अंशपूँजी के लिए लेखांकन | Class 12 Accountancy Notes
द्वारा ConceptScroll Team · प्रकाशित 17 जुलाई 2026 · 2 मिनट का पठन
अंशपूँजी के लिए लेखांकन – this guide gives you a concise, exam-ready overview of अंशपूँजी के लिए लेखांकन from Class 12 Accountancy, written by ConceptScroll editors and reviewed against the latest NCERT textbook.
शेयर पूँजी के प्रकार
शेयर पूँजी को मुख्य रूप से चार प्रकारों में वर्गीकृत किया जाता है: नामित पूँजी (Authorized Capital), जारी पूँजी (Issued Capital), सब्सक्राइब्ड पूँजी (Subscribed Capital), और प्राप्त पूँजी (Paid-up Capital)।
1. नामित पूँजी (Authorized Capital): यह वह अधिकतम पूँजी होती है जिसे कंपनी अपने मेमोरेंडम ऑफ एसोसिएशन में निर्धारित करती है कि कंपनी अधिकतम कितनी पूँजी जुटा सकती है। इसे अधिकृत शेयर पूँजी भी कहा जाता है।
2. जारी पूँजी (Issued Capital): यह वह पूँजी होती है जो कंपनी ने अपने नामित पूँजी में से निवेशकों को शेयर के रूप में जारी की होती है। जारी पूँजी नामित पूँजी से अधिक नहीं हो सकती।
3. सब्सक्राइब्ड पूँजी (Subscribed Capital): यह वह पूँजी होती है जिसके लिए निवेशकों ने शेयर खरीदने के लिए आवेदन किया होता है। सब्सक्राइब्ड पूँजी जारी पूँजी से कम या बराबर हो सकती है।
4. प्राप्त पूँजी (Paid-up Capital): यह वह राशि होती है जो निवेशकों ने कंपनी को अपने शेयरों के बदले में पूरी या आंशिक रूप से भुगतान की होती है। प्राप्त पूँजी सब्सक्राइब्ड पूँजी से कम या बराबर होती है।
इन प्रकारों को समझना अंशपूँजी के लेखांकन में अत्यंत आवश्यक है क्योंकि ये पूँजी के विभिन्न चरणों को दर्शाते हैं और कंपनी की वित्तीय स्थिति का सही आकलन करने में मदद करते हैं।
📊 Diagram: इस खंड में एक चार्ट हो सकता है जो नामित पूँजी से लेकर प्राप्त पूँजी तक के संबंध को दर्शाता है, जैसे कि नामित पूँजी सबसे ऊपर, उसके नीचे जारी पूँजी, फिर सब्सक्राइब्ड पूँजी और अंत में प्राप्त पूँजी।
🧪 Activity: छात्रों को विभिन्न पूँजी प्रकारों के उदाहरण देने और उनके बीच के संबंधों को समझने के लिए एक गतिविधि दी जा सकती है।
🔗 Connection: यह खंड अगले खंड 'शेयर जारी करने की प्रक्रिया' से जुड़ता है, जिसमें शेयर जारी करने के चरणों को विस्तार से समझाया जाएगा।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
किसी गैर-लाभकारी संगठन द्वारा प्राप्त 'प्रवेश शुल्क' की राशि (यदि इसे नियमित रूप से प्राप्त किया जाता है) निम्नलिखित में से किसमें दिखाया जाता है?
आय और व्यय खाते के क्रेडिट (जमा) पक्ष में
शुरुआत में स्टेशनरी (लेखन सामग्री) का स्टॉक (रहतियाँ)) ₹ 2,000 और अंत में ₹ 1,200 था।वर्ष के दौरान स्टेशनरी के लिए भुगतान की गई राशि ₹ 3,000। आय और व्यय खाते में डेबिट (आहरण) की जाने वाली स्टेशनरी (लेखन सामग्री) की मात्रा है:
₹ 3,800
एक विशेष उद्देश्य के लिए प्राप्त दान
अलग खाते में जमा किया जाना चाहिए और बैलेंस शीट (तुलन पत्र) में दिखाया जाना चाहिए।
प्राप्ति और भुगतान खाता आम तौर पर क्या दिखाता है ?
एक डेबिट बैलेंस (आहरण शेष)
इस अध्याय में महारत हासिल करें
पूरा अंशपूँजी के लिए लेखांकन अध्याय — इंटरैक्टिव नोट्स, चित्र, हल किए गए प्रश्न, पोल्स और मुफ़्त अभ्यास क्विज़ — ConceptScroll ऐप में।
ConceptScroll के साथ स्मार्ट पढ़ें
रोज़ाना एनसीईआरटी रील्स, एआई डाउट सॉल्विंग और अध्याय क्विज़ — सब मुफ़्त।
मुफ़्त सीखना शुरू करेंऔर पढ़ें
- रोकड़ प्रवाह विवरण | Class 12 Accountancy Notes
Clear NCERT-aligned notes on रोकड़ प्रवाह विवरण for Class 12 Accountancy.
- रोकड़ प्रवाह विवरण | Class 12 Accountancy Notes
Clear NCERT-aligned notes on रोकड़ प्रवाह विवरण for Class 12 Accountancy.
- रोकड़ प्रवाह विवरण | Class 12 Accountancy Notes
Clear NCERT-aligned notes on रोकड़ प्रवाह विवरण for Class 12 Accountancy.