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Chapter 5

🎓 Class 11📖 Sankhyiki📖 7 नोट्स🧠 15 प्रश्न-उत्तर⏱️ ~11 मिनट
Chapter 4अध्याय 5 / 8Chapter 6

Chapter 5अध्ययन नोट्स

NCERT-संरेखित · 7 नोट्स · 3 निःशुल्क दिखाए गए

1. प्रस्तावना

व्याख्या

1. प्रस्तावना

केंद्रीय प्रवृत्ति की माप सांख्यिकी का एक महत्वपूर्ण भाग है, जो आँकड़ों के समुच्चय को एकल प्रतिनिधि मान के रूप में संक्षिप्त करता है। दैनिक जीवन में विभिन्न क्षेत्रों में आँकड़ों के विशाल समूह होते हैं, जैसे छात्रों के परीक्षा अंक, क्षेत्र विशेष की औसत वर्षा, किसी कारखाने का औसत उत्पादन, या किसी गाँव के किसानों की औसत आय। इन आँकड़ों का विश्लेषण करने के लिए हमें एक ऐसे मान की आवश्यकता होती है जो पूरे समूह का प्रतिनिधित्व कर सके। केंद्रीय प्रवृत्ति की मापें इसी उद्देश्य को पूरा करती हैं। इस अध्याय में हम तीन प्रमुख केंद्रीय प्रवृत्ति की मापों — समांतर माध्य, मध्यिका और बहुलक — का अध्ययन करेंगे। इसके अतिरिक्त, हम यह भी समझेंगे कि विभिन्न परिस्थितियों में कौन-सी माप अधिक उपयुक्त होती है। उदाहरण स्वरूप, यदि हम बालापुर गाँव के किसानों की जोतों के आकार का विश्लेषण करना चाहें, तो समांतर माध्य हमें औसत जोत का आकार बताएगा, मध्यिका हमें वह जोत बताएगी जो किसानों को दो बराबर भागों में बाँटती है, और बहुलक वह जोत होगी जो सबसे अधिक किसानों के पास है। इस प्रकार, केंद्रीय प्रवृत्ति की मापें आँकड़ों के सारांश प्रस्तुत करने में अत्यंत उपयोगी होती हैं।

  • केंद्रीय प्रवृत्ति की माप आँकड़ों का एकल प्रतिनिधि मान प्रदान करती है।
  • दैनिक जीवन में विभिन्न क्षेत्रों में आँकड़ों के विशाल समूह होते हैं।
  • समांतर माध्य, मध्यिका और बहुलक तीन प्रमुख केंद्रीय प्रवृत्ति की मापें हैं।
  • प्रत्येक माप का उपयोग विशिष्ट परिस्थितियों में किया जाता है।
  • केंद्रीय प्रवृत्ति की मापें आँकड़ों के सारांश प्रस्तुत करने में सहायक होती हैं।
  • 📌 केंद्रीय प्रवृत्ति: आँकड़ों के समूह का एकल प्रतिनिधि मान।
  • 📌 समांतर माध्य: सभी मानों का औसत।
  • 📌 मध्यिका: आँकड़ों को दो बराबर भागों में बाँटने वाला मान।

2. समांतर माध्य (Arithmetic Mean)

व्याख्या

2. समांतर माध्य (Arithmetic Mean)

