केंद्रीय प्रवृत्ति की माप | Class 11 Economics Notes
द्वारा ConceptScroll Team · प्रकाशित 17 जुलाई 2026 · 7 मिनट का पठन

केंद्रीय प्रवृत्ति की माप – this guide gives you a concise, exam-ready overview of केंद्रीय प्रवृत्ति की माप from Class 11 Economics, written by ConceptScroll editors and reviewed against the latest NCERT textbook.
2. समांतर माध्य (Arithmetic Mean)
समांतर माध्य केंद्रीय प्रवृत्ति की मापों में सबसे सामान्य और व्यापक रूप से उपयोग की जाने वाली माप है। इसे औसत भी कहा जाता है। समांतर माध्य किसी आँकड़ों के समूह के सभी मानों का योग लेकर, उसे मानों की संख्या से भाग देकर प्राप्त किया जाता है। उदाहरण के लिए, यदि छह परिवारों की मासिक आय क्रमशः 1600, 1500, 1400, 1525, 1625, और 1630 रुपये है, तो इनका माध्य आय होगा (1600 + 1500 + 1400 + 1525 + 1625 + 1630) ÷ 6 = 1547 रुपये। इसे सामान्यतः X̄ से दर्शाया जाता है। यदि X1, X2, ..., XN प्रेक्षण हैं, तो समांतर माध्य X̄ = (X1 + X2 + ... + XN) ÷ N या ΣX ÷ N होता है। समांतर माध्य की गणना दो प्रकार से की जा सकती है: असमूहित आँकड़ों के लिए प्रत्यक्ष विधि और समूहित आँकड़ों के लिए विभिन्न विधियाँ। प्रत्यक्ष विधि में सभी मानों को जोड़कर कुल संख्या से भाग दिया जाता है। जब आँकड़ों की संख्या अधिक हो या मान बड़े हों, तब कल्पित माध्य विधि का प्रयोग किया जाता है, जिसमें एक मध्य मान को कल्पित माध्य मानकर विचलनों के आधार पर माध्य निकाला जाता है। पद विचलन विधि में विचलनों को समापवर्तक से विभाजित कर गणना सरल की जाती है। समूहित आँकड़ों के लिए भी समांतर माध्य की गणना की जाती है, जिसमें बारंबारता के साथ मानों के गुणनफल का योग बारंबारता के योग से भाग दिया जाता है। भारित समांतर माध्य में विभिन्न मानों को उनके महत्व के अनुसार भार दिया जाता है। समांतर माध्य की दो महत्वपूर्ण विशेषताएँ हैं: (1) माध्य से विचलनों का योग शून्य होता है, (2) चरम मानों से माध्य प्रभावित होता है।
📊 Diagram: Reprint 2026-27; Table on page 4 (12×4); Table on page 5 (6×5)
🧪 Activity: कल्पित माध्य विधि और पद विचलन विधि का प्रयोग करते हुए उदाहरण 3 में दिए गए आँकड़ों के लिए जोत का माध्य आकार ज्ञात करें।
🔗 Connection: अगले खंड में हम मध्यिका की परिभाषा, महत्व और गणना विधि का अध्ययन करेंगे।
Table on page 4 (12×4)
| परिवार | आय (X) | d=X-850 = X-A | d' = (X-850)/10 |
|---|---|---|---|
| क | 850 | 0 | 0 |
| ख | 700 | -150 | -15 |
| ग | 100 | -750 | -75 |
| घ | 750 | -100 | -10 |
| ड | 5000 | +4150 | +415 |
| च | 80 | -770 | -77 |
| छ | 420 | -430 | -43 |
| ज | 2500 | +1650 | +165 |
| झ | 400 | -450 | -45 |
| ञ | 360 | -490 | -49 |
| 11160 | +2660 | +266 |
Table on page 5 (6×5)
| भूखंड का आकार (वर्ग मीटर)(x) | भूखंडों की संख्या (f) | d' = X - 200 | ||
|---|---|---|---|---|
| fX | 100 | fd' | ||
| 100 | 200 | 20000 | -1 | -200 |
| 200 | 50 | 10000 | 0 | 0 |
| 300 | 10 | 3000 | +1 | 10 |
| 260 | 33000 | 0 | -190 |
Table on page 10 (5×4)
| --- | --- | --- | --- |
|---|---|---|---|
| शृंखलाएँ | x(चर के मान) | माध्य | मध्यिका |
| क | 1, 2, 3 | ? | ? |
| ख | 1, 2, 30 | ? | ? |
| ग | 1, 2, 300 | ? | ? |
| घ | 1, 2, 3000 | ? | ? |
Table on page 15 (2×10)
| A | B | C | D | E | F | G | H | I | J |
|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|
| 120 | 150 | 180 | 200 | 250 | 300 | 220 | 350 | 370 | 260 |
Table on page 16 (3×5)
| 100 से कम | 100–200 | 200–300 | 300–400 | 400 तथा उससे अधिक |
|---|---|---|---|---|
| परिवारों की संख्या | ||||
| 40 | 89 | 148 | 64 | 39 |
Table on page 16 (2×7)
| दैनिक आय (रु में) | 10–14 | 15–19 | 20–24 | 25–29 | 30–34 | 35–39 |
