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खुली अर्थव्यवस्था समष्टि अर्थशास्त्र | Class 12 Economics Notes

द्वारा ConceptScroll Team · प्रकाशित 17 जुलाई 2026 · 3 मिनट का पठन

खुली अर्थव्यवस्था समष्टि अर्थशास्त्र | Class 12 Economics Notes

खुली अर्थव्यवस्था समष्टि अर्थशास्त्र – this guide gives you a concise, exam-ready overview of खुली अर्थव्यवस्था समष्टि अर्थशास्त्र from Class 12 Economics, written by ConceptScroll editors and reviewed against the latest NCERT textbook.

6.1.3 अदायगी-संतुलन और घाटा

अंतर्राष्ट्रीय अदायगी संतुलन का मूल सिद्धांत यह है कि यदि कोई देश अपनी आय से अधिक व्यय करता है, तो उसे अपनी परिसंपत्तियाँ बेचकर या उधार लेकर इस अंतर को पूरा करना पड़ता है। इसका अर्थ है कि चालू खाते में घाटा होने पर देश को पूँजी खाते में अधिक्य या विदेशी मुद्रा भंडार की बिक्री से इसे पूरा करना पड़ता है।

चालू खाता + पूँजी खाता = 0

यदि चालू खाते में घाटा है, तो पूँजी खाते में बराबर का अधिक्य होना चाहिए। यदि पूँजी खाते में अधिक्य नहीं है, तो देश को अपनी विदेशी मुद्रा भंडार का उपयोग करना पड़ता है, जिसे अधिकारिक कोष विक्रय कहा जाता है। अधिकारिक कोषों में कमी या वृद्धि कुल अदायगी-संतुलन घाटा या अधिक्य को दर्शाती है।

अंतर्राष्ट्रीय आर्थिक लेनदेन को स्वायत्त और समायोजित लेनदेन में विभाजित किया जाता है। स्वायत्त लेनदेन वे होते हैं जो अदायगी-संतुलन की स्थिति से स्वतंत्र होते हैं, जैसे लाभ कमाना। समायोजित लेनदेन अदायगी-संतुलन की विषमता को पूरा करने के लिए होते हैं, जैसे आधिकारिक विदेशी मुद्रा भंडार का उपयोग।

अदायगी-संतुलन में त्रुटि और लोप भी होते हैं, क्योंकि सभी लेनदेन को सही तरीके से रिकॉर्ड करना कठिन होता है।

तालिका 6.1 में भारत के अदायगी-संतुलन का उदाहरण दिया गया है, जिसमें व्यापार घाटा और चालू खाते का घाटा है, लेकिन पूँजी खाते का अधिक्य है, जिससे कुल अदायगी-संतुलन संतुलित है।

📊 Diagram: तालिका 6.1 भारत का अदायगी-संतुलन (मिलियन अमेरिकी डॉलरों में) जिसमें निर्यात, आयात, व्यापार संतुलन, अदृश्य मदें, चालू और पूँजी खाते के आंकड़े शामिल हैं।

🔗 Connection: यह खंड विदेशी विनिमय बाजार की व्याख्या की ओर बढ़ता है, जहाँ मुद्रा विनिमय और विनिमय दरों की चर्चा होती है।

Table on page 5 (3×3)

अदायगी-संतुलन घाटाअदायगी संतुलनअदायगी संतुलन अधिक्य
कुल संतुलन < 0कुल संतुलन = 0कुल संतुलन > 0
रक्षित परिवर्तन > 0रक्षित परिवर्तन = 0रक्षित परिवर्तन < 0

Table on page 6 (5×3)

संख्यामदमिलियन अमेरिकी डॉलर
1.निर्यात (केवल वस्तुओं का)150
2.आयात (केवल वस्तुओं का)240
3.व्यापार संतुलन (2-1)-90

| 4. | (निवल) अदृश्य मदें

Table on page 6 (4×3)

(a). गैर-उपदान सेवाएँ30
(b). आय-10
(c). हस्तांतरण32
5.चालू खाते का शेष (3+4)-38

| 6. | चालू खाते का शेष

Table on page 6 (3×3)

(a). बाह्य सहायता (निवल)0.15
(b). बाह्य व्यापारिक ऋण2
(c). अल्पकालीन ऋण10

| | (d). बैंकिंग पूंजी (निवल) जिसमें

Table on page 6 (5×3)

A. प्रत्येक विदेशी निवेश (निवल)13
B. पोर्ट फोलियो (निवल)6
(f). अन्य प्रवाह (निवल)-5
7.त्रुटि एवं लोप-3.15
8.कुल संतुलन0
9.आरक्षियों में परिवर्तन0

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

आर्थिक समस्या उत्पन्न होने का कारण है -

उपरोक्त सभी

आर्थिक एजेंटों से अभिप्राय है-

उपर्युक्त सभी

निम्नलिखित में से कौन-सा एक आदर्शक अर्थशास्त्र है -

भारत में आय का समान वितरण निर्धनता की समस्या को हल करेगा।

निम्नलिखित में से कौन – सा कथन गलत है ?

NNPMP = NNPFC

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