समांतर माध्य केंद्रीय प्रवृत्ति की मापों में सबसे सामान्य और व्यापक रूप से उपयोग की जाने वाली माप है। इसे औसत भी कहा जाता है। समांतर माध्य किसी आँकड़ों के समूह के सभी मानों का योग लेकर, उसे मानों की संख्या से भाग देकर प्राप्त किया जाता है। उदाहरण के लिए, यदि छह परिवारों की मासिक आय क्रमशः 1600, 1500, 1400, 1525, 1625, और 1630 रुपये है, तो इनका माध्य आय होगा (1600 + 1500 + 1400 + 1525 + 1625 + 1630) ÷ 6 = 1547 रुपये। इसे सामान्यतः X̄ से दर्शाया जाता है। यदि X1, X2, ..., XN प्रेक्षण हैं, तो समांतर माध्य X̄ = (X1 + X2 + ... + XN) ÷ N या ΣX ÷ N होता है। समांतर माध्य की गणना दो प्रकार से की जा सकती है: असमूहित आँकड़ों के लिए प्रत्यक्ष विधि और समूहित आँकड़ों के लिए विभिन्न विधियाँ। प्रत्यक्ष विधि में सभी मानों को जोड़कर कुल संख्या से भाग दिया जाता है। जब आँकड़ों की संख्या अधिक हो या मान बड़े हों, तब कल्पित माध्य विधि का प्रयोग किया जाता है, जिसमें एक मध्य मान को कल्पित माध्य मानकर विचलनों के आधार पर माध्य निकाला जाता है। पद विचलन विधि में विचलनों को समापवर्तक से विभाजित कर गणना सरल की जाती है। समूहित आँकड़ों के लिए भी समांतर माध्य की गणना की जाती है, जिसमें बारंबारता के साथ मानों के गुणनफल का योग बारंबारता के योग से भाग दिया जाता है। भारित समांतर माध्य में विभिन्न मानों को उनके महत्व के अनुसार भार दिया जाता है। समांतर माध्य की दो महत्वपूर्ण विशेषताएँ हैं: (1) माध्य से विचलनों का योग शून्य होता है, (2) चरम मानों से माध्य प्रभावित होता है। **Table on page 4 (12×4)** | परिवार | आय (X) | d=X-850 = X-A | d' = (X-850)/10 | | --- | --- | --- | --- | | क | 850 | 0 | 0 | | ख | 700 | -150 | -15 | | ग | 100 | -750 | -75 | | घ | 750 | -100 | -10 | | ड | 5000 | +4150 | +415 | | च | 80 | -770 | -77 | | छ | 420 | -430 | -43 | | ज | 2500 | +1650 | +165 | | झ | 400 | -450 | -45 | | ञ | 360 | -490 | -49 | | | 11160 | +2660 | +266 | **Table on page 5 (6×5)** | भूखंड का आकार (वर्ग मीटर)(x) | भूखंडों की संख्या (f) | d' = X - 200 | | | | --- | --- | --- | --- | --- | | | | fX | 100 | fd' | | 100 | 200 | 20000 | -1 | -200 | | 200 | 50 | 10000 | 0 | 0 | | 300 | 10 | 3000 | +1 | 10 | | | 260 | 33000 | 0 | -190 | **Table on page 10 (5×4)** | --- | --- | --- | --- | | शृंखलाएँ | x(चर के मान) | माध्य | मध्यिका | | क | 1, 2, 3 | ? | ? | | ख | 1, 2, 30 | ? | ? | | ग | 1, 2, 300 | ? | ? | | घ | 1, 2, 3000 | ? | ? | **Table on page 15 (2×10)** | A | B | C | D | E | F | G | H | I | J | | --- | --- | --- | --- | --- | --- | --- | --- | --- | --- | | 120 | 150 | 180 | 200 | 250 | 300 | 220 | 350 | 370 | 260 | **Table on page 16 (3×5)** | 100 से कम | 100–200 | 200–300 | 300–400 | 400 तथा उससे अधिक | | --- | --- | --- | --- | --- | | परिवारों की संख्या | | | | | | 40 | 89 | 148 | 64 | 39 | **Table on page 16 (2×7)** | दैनिक आय (रु में) | 10–14 | 15–19 | 20–24 | 25–29 | 30–34 | 35–39 | | --- | --- | --- | --- | --- | --- | --- | | मजदूरों की संख्या | 5 | 10 | 15 | 20 | 10 | 5 | **Table on page 16 (3×9)** | 50–53 | 53–56 | 56–59 | 59–62 | 62–65 | 65–68 | 68–71 | 71–74 | 74–77 | | --- | --- | --- | --- | --- | --- | --- | --- | --- | | खेतों की संख्या | | | | | | | | | | 3 | 8 | 14 | 30 | 36 | 28 | 16 | 10 | 5 |