|---|---|---|---|---|---|---|
| मजदूरों की संख्या | 5 | 10 | 15 | 20 | 10 | 5 |
Table on page 16 (3×9)
| 50–53 | 53–56 | 56–59 | 59–62 | 62–65 | 65–68 | 68–71 | 71–74 | 74–77 |
|---|---|---|---|---|---|---|---|---|
| खेतों की संख्या | ||||||||
| 3 | 8 | 14 | 30 | 36 | 28 | 16 | 10 | 5 |
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
1. निम्नलिखित स्थितियों में कौन सा औसत उपयुक्त होगा? (क) तैयार वस्त्रों के औसत आकार। (ख) एक कक्षा में छात्रों की औसत बौद्धिक प्रतिभा। (ग) एक कारखाने में प्रति पाली औसत उत्पादन। (घ) एक कारखाने में औसत मजदूरी। (ङ) जब औसत से निरपेक्ष विचलनों का योग न्यूनतम हो। (च) जब चरों की मात्रा अनुपात में हो। (छ) मुक्तांत बारंबारता बटन के मामले में।
उत्तर: (क) बहुलक (Mode) – क्योंकि वस्त्रों के आकार सीमित वर्गों में आते हैं और सबसे अधिक बार आने वाला आकार उपयुक्त औसत होगा। (ख) समांतर माध्य (Arithmetic Mean) – बौद्धिक प्रतिभा जैसे गुणात्मक मापन के लिए समांतर माध्य उपयुक्त है। (ग) समांतर माध्य – उत्पादन की औसत मात्रा ज्ञात करने के लिए। (घ) समांतर माध्य – मजदूरी का औसत निकालने के लिए। (ङ) समांतर माध्य – क्योंकि औसत से निरपेक्ष विचलनों का योग समांतर माध्य पर न्यूनतम होता है। (च) ज्यामितीय माध्य (Geometric Mean) – जब चरों की मात्रा अनुपात में हो।
2. प्रत्येक प्रश्न के सामने दिए गए बहु विकल्पों में से सर्वाधिक उचित विकल्प को चिह्नित करें: (i) गुणात्मक मापन के लिए सर्वाधिक उपयुक्त औसत है: (क) समांतर माध्य (ख) मध्यिका (ग) बहुलक (घ) ज्यामितीय माध्य (ङ) उपर्युक्त में से कोई नहीं (ii) चरम मदों को उपस्थिति से कौन सा औसत सर्वाधिक प्रभावित होता है: (क) मध्यिका (ख) बहुलक (ग) समांतर माध्य (घ) उपरोक्त में से कोई नहीं (iii) समांतर माध्य से मूल्यों के किसी समुच्चय के विचलन का बीजगणितीय योग है- (क) द (ख) 0 (ग) 1 (घ) उपुर्यक्त कोई भी नहीं। [उत्तर (1) (ख) (2) (ग) (3) (ग)]
उत्तर: (i) (ख) मध्यिका (ii) (ग) समांतर माध्य (iii) (ग) 1
व्याख्या: (i) गुणात्मक मापन के लिए मध्यिका सर्वाधिक उपयुक्त होती है क्योंकि यह डेटा को वर्गीकृत करती है। (ii) चरम मदों से समांतर माध्य सबसे अधिक प्रभावित होता है क्योंकि यह सभी मानों का औसत है। (iii) समांतर माध्य से विचलनों का बीजगणितीय योग 1 होता है।
3. बताइए कि निम्नलिखित कथन सही है या गलत- (क) मध्यिका से मदों के विचलनों का योग शून्य होता है। (ख) शृंखलाओं की तुलना के लिए मात्र औसत ही पर्याप्त नहीं है। (ग) समांतर माध्य एक स्थैतिक मूल्य है। (घ) उच्च चतुर्थक शीर्ष 25 प्रतिशत मदों का निम्नतम मान है। (ड) मध्यिका चरम प्रेक्षणों द्वारा अनुचित रूप से प्रभावित होती है। [(क) गलत (ख) सही (ग) गलत (घ) सही (ड) गलत]
उत्तर: (क) गलत – मध्यिका से मदों के विचलनों का योग शून्य नहीं होता। (ख) सही – केवल औसत से शृंखलाओं की तुलना पर्याप्त नहीं होती। (ग) गलत – समांतर माध्य एक स्थैतिक मूल्य नहीं होता। (घ) सही – उच्च चतुर्थक शीर्ष 25 प्रतिशत मदों का निम्नतम मान होता है। (ड) गलत – मध्यिका चरम प्रेक्षणों से प्रभावित नहीं होती।
4. यदि नीचे दिए गए आँकड़ों का समांतर माध्य 28 है, तो (क) लुप्त आवृत्ति का पता करें, और (ख) शृंखला की मध्यिका ज्ञात करें। प्रति खुदरा दुकान लाभ (रु में) 12 18 27 - 17 6 (उत्तर - लुप्त आवृत्ति का मान 20 है और मध्यिका का मान 27.41 रु है)
समाधान: दिए गए डेटा में लुप्त आवृत्ति ज्ञात करनी है ताकि समांतर माध्य 28 हो।
चरण 1: समांतर माध्य का सूत्र:
\( \bar{x} = \frac{\sum f_i x_i}{\sum f_i} \)
चरण 2: ज्ञात आवृत्तियों और मानों से समीकरण बनाएं और लुप्त आवृत्ति x की गणना करें।
चरण 3: मध्यिका निकालने के लिए वर्ग सीमाओं और आवृत्तियों का उपयोग करें।
उत्तर: लुप्त आवृत्ति = 20 मध्यिका = 27.41 रु
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