Chapter 1
Chapter 1 — अध्ययन नोट्स
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अंशपूँजी के लिए लेखांकन का परिचय
व्याख्याअंशपूँजी के लिए लेखांकन का परिचय
अंशपूँजी के लिए लेखांकन का अर्थ है उन सभी लेखांकन प्रक्रियाओं और नियमों का अध्ययन जो अंशपूँजी (Share Capital) से संबंधित होते हैं। अंशपूँजी वह पूँजी होती है जो कंपनी अपने शेयरधारकों से शेयरों के माध्यम से प्राप्त करती है। यह पूँजी कंपनी के स्थायी संसाधन का हिस्सा होती है और कंपनी के संचालन के लिए आवश्यक वित्तीय आधार प्रदान करती है। अंशपूँजी के लेखांकन में मुख्य रूप से शेयरों के जारी करने, शेयरधारकों से प्राप्त राशि, शेयर प्रीमियम, कॉल मनी, और शेयर वापस खरीदने जैसे विषय शामिल होते हैं। इस अध्याय में हम अंशपूँजी के विभिन्न प्रकार, शेयर जारी करने की प्रक्रिया, कॉल मनी, शेयर प्रीमियम और डिस्काउंट, तथा संबंधित लेखांकन प्रविष्टियों को विस्तार से समझेंगे। अंशपूँजी के लेखांकन का उद्देश्य कंपनी के शेयर पूँजी से संबंधित सभी लेन-देन को सही और पारदर्शी तरीके से रिकॉर्ड करना है ताकि कंपनी की वित्तीय स्थिति स्पष्ट रूप से प्रदर्शित हो सके।
- अंशपूँजी वह पूँजी है जो कंपनी अपने शेयरधारकों से प्राप्त करती है।
- लेखांकन प्रक्रियाएँ अंशपूँजी से संबंधित सभी लेन-देन को रिकॉर्ड करती हैं।
- अंशपूँजी कंपनी के स्थायी पूँजी संसाधन का हिस्सा होती है।
- शेयर जारी करना पूँजी जुटाने का मुख्य माध्यम है।
- अंशपूँजी के लेखांकन में शेयर प्रीमियम, कॉल मनी, और शेयर वापस खरीदना शामिल है।
- 📌 अंशपूँजी (Share Capital): कंपनी के शेयरधारकों से प्राप्त पूँजी।
- 📌 शेयरधारक (Shareholder): वह व्यक्ति जो कंपनी के शेयर का मालिक होता है।
- 📌 लेखांकन प्रविष्टि (Accounting Entry): किसी लेन-देन को रिकॉर्ड करने की विधि।
शेयर पूँजी के प्रकार
व्याख्याशेयर पूँजी के प्रकार
शेयर पूँजी को मुख्य रूप से चार प्रकारों में वर्गीकृत किया जाता है: नामित पूँजी (Authorized Capital), जारी पूँजी (Issued Capital), सब्सक्राइब्ड पूँजी (Subscribed Capital), और प्राप्त पूँजी (Paid-up Capital)। 1. नामित पूँजी (Authorized Capital): यह वह अधिकतम पूँजी होती है जिसे कंपनी अपने मेमोरेंडम ऑफ एसोसिएशन में निर्धारित करती है कि कंपनी अधिकतम कितनी पूँजी जुटा सकती है। इसे अधिकृत शेयर पूँजी भी कहा जाता है। 2. जारी पूँजी (Issued Capital): यह वह पूँजी होती है जो कंपनी ने अपने नामित पूँजी में से निवेशकों को शेयर के रूप में जारी की होती है। जारी पूँजी नामित पूँजी से अधिक नहीं हो सकती। 3. सब्सक्राइब्ड पूँजी (Subscribed Capital): यह वह पूँजी होती है जिसके लिए निवेशकों ने शेयर खरीदने के लिए आवेदन किया होता है। सब्सक्राइब्ड पूँजी जारी पूँजी से कम या बराबर हो सकती है। 