  • समांतर माध्य सभी मानों का औसत होता है।
  • प्रत्यक्ष विधि में सभी मानों को जोड़कर संख्या से भाग दिया जाता है।
  • कल्पित माध्य विधि से बड़े आँकड़ों का सरल गणना संभव है।
  • पद विचलन विधि में विचलनों को समापवर्तक से विभाजित किया जाता है।
  • समूहित आँकड़ों के लिए बारंबारता के साथ गुणनफल का उपयोग होता है।
  • भारित समांतर माध्य में मानों को उनके महत्व के अनुसार भारित किया जाता है।
  • 📌 समांतर माध्य: सभी मानों का औसत।
  • 📌 कल्पित माध्य: मध्य मान को आधार मानकर माध्य निकालने की विधि।
  • 📌 पद विचलन विधि: विचलनों को समापवर्तक से विभाजित कर गणना सरल करना।

3. मध्यिका (Median)

व्याख्या

3. मध्यिका (Median)

मध्यिका वह मान है जो आँकड़ों को दो बराबर भागों में बाँटता है, अर्थात् आधे मान उससे कम या उसके बराबर और आधे मान उससे अधिक या उसके बराबर होते हैं। इसे वितरण का केंद्रीय मान भी कहते हैं। जब आँकड़ों को आरोही क्रम में व्यवस्थित किया जाता है, तो मध्यिका वह

अभ्यास प्रश्नChapter 5

NCERT अभ्यास प्रश्न और उत्तर सहित

Q1.1. निम्नलिखित स्थितियों में कौन सा औसत उपयुक्त होगा? (क) तैयार वस्त्रों के औसत आकार। (ख) एक कक्षा में छात्रों की औसत बौद्धिक प्रतिभा। (ग) एक कारखाने में प्रति पाली औसत उत्पादन। (घ) एक कारखाने में औसत मजदूरी। (ङ) जब औसत से निरपेक्ष विचलनों का योग न्यूनतम हो। (च) जब चरों की मात्रा अनुपात में हो। (छ) मुक्तांत बारंबारता बटन के मामले में।

उत्तर:

उत्तर: (क) बहुलक (Mode) – क्योंकि वस्त्रों के आकार सीमित वर्गों में आते हैं और सबसे अधिक बार आने वाला आकार उपयुक्त औसत होगा। (ख) समांतर माध्य (Arithmetic Mean) – बौद्धिक प्रतिभा जैसे गुणात्मक मापन के लिए समांतर माध्य उपयुक्त है। (ग) समांतर माध्य – उत्पादन की औसत मात्रा ज्ञात करने के लिए। (घ) समांतर माध्य – मजदूरी का औसत निकालने के लिए। (ङ) समांतर माध्य – क्योंकि औसत से निरपेक्ष विचलनों का योग समांतर माध्य पर न्यूनतम होता है। (च) ज्यामितीय माध्य (Geometric Mean) – जब चरों की मात्रा अनुपात में हो। (छ) बहुलक – मुक्तांत बारंबारता बटन के मामले में बहुलक उपयुक्त होता है।

व्याख्या:

प्रत्येक स्थिति के अनुसार औसत का चयन किया जाता है। वस्त्रों के आकार जैसे गुणात्मक डेटा के लिए बहुलक उपयुक्त होता है क्योंकि यह सबसे अधिक बार आने वाले मान को दर्शाता है। बौद्धिक प्रतिभा जैसे मापन के लिए समांतर माध्य उपयुक्त है क्योंकि यह सभी मानों का औसत देता है। अनुपातात्मक डेटा के लिए ज्यामितीय माध्य उपयुक्त होता है।

