NCERT textbook.

भारत में जलवायु के प्रकार

भारत की जलवायु अत्यंत विविधतापूर्ण है, जो इसकी भौगोलिक स्थिति, स्थलाकृति और समुद्र से निकटता के कारण होती है। उत्तर में हिमालय पर्वतों में अल्पाइन जलवायु पाई जाती है, जहाँ सर्दियाँ बहुत ठंडी और बर्फीली होती हैं। इसके नीचे के पहाड़ी क्षेत्रों में समशीतोष्ण जलवायु होती है, जहाँ सर्दियाँ कम ठंडी और गर्मियाँ मध्यम होती हैं।

उत्तरी मैदानों में उपोष्ण कटिबंधीय जलवायु है, जिसमें ग्रीष्मकाल अत्यधिक गर्म और शीतकाल ठंडा होता है। पश्चिम में थार मरुस्थल की जलवायु शुष्क और गर्म होती है, जहाँ वर्षा कम होती है। पश्चिमी तटीय क्षेत्रों में उष्णकटिबंधीय आर्द्र जलवायु है, जो मानसून के दौरान भारी वर्षा प्राप्त करती है। मध्य दक्कन पठार की जलवायु अर्ध-शुष्क है, जबकि पूर्वी भारत और दक्षिणी प्रायद्वीप में उष्णकटिबंधीय जलवायु पाई जाती है।

इन जलवायु प्रकारों के कारण भारत में कृषि, वनस्पति, पशुपालन और मानव जीवन के विविध रूप विकसित हुए हैं। जलवायु की यह विविधता भारत की सांस्कृतिक और आर्थिक विविधता में भी परिलक्षित होती है।

📊 Diagram: चित्र 3.11 - उत्तरी मैदानों में जलवायु उपोष्ण कटिबंधीय (सब-ट्रॉपिकल) है, जहाँ ग्रीष्मकाल अत्यधिक गर्म और शीत ऋतु ठंडी होती हैं। यहीं पर भारत का अधिकांश गेहूँ उगाया जाता है।

🧪 Activity: विद्यार्थी अपने क्षेत्र की जलवायु का अध्ययन करें और स्थानीय जलवायु के अनुसार कृषि एवं जीवनशैली पर चर्चा करें।

🔗 Connection: जलवायु के प्रकारों के बाद, जलवायु को प्रभावित करने वाले विभिन्न कारकों की चर्चा की जाएगी।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

1. जलवायु के कारकों का उनके प्रभावों के साथ निम्नलिखित सूची में मिलान कीजिए — | अ | ब | | --- | --- | | (1) अक्षांश | (क) भारत में गर्मी के दौरान नमीयुक्त पवन को लाता है। | | (2) ऊँचाई | (ख) उत्तर एवं दक्षिण में अलग-अलग जलवायु बनाता है। | | (3) समुद्र से निकटता | (ग) ऊँचे स्थानों को अधिक ठंडा रखता है। | | (4) मानसूनी पवन | (घ) तापमान को प्रभावित करता है।

मिलान इस प्रकार होगा: (1) अक्षांश — (ख) उत्तर एवं दक्षिण में अलग-अलग जलवायु बनाता है। (2) ऊँचाई — (ग) ऊँचे स्थानों को अधिक ठंडा रखता है। (3) समुद्र से निकटता — (घ) तापमान को प्रभावित करता है। (4) मानसूनी पवन — (क) भारत में गर्मी के दौरान नमीयुक्त पवन को लाता है।

व्याख्या:

  • अक्षांश के कारण भारत के उत्तर और दक्षिण भागों में जलवायु में भिन्नता आती है।
  • ऊँचाई बढ़ने पर तापमान कम होता है, इसलिए ऊँचे स्थान ठंडे रहते हैं।
  • समुद्र के निकटता से तापमान में स्थिरता आती है, जिससे तापमान प्रभावित होता है।
2. नीचे दिए गए प्रश्नों का उत्तर दीजिए — क) मौसम और जलवायु में क्या अंतर है? ख) समुद्र के निकट स्थित स्थानों का तापमान समुद्र से दूर स्थित स्थानों की तुलना में कम क्यों होता है? ग) भारतीय जलवायु को प्रभावित करने में मानसूनी पवन की क्या भूमिका है? घ) चेन्नई पूरे वर्ष गर्म क्यों रहता है, जबकि लेह ठंडा रहता है?

क) मौसम और जलवायु में अंतर:

  • मौसम अल्पकालिक होता है, जैसे दिन या सप्ताह का तापमान, वर्षा आदि।
  • जलवायु दीर्घकालिक प्रतिरूप होता है, जो दशकों या सदियों तक रहता है।

ख) समुद्र के निकट स्थानों का तापमान कम होता है क्योंकि समुद्र तापमान को स्थिर रखता है। दिन में समुद्र गर्मी सोखता है और रात में छोड़ता है, जिससे तापमान में उतार-चढ़ाव कम होता है।

ग) मानसूनी पवन भारतीय जलवायु को प्रभावित करता है क्योंकि यह गर्मियों में दक्षिण-पश्चिमी मानसून के रूप में नमीयुक्त हवा लेकर आता है, जिससे वर्षा होती है और

3. इस पुस्तक के अंत में दिए गए भारत के मानचित्र को देखिए। लेह, चेन्नई, दिल्ली, पाणजी, इन शहरों की जलवायु को पहचानिए। - क्या यह स्थान समुद्र के समीप हैं, पर्वत पर हैं या रेगिस्तान में हैं? - ये कारक वहाँ की जलवायु को किस प्रकार प्रभावित करते हैं?

लेह: यह पहाड़ों पर स्थित है और ऊँचाई अधिक होने के कारण ठंडी जलवायु है। चेन्नई: यह समुद्र के समीप है, जिससे यहाँ गर्म और नमीयुक्त जलवायु रहती है। दिल्ली: यह मैदान में स्थित है, जहाँ गर्मी और सर्दी दोनों का अनुभव होता है। पाणजी: यह समुद्र के समीप है, जिससे यहाँ नमीयुक्त और समशीतोष्ण जलवायु है।

कारक प्रभाव:

  • समुद्र के समीप होने से तापमान स्थिर रहता है और नमीयुक्त हवा मिलती है।
  • पहाड़ों पर ऊँचाई के कारण तापमान कम होता है और ठंडी जलवायु रहती है।
  • मैदानों में तापमान में अधिक उतार-चढ़ाव होता है।
4. भारत के मानचित्र पर गर्मी और सर्दी के मानसून चक्र को प्रदर्शित कीजिए। - गर्मियों और सर्दियों में पवनें कहाँ चलती हैं, इसके प्रतीक लगाइए। - मानसून के दौरान पवनों की दिशा दिखाइए।

उत्तर:

  • गर्मियों में दक्षिण-पश्चिमी मानसून पवनें समुद्र से भारत की ओर चलती हैं।
  • सर्दियों में उत्तर-पूर्वी मानसून पवनें भारत से समुद्र की ओर चलती हैं।

मानचित्र पर:

  • गर्मियों के लिए तीर दक्षिण-पश्चिम से उत्तर-पूर्व की ओर दिखाएं।
  • सर्दियों के लिए तीर उत्तर-पूर्व से दक्षिण-पश्चिम की ओर दिखाएं।

व्याख्या: मानसून चक्र में पवनों की दिशा ऋतुओं के अनुसार बदलती है, जो वर्षा और जलवायु को प्रभावित करती है।

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