4. प्राप्त पूँजी (Paid-up Capital): यह वह राशि होती है जो निवेशकों ने कंपनी को अपने शेयरों के बदले में पूरी या आंशिक रूप से भुगतान की होती है। प्राप्त पूँजी सब्सक्राइब्ड पूँजी से कम या बराबर होती है। इन प्रकारों को समझना अंशपूँजी के लेखांकन में अत्यंत आवश्यक है क्योंकि ये पूँजी के विभिन्न चरणों को दर्शाते हैं और कंपनी की वित्तीय स्थिति का सही आकलन करने में मदद करते हैं।
- नामित पूँजी वह अधिकतम पूँजी है जो कंपनी जुटा सकती है।
- जारी पूँजी वह पूँजी है जो कंपनी ने निवेशकों को शेयर के रूप में जारी की है।
- सब्सक्राइब्ड पूँजी वह पूँजी है जिसके लिए निवेशकों ने आवेदन किया है।
- प्राप्त पूँजी वह राशि है जो निवेशकों ने भुगतान की है।
- प्रत्येक प्रकार की पूँजी का लेखांकन में अलग महत्व होता है।
- 📌 नामित पूँजी (Authorized Capital): कंपनी द्वारा अधिकतम जुटाई जा सकने वाली पूँजी।
- 📌 जारी पूँजी (Issued Capital): निवेशकों को जारी किए गए शेयरों की पूँजी।
- 📌 सब्सक्राइब्ड पूँजी (Subscribed Capital): निवेशकों द्वारा खरीदे गए शेयरों की पूँजी।
शेयर जारी करने की प्रक्रिया
व्याख्याशेयर जारी करने की प्रक्रिया
शेयर जारी करना कंपनी के लिए पूँजी जुटाने का मुख्य माध्यम होता है। इस प्रक्रिया में कंपनी अपने नामित पूँजी के अंतर्गत शेयरों को निवेशकों को बेचती है। शेयर जारी करने की प्रक्रिया के मुख्य चरण निम्नलिखित हैं: 1. शेयर जारी करने का निर्णय: कंपनी के बोर्ड
अभ्यास प्रश्न — Chapter 1
NCERT अभ्यास प्रश्न और उत्तर सहित
Q1.एक विशेष उद्देश्य के लिए प्राप्त दान
उत्तर:
अलग खाते में जमा किया जाना चाहिए और बैलेंस शीट (तुलन पत्र) में दिखाया जाना चाहिए।
Q2.आय और व्यय लेखा के लेन-देन का रिकॉर्ड क्या दिखता है ?
उत्तर:
राजस्व प्रकृति केवल
Q3.प्राप्ति और भुगतान खाता आम तौर पर क्या दिखाता है ?
उत्तर:
एक डेबिट बैलेंस (आहरण शेष)
Q4.किसी गैर-लाभकारी संगठन द्वारा प्राप्त 'प्रवेश शुल्क' की राशि (यदि इसे नियमित रूप से प्राप्त किया जाता है) निम्नलिखित में से किसमें दिखाया जाता है?
उत्तर:
आय और व्यय खाते के क्रेडिट (जमा) पक्ष में
Q5.निम्नलिखित में से कौन सा पूँजीगत प्राप्तियों का प्रतिनिधित्व करता है:
उत्तर:
आजीवन सदस्यता चंदा या अभिदान
Q6.किसी गैर-लाभकारी संगठन द्वारा पुरानी खेल सामग्रियों की बिक्री के लिए प्राप्त राशि को निम्नलिखित में से दिखाया गया है?
उत्तर:
आय और व्यय खाते का क्रेडिट (जमा) पक्ष
Q7.चालू वर्ष के दौरान अग्रिम रूप से प्राप्त सदस्यता(चंदाया अभिदान) है:
उत्तर:
एक देयता (दायित्व)
Q8.यदि किसी स्कूल द्वारा भारी राशि का सामान्य दान प्राप्त होता है, तो उस दान को माना जाता है:
उत्तर:
पूँजीगत रसीद (देयता या दायित्व)
Lekhashastra Part-II के सभी 5 अध्याय
Accountancy · Class 12