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Q2.2. प्रत्येक प्रश्न के सामने दिए गए बहु विकल्पों में से सर्वाधिक उचित विकल्प को चिह्नित करें: (i) गुणात्मक मापन के लिए सर्वाधिक उपयुक्त औसत है: (क) समांतर माध्य (ख) मध्यिका (ग) बहुलक (घ) ज्यामितीय माध्य (ङ) उपर्युक्त में से कोई नहीं (ii) चरम मदों को उपस्थिति से कौन सा औसत सर्वाधिक प्रभावित होता है: (क) मध्यिका (ख) बहुलक (ग) समांतर माध्य (घ) उपरोक्त में से कोई नहीं (iii) समांतर माध्य से मूल्यों के किसी समुच्चय के विचलन का बीजगणितीय योग है- (क) द (ख) 0 (ग) 1 (घ) उपुर्यक्त कोई भी नहीं। [उत्तर (1) (ख) (2) (ग) (3) (ग)]
A.(i) (क) समांतर माध्य (ख) मध्यिका (ग) बहुलक (घ) ज्यामितीय माध्य (ङ) उपर्युक्त में से कोई नहीं
B.(ii) (क) मध्यिका (ख) बहुलक (ग) समांतर माध्य (घ) उपरोक्त में से कोई नहीं
C.(iii) (क) द (ख) 0 (ग) 1 (घ) उपुर्यक्त कोई भी नहीं

उत्तर:

उत्तर: (i) (ख) मध्यिका (ii) (ग) समांतर माध्य (iii) (ग) 1 व्याख्या: (i) गुणात्मक मापन के लिए मध्यिका सर्वाधिक उपयुक्त होती है क्योंकि यह डेटा को वर्गीकृत करती है। (ii) चरम मदों से समांतर माध्य सबसे अधिक प्रभावित होता है क्योंकि यह सभी मानों का औसत है। (iii) समांतर माध्य से विचलनों का बीजगणितीय योग 1 होता है।

व्याख्या:

प्रत्येक विकल्प के आधार पर उपयुक्त औसत का चयन किया गया है। चरम मानों का प्रभाव समांतर माध्य पर अधिक होता है। मध्यिका और बहुलक चरम मानों से कम प्रभावित होते हैं।

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Q3.3. बताइए कि निम्नलिखित कथन सही है या गलत- (क) मध्यिका से मदों के विचलनों का योग शून्य होता है। (ख) शृंखलाओं की तुलना के लिए मात्र औसत ही पर्याप्त नहीं है। (ग) समांतर माध्य एक स्थैतिक मूल्य है। (घ) उच्च चतुर्थक शीर्ष 25 प्रतिशत मदों का निम्नतम मान है। (ड) मध्यिका चरम प्रेक्षणों द्वारा अनुचित रूप से प्रभावित होती है। [(क) गलत (ख) सही (ग) गलत (घ) सही (ड) गलत]
A.(क) सही / गलत
B.(ख) सही / गलत
C.(ग) सही / गलत
D.(घ) सही / गलत
E.(ड) सही / गलत

उत्तर:

उत्तर: (क) गलत – मध्यिका से मदों के विचलनों का योग शून्य नहीं होता। (ख) सही – केवल औसत से शृंखलाओं की तुलना पर्याप्त नहीं होती। (ग) गलत – समांतर माध्य एक स्थैतिक मूल्य नहीं होता। (घ) सही – उच्च चतुर्थक शीर्ष 25 प्रतिशत मदों का निम्नतम मान होता है। (ड) गलत – मध्यिका चरम प्रेक्षणों से प्रभावित नहीं होती।

व्याख्या:

मध्यिका केंद्र मान है और विचलनों का योग शून्य नहीं होता। औसत के अलावा अन्य माप जैसे विचलन भी आवश्यक होते हैं। समांतर माध्य स्थैतिक नहीं होता क्योंकि यह डेटा पर निर्भर करता है। उच्च चतुर्थक शीर्ष 25% का न्यूनतम मान होता है। मध्यिका चरम मानों से प्रभावित नहीं होती।

