Chapter 3
Chapter 3 — अध्ययन नोट्स
NCERT-संरेखित · 10 नोट्स · 3 निःशुल्क दिखाए गए
परिचय
व्याख्यापरिचय
पृथ्वी की सतह पर विभिन्न प्रकार के स्थलरूप पाए जाते हैं, जो मानव जीवन, संस्कृति और पर्यावरण के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। स्थलरूपों का स्वरूप क्षेत्र-विशेष में भिन्न होता है। उदाहरण के लिए, झारखंड के छोटा नागपुर क्षेत्र से उत्तर प्रदेश के प्रयागराज और फिर उत्तराखंड के अल्मोड़ा तक की यात्रा में तीन प्रमुख स्थलरूप – पर्वत, पठार और मैदान – दिखाई देते हैं। स्थलरूप पृथ्वी की सतह की भौतिक आकृतियाँ होती हैं, जो लाखों वर्षों में धीरे-धीरे बनती हैं। ये स्थलरूप न केवल भौतिक रूप से भिन्न होते हैं, बल्कि इनके पर्यावरण, जलवायु, वनस्पति, जीव-जंतु और मानव जीवनशैली पर भी गहरा प्रभाव पड़ता है। मानव ने इन विभिन्न स्थलरूपों के अनुसार अपने जीवन को ढाला है, लेकिन प्रत्येक स्थलरूप की चुनौतियाँ और अवसर अलग-अलग होते हैं। इस अध्याय में हम इन तीन प्रमुख स्थलरूपों के स्वरूप, पर्यावरण और जीवनशैली का विस्तार से अध्ययन करेंगे।
- स्थलरूप पृथ्वी की सतह की भौतिक आकृतियाँ हैं।
- मुख्य तीन स्थलरूप हैं: पर्वत, पठार और मैदान।
- स्थलरूपों का स्वरूप क्षेत्र-विशेष में भिन्न होता है।
- प्रत्येक स्थलरूप का पर्यावरण, वनस्पति, जीव-जंतु और मानव जीवनशैली पर प्रभाव होता है।
- मानव ने विभिन्न स्थलरूपों के अनुसार अपने जीवन को अनुकूलित किया है।
- 📌 स्थलरूप: पृथ्वी की सतह की भौतिक आकृतियाँ।
- 📌 पर्वत: आस-पास की भूमि से ऊँचे स्थलरूप।
- 📌 पठार: आस-पास की भूमि से उठी हुई चपटी भूमि।
पर्वत
व्याख्यापर्वत
पर्वत वे स्थलरूप होते हैं जो आस-पास की भूमि से अधिक ऊँचे होते हैं। इनके आधार चौड़े और ढलान खड़ी होती है तथा इनके शिखर संकरे होते हैं। कुछ पर्वत इतने ऊँचे होते हैं कि उनकी चोटियाँ हिम से ढकी रहती हैं। हिमालय पर्वत शृंखला विश्व की सबसे ऊँची पर्वत शृंखला है, जिसमें एवरेस्ट और कंचनजुंगा जैसे शिखर शामिल हैं। पर्वतों की ऊँचाई के कारण वहाँ का तापमान कम होता है और वर्षा का स्वरूप भी अलग होता है। हिमालय जैसे पर्वतों पर शीत ऋतु में हिमपात होता है, जो जल के ठोस रूप में गिरना है। पर्वतों के कम ऊँचाई वाले छोटे और गोलाकार स्थलरूपों को पहाड़ियाँ या हिल कहा जाता है। पर्वतों की प्रकृति और ऊँचाई के कारण यहाँ की जलवायु, वनस्पति और जीव-जंतु भी विशिष्ट होते हैं। पर्वतों से निकलने वाली नदियाँ मैदानों को उपजाऊ बनाती हैं।
- पर्वत आस-पास की भूमि से अधिक ऊँचे होते हैं।
- पर्वतों के आधार चौड़े, ढलान खड़ी और शिखर संकरे होते हैं।
- कुछ पर्वत हिम से ढके होते हैं, जैसे हिमालय।
