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सामाजिक प्रभाव एवं समूह प्रक्रम | Class 12 Psychology Notes

द्वारा ConceptScroll Team · प्रकाशित 17 जुलाई 2026 · 3 मिनट का पठन

सामाजिक प्रभाव एवं समूह प्रक्रम | Class 12 Psychology Notes

सामाजिक प्रभाव एवं समूह प्रक्रम – this guide gives you a concise, exam-ready overview of सामाजिक प्रभाव एवं समूह प्रक्रम from Class 12 Psychology, written by ConceptScroll editors and reviewed against the latest NCERT textbook.

व्यक्ति क्यों समूह में सम्मिलित होते हैं?

व्यक्ति अनेक कारणों से समूहों का हिस्सा बनते हैं क्योंकि विभिन्न समूह उनकी अलग-अलग आवश्यकताओं को पूरा करते हैं। समूहों की सदस्यता से व्यक्ति को सुरक्षा, प्रतिष्ठा, आत्म-सम्मान, सामाजिक एवं मनोवैज्ञानिक आवश्यकताओं की पूर्ति, लक्ष्य प्राप्ति, और ज्ञान प्राप्ति में सहायता मिलती है।

  • सुरक्षा: अकेले होने पर असुरक्षा का अनुभव होता है, समूह सुरक्षा और संरक्षण प्रदान करता है।
  • प्रतिष्ठा या हैसियत: समूह की सदस्यता से व्यक्ति को सम्मान और शक्ति का अनुभव होता है।
  • आत्म-सम्मान: समूह व्यक्ति को सामाजिक पहचान और आत्म-अर्थ प्रदान करता है।
  • मनोवैज्ञानिक एवं सामाजिक आवश्यकताएँ: जैसे प्रेम, आत्मीयता, ध्यान प्राप्ति।
  • लक्ष्य प्राप्ति: समूह के माध्यम से ऐसे लक्ष्य प्राप्त होते हैं जो अकेले संभव नहीं।
  • ज्ञान और सूचना: समूह सदस्यता से जानकारी और दृष्टिकोण का विस्तार होता है।

इस प्रकार समूह व्यक्ति के जीवन में बहुआयामी भूमिका निभाते हैं और व्यक्ति को सामाजिक रूप से सक्रिय बनाते हैं।

🔗 Connection: समूह में सम्मिलित होने के कारणों के बाद हम समूह निर्माण की प्रक्रिया और इसके विभिन्न चरणों को समझेंगे।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

1. औपचारिक एवं अनौपचारिक समूह तथा अंत: एवं बाह्य समूहों की तुलना कीजिए एवं अंतर बताइए।

औपचारिक समूह वे होते हैं जिनका गठन किसी संगठन या संस्था द्वारा निर्धारित नियमों और उद्देश्यों के आधार पर किया जाता है, जैसे विद्यालय का स्टाफ, कार्यालय की टीम आदि। अनौपचारिक समूह स्वाभाविक रूप से बनते हैं, जैसे मित्र समूह, खेल समूह आदि। अंत:समूह वे होते हैं जिनके सदस्य एक-दूसरे के साथ निकट संबंध रखते हैं और समूह की पहचान करते हैं, जबकि बाह्य समूह वे होते हैं जिनके सदस्य समूह के बाहर के लोगों के रूप में देखे जाते हैं। औपचारिक समूहों में नियम और भूमिकाएँ स्पष्ट होती हैं, जबकि अनौपचारिक समूहों में

2. क्या आप किसी समूह के सदस्य हैं? वह क्या है जिसने आपको इस समूह में सम्मिलित होने के लिए अभिप्रेरित किया? इसकी विवेचना कीजिए।

हाँ, मैं किसी समूह का सदस्य हूँ। मुझे इस समूह में सम्मिलित होने के लिए सुरक्षा, आत्म-सम्मान, सामाजिक पहचान, ज्ञान एवं सूचना प्राप्ति, तथा लक्ष्य प्राप्ति की आवश्यकता ने अभिप्रेरित किया। समूह में सम्मिलित होने से मुझे सामाजिक समर्थन मिलता है और मैं अपने उद्देश्यों को बेहतर तरीके से प्राप्त कर पाता हूँ।

3. समूह निर्माण को समझने में टकमैन का अवस्था मॉडल किस प्रकार से सहायक है?

टकमैन का समूह विकास मॉडल पाँच अवस्थाओं में समूह निर्माण की प्रक्रिया को समझाता है: प्रारंभिक अवस्था (Forming), द्वंद्व अवस्था (Storming), सामान्यीकरण अवस्था (Norming), प्रदर्शन अवस्था (Performing), और समाप्ति अवस्था (Adjourning)। यह मॉडल समूह के विकास के चरणों को स्पष्ट करता है और बताता है कि कैसे समूह सदस्य एक-दूसरे के साथ तालमेल बिठाते हैं, संघर्षों को सुलझाते हैं, नियम बनाते हैं और अंततः प्रभावी ढंग से कार्य करते हैं। इस मॉडल से समूह निर्माण की प्रक्रिया को व्यवस्थित रूप से समझा जा सकता है।

4. समूह हमारे व्यवहार को किस प्रकार से प्रभावित करते हैं?

समूह हमारे व्यवहार को कई प्रकार से प्रभावित करते हैं जैसे सामाजिक सुकरीकरण (social facilitation) में समूह की उपस्थिति से व्यक्ति का प्रदर्शन बेहतर होता है। सामाजिक स्वैराचार (social loafing) में व्यक्ति समूह में कम प्रयास करता है। समूह के मानक और अपेक्षाएँ व्यक्ति के व्यवहार को दिशा देते हैं। समूहचिंतन (groupthink) के कारण व्यक्ति आलोचनात्मक सोच छोड़ सकता है। समूह की भूमिकाएँ, हैसियत और परस्पर-निर्भरता भी व्यवहार को प्रभावित करती हैं।

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