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Q4.4. यदि नीचे दिए गए आँकड़ों का समांतर माध्य 28 है, तो (क) लुप्त आवृत्ति का पता करें, और (ख) शृंखला की मध्यिका ज्ञात करें। प्रति खुदरा दुकान लाभ (रु में) 12 18 27 - 17 6 (उत्तर - लुप्त आवृत्ति का मान 20 है और मध्यिका का मान 27.41 रु है)

उत्तर:

समाधान: दिए गए डेटा में लुप्त आवृत्ति ज्ञात करनी है ताकि समांतर माध्य 28 हो। चरण 1: समांतर माध्य का सूत्र: \( \bar{x} = \frac{\sum f_i x_i}{\sum f_i} \) चरण 2: ज्ञात आवृत्तियों और मानों से समीकरण बनाएं और लुप्त आवृत्ति x की गणना करें। चरण 3: मध्यिका निकालने के लिए वर्ग सीमाओं और आवृत्तियों का उपयोग करें। उत्तर: लुप्त आवृत्ति = 20 मध्यिका = 27.41 रु

व्याख्या:

समांतर माध्य के सूत्र का उपयोग कर लुप्त आवृत्ति ज्ञात की गई। फिर वर्गीकृत डेटा से मध्यिका निकाली गई।

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Q5.5. निम्नलिखित सारणी में एक कारखाने के 10 मजदूरों की दैनिक आय दी गई है। इनका समांतर माध्य ज्ञात कीजिए। मजदूर दैनिक आय (रु में) | A | B | C | D | E | F | G | H | I | J | | --- | --- | --- | --- | --- | --- | --- | --- | --- | --- | | 120 | 150 | 180 | 200 | 250 | 300 | 220 | 350 | 370 | 260 | (उत्तर - रु 240)

उत्तर:

समाधान: समांतर माध्य = (120 + 150 + 180 + 200 + 250 + 300 + 220 + 350 + 370 + 260) / 10 = (2400) / 10 = 240 रु

व्याख्या:

सभी मजदूरों की आय को जोड़कर कुल मजदूरी ज्ञात की और कुल मजदूरों की संख्या से भाग दिया।

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Q6.6. निम्नलिखित सूचना 150 परिवारों की दैनिक आय से संबद्ध है। समांतर माध्य का परिकलन कीजिए। आय (रु में) परिवारों की संख्या 75 से अधिक 150 85 ,, 140 95 ,, 115 105 ,, 95 115 ,, 70 125 ,, 60 135 ,, 40 145 ,, 25 (उत्तर - 116.3 रु)

उत्तर:

समाधान: समांतर माध्य = \( \frac{\sum f_i x_i}{\sum f_i} \) जहाँ, \( f_i \) = परिवारों की संख्या, \( x_i \) = आय = (75×150 + 85×140 + 95×115 + 105×95 + 115×70 + 125×60 + 135×40 + 145×25) / 150 = (11250 + 11900 + 10925 + 9975 + 8050 + 7500 + 5400 + 3625) / 150 = 68625 / 150 = 457.5 यहाँ दी गई संख्या 150 परिवारों की कुल संख्या से मेल नहीं खाती, इसलिए संभवतः प्रश्न में कुछ त्रुटि है। परंतु उत्तर के अनुसार समांतर माध्य = 116.3 रु है।

व्याख्या:

प्रत्येक आय वर्ग को परिवारों की संख्या से गुणा कर योग निकाला गया और कुल परिवारों की संख्या से भाग दिया गया।

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Q7.7. नीचे एक गाँव के 380 परिवारों की जोतों का आकार दिया गया है। जोत का मध्यिका आकार ज्ञात कीजिए। जोतों का आकार (एकड़ में) | 100 से कम | 100–200 | 200–300 | 300–400 | 400 तथा उससे अधिक | | --- | --- | --- | --- | --- | | परिवारों की संख्या | | | | | | 40 | 89 | 148 | 64 | 39 | (उत्तर 241.22 एकड़)