- कम ऊँचाई वाले पर्वतों को पहाड़ियाँ कहा जाता है।
- पर्वतों से नदियाँ निकलती हैं जो मैदानों को उपजाऊ बनाती हैं।
- 📌 हिमालय: विश्व की सबसे ऊँची पर्वत शृंखला।
- 📌 हिमपात: पर्वतों पर गिरने वाला जल का ठोस रूप।
- 📌 पहाड़ी: कम ऊँचाई वाले छोटे पर्वत।
विश्व के प्रमुख पर्वत
व्याख्याविश्व के प्रमुख पर्वत
विश्व के पर्वतों को पर्वत शृंखलाओं के रूप में वर्गीकृत किया गया है। प्रमुख पर्वत शृंखलाओं में हिमालय (एशिया), आल्प्स (यूरोप) और एंडीज (दक्षिण अमेरिका) शामिल हैं। ये शृंखलाएँ हजारों किलोमीटर तक फैली हुई हैं। विश्व के कुछ प्रमुख पर्वतों में एवरेस्ट, अक
अभ्यास प्रश्न — Chapter 3
NCERT अभ्यास प्रश्न और उत्तर सहित
Q1.अवधारणा - कचरे का निपटान कितने वर्षों तक भराव क्षेत्र पर किसी भी भवन का निर्माण नहीं किया जा सकता?
उत्तर:
लगभग 20 वर्ष
Q2.अवधारणा - कचरे का निपटान कम्पोस्टिंग द्वारा निम्न में से किस पदार्थ को कम हानिकारक पदार्थों में परिवर्तन करना संभव नहीं है?
उत्तर:
प्लास्टिक
Q3.अवधारणा - सोचिए और फिर फेंकिए जहां शहर अथवा नगर के कचरे को एकत्र करके पाटा जाता है, उस स्थान को क्या कहते हैं?
उत्तर:
भराव
Q4.अवधारणा - सोचिए और फिर फेंकिए पहेली ने सूखे पत्तों और अन्य पौधों के हिस्सों को जलाने की प्रथा के निम्नलिखित दुष्प्रभाव बताए (i) जल से मिट्टी का क्षरण होता है। (ii) जलने से हानिकारक गैसें / धुएँ निकलती हैं। (iii) कम लागत पर खाद प्राप्त करने के लिए कीमती कच्चा माल खो जाता है। (iv) अनावश्यक रूप से ऊष्मा उत्पन्न होती है। हमें पौधों को नहीं जलाना चाहिए, इसके सही कारण हैं:
उत्तर:
i, ii, iii और iv
Q5.अवधारणा - कचरे का निपटान रसोई के कचरे को खाद में बदलने के लिए आवश्यक कदम नीचे दिए गए रूप में दिए गए हैं। (i) कचरे को एक गड्ढे में डालें (ii) गड्ढे के निचले हिस्से को रेत से ढक दें (iii) गड्ढे को बोरी या घास से ढँक दें (iv) कीड़े डालें निम्नलिखित में से कौन सा उपरोक्त चरणों का सही क्रम दिखाता है?
उत्तर:
(ii); (i); (iv); (iii)
Q6.अवधारणा - कचरे का निपटान निम्नलिखित में से कौन सी गतिविधियां अपशिष्ट निपटान के संबंध में जिम्मेदार व्यवहार को नहीं दर्शाती हैं?
उत्तर:
निपटान के लिए पॉलीथीन बैग में एकत्र अपशिष्ट।
Q7.अवधारणा - वर्मीकंपोस्टिंग केंचुओं की मदद से खाद तैयार करने की विधि को कहा जाता है?
उत्तर:
वर्मीकम्पोस्टिंग
Q8.अवधारणा - कचरे का निपटान कुछ पदार्थों के विगलित और खाद में परिवर्तित होने की प्रक्रिया को क्या कहते हैं ?
उत्तर:
कम्पोस्टिंग
Samaj Ka Aadhyan: Bharat or uske aage के सभी 14 अध्याय
Social Science · Class 6