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स्थलरूप एवं जीवन | Class 6 Social Science Notes

द्वारा ConceptScroll Team · प्रकाशित 17 जुलाई 2026 · 2 मिनट का पठन

स्थलरूप एवं जीवन | Class 6 Social Science Notes

स्थलरूप एवं जीवन – this guide gives you a concise, exam-ready overview of स्थलरूप एवं जीवन from Class 6 Social Science, written by ConceptScroll editors and reviewed against the latest NCERT textbook.

परिचय

पृथ्वी की सतह पर विभिन्न प्रकार के स्थलरूप पाए जाते हैं, जो मानव जीवन, संस्कृति और पर्यावरण के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। स्थलरूपों का स्वरूप क्षेत्र-विशेष में भिन्न होता है। उदाहरण के लिए, झारखंड के छोटा नागपुर क्षेत्र से उत्तर प्रदेश के प्रयागराज और फिर उत्तराखंड के अल्मोड़ा तक की यात्रा में तीन प्रमुख स्थलरूप – पर्वत, पठार और मैदान – दिखाई देते हैं। स्थलरूप पृथ्वी की सतह की भौतिक आकृतियाँ होती हैं, जो लाखों वर्षों में धीरे-धीरे बनती हैं। ये स्थलरूप न केवल भौतिक रूप से भिन्न होते हैं, बल्कि इनके पर्यावरण, जलवायु, वनस्पति, जीव-जंतु और मानव जीवनशैली पर भी गहरा प्रभाव पड़ता है। मानव ने इन विभिन्न स्थलरूपों के अनुसार अपने जीवन को ढाला है, लेकिन प्रत्येक स्थलरूप की चुनौतियाँ और अवसर अलग-अलग होते हैं। इस अध्याय में हम इन तीन प्रमुख स्थलरूपों के स्वरूप, पर्यावरण और जीवनशैली का विस्तार से अध्ययन करेंगे।

📊 Diagram: चित्र 3.1 — इस आरेख में तीन स्थलरूप दिए गए हैं — पृष्ठभूमि में पर्वत (इनमें से दो को हिमाच्छादित दिखाया गया है) बाईं ओर एक पठार है और आगे एक मैदान जहाँ पर्वतों से आती हुई नदी दिखाई गई है।

🧪 Activity: कक्षा की गतिविधि के रूप में चार अथवा पाँच विद्यार्थियों के समूह बनाकर विद्यालय के आस-पास के क्षेत्रों का अवलोकन करना और विभिन्न दृश्यभूमि की पहचान करना। साथ ही भारत के किसी क्षेत्र की यात्रा के अनुभव साझा करना।

🔗 Connection: यह परिचय हमें पर्वतों के स्वरूप और उनके पर्यावरण की ओर ले जाता है, जहाँ हम पर्वतों की विशेषताओं और जीवनशैली को विस्तार से समझेंगे।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

निम्नलिखित में से कौन पारभासी वस्तु है?

बटर पेपर

अवधारणा - सोचिए और फिर फेंकिए पहेली ने सूखे पत्तों और अन्य पौधों के हिस्सों को जलाने की प्रथा के निम्नलिखित दुष्प्रभाव बताए (i) जल से मिट्टी का क्षरण होता है। (ii) जलने से हानिकारक गैसें / धुएँ निकलती हैं। (iii) कम लागत पर खाद प्राप्त करने के लिए कीमती कच्चा माल खो जाता है। (iv) अनावश्यक रूप से ऊष्मा उत्पन्न होती है। हमें पौधों को नहीं जलाना चाहिए, इसके सही कारण हैं:

i, ii, iii और iv

अवधारणा - वर्मीकंपोस्टिंग केंचुओं की मदद से खाद तैयार करने की विधि को कहा जाता है?

वर्मीकम्पोस्टिंग

जिन वस्तुओं से होकर प्रकाश पूर्ण रूप से पारित हो सकता है उन्हें __________ के रूप में जाना जाता है।

पारदर्शी (transparent)

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