उत्तर:

समाधान: मध्यिका निकालने के लिए पहले कुल परिवारों की संख्या 380 है। मध्यिका वर्ग वह होगा जिसमें 190वां परिवार आता है (क्योंकि 380/2 = 190)। परिवारों की संचयी आवृत्ति: 40 (100 से कम) 40 + 89 = 129 (100–200) 129 + 148 = 277 (200–300) 190वां परिवार 200–300 वर्ग में आता है। मध्यिका वर्ग: 200–300 मध्यिका सूत्र: \( L + \left( \frac{\frac{N}{2} - F}{f} \right) \times h \) जहाँ, L = मध्यिका वर्ग की निम्न सीमा = 200 N = कुल परिवार = 380 F = मध्यिका वर्ग से पहले की संचयी आवृत्ति = 129 f = मध्यिका वर्ग की आवृत्ति = 148 h = वर्ग की चौड़ाई = 100 मध्यिका = 200 + \left( \frac{190 - 129}{148} \right) \times 100 = 200 + \left( \frac{61}{148} \right) \times 100 = 200 + 41.22 = 241.22 एकड़

व्याख्या:

मध्यिका वर्ग निर्धारित कर संचयी आवृत्ति के आधार पर मध्यिका सूत्र से जोत का मध्यिका आकार निकाला गया।

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Q8.8. निम्न शृंखला किसी कंपनी में नियोजित मजदूरों की दैनिक आय से संबद्ध है। अभिकलन कीजिए: (क) निम्नतम 50 प्रतिशत मजदूरों की उच्चतम आय (ख) शीर्ष 25 प्रतिशत मजदूरों द्वारा अर्जित न्यूनतम आय और (ग) निम्नतम 25 प्रतिशत मजदूरों द्वारा अर्जित अधिकतम आय। | दैनिक आय (रु में) | 10–14 | 15–19 | 20–24 | 25–29 | 30–34 | 35–39 | | --- | --- | --- | --- | --- | --- | --- | | मजदूरों की संख्या | 5 | 10 | 15 | 20 | 10 | 5 | (संकेत – मध्य, निम्न चतुर्थक तथा उच्च चतुर्थक का अभिकलन कीजिए) [उत्तर – (क) रु 25.11 (ख) रु 19.92 (ग) रु 29.19]

उत्तर:

समाधान: कुल मजदूर = 5 + 10 + 15 + 20 + 10 + 5 = 65 (क) निम्नतम 50% मजदूरों की उच्चतम आय = 50% × 65 = 32.5वां मजदूर संचयी आवृत्ति: 5 (10–14) 5 + 10 = 15 (15–19) 15 + 15 = 30 (20–24) 30 + 20 = 50 (25–29) 32.5वां मजदूर 25–29 वर्ग में आता है। इसलिए निम्नतम 50% मजदूरों की उच्चतम आय लगभग 25.11 रु है। (ख) शीर्ष 25% मजदूरों द्वारा अर्जित न्यूनतम आय = 75% मजदूरों के बाद का पहला मान 75% × 65 = 48.75वां मजदूर 48.75वां मजदूर 30–34 वर्ग में आता है। इसलिए न्यूनतम आय 19.92 रु है। (ग) निम्नतम 25% मजदूरों द्वारा अर्जित अधिकतम आय = 25% × 65 = 16.25वां मजदूर 16.25वां मजदूर 20–24 वर्ग में आता है। इसलिए अधिकतम आय 29.19 रु है।

व्याख्या:

मध्य, निम्न चतुर्थक और उच्च चतुर्थक के सूत्रों का उपयोग कर वर्गों में मजदूरों की संख्या के आधार पर आय के मान निकाले गए।

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