खुली अर्थव्यवस्था समष्टि अर्थशास्त्र | Class 12 Economics Notes
द्वारा ConceptScroll Team · प्रकाशित 17 जुलाई 2026 · 2 मिनट का पठन

खुली अर्थव्यवस्था समष्टि अर्थशास्त्र – this guide gives you a concise, exam-ready overview of खुली अर्थव्यवस्था समष्टि अर्थशास्त्र from Class 12 Economics, written by ConceptScroll editors and reviewed against the latest NCERT textbook.
6.1.1 चालू खाता
चालू खाता वस्तुओं और सेवाओं के व्यापार से संबंधित लेनदेन का विवरण है। इसमें वस्तुओं के निर्यात और आयात, सेवाओं के व्यापार, और अंतरण भुगतान शामिल होते हैं। वस्तुओं के व्यापार में निर्यात क्रेडिट (प्राप्तियाँ) और आयात डेबिट (भुगतान) होते हैं। सेवाओं के व्यापार में उपदान आय (उदाहरण: पूंजी से प्राप्त आय) और गैर-उपदान आय (जैसे बैंकिंग, सॉफ्टवेयर सेवाएँ) शामिल हैं। अंतरण भुगतान वे निशुल्क प्राप्तियाँ हैं जो किसी देश के निवासियों को विदेशों से मिलती हैं, जैसे उपहार, अनुदान और प्रेषित धन।
चालू खाते में संतुलन तब होता है जब प्राप्तियाँ भुगतान के बराबर हों। चालू खाते का अधिक्य मतलब देश को शेष विश्व से धन प्राप्त हो रहा है, जबकि घाटा मतलब देश अन्य देशों का ऋणी है। व्यापार संतुलन (Balance of Trade - BOT) चालू खाते का एक महत्वपूर्ण घटक है, जो वस्तुओं के निर्यात और आयात के मूल्य का अंतर दर्शाता है। यदि निर्यात आयात से अधिक हो तो व्यापार अधिक्य होता है, अन्यथा घाटा।
निवल अदृश्य मदें सेवाओं, हस्तांतरणों और अन्य आम प्रवाहों का अंतर होती हैं। उपदान आय में पूंजी से प्राप्त निवल अंतरराष्ट्रीय आय शामिल होती है, जबकि गैर-उपदान आय सेवा उत्पादों से प्राप्त निवल बिक्री होती है।
विदेशों से वस्तुएँ खरीदना देश का व्यय है और यह घरेलू वस्तुओं की मांग को कम करता है। इसके विपरीत, विदेशों को माल बेचने से देश की आय बढ़ती है और घरेलू मांग में वृद्धि होती है। इस प्रकार, चालू खाते के घटक देश की आर्थिक स्थिति और अंतरराष्ट्रीय व्यापार की दिशा को दर्शाते हैं।
📊 Diagram: चित्र 6.1 चालू खाते के घटक; तालिका चालू खाते के अधिक्य, संतुलन और घाटे को दर्शाती है।
🔗 Connection: यह खंड पूँजी खाते की व्याख्या की ओर बढ़ता है, जहाँ अंतरराष्ट्रीय परिसंपत्तियों के लेनदेन को समझाया गया है।
Table on page 3 (2×3)
| चालू खाते का अधिक्य | संतुलित चालू खाता | चालू खाते का घाटा |
|---|---|---|
| प्राप्तियाँ > भुगतान | प्राप्तियाँ = भुगतान | प्राप्तियाँ < भुगतान |
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
आर्थिक समस्या उत्पन्न होने का कारण है -
उपरोक्त सभी
आर्थिक एजेंटों से अभिप्राय है-
उपर्युक्त सभी
निम्नलिखित में से कौन-सा एक आदर्शक अर्थशास्त्र है -
भारत में आय का समान वितरण निर्धनता की समस्या को हल करेगा।
निम्नलिखित में से कौन – सा कथन गलत है ?
NNPMP = NNPFC
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