आँकड़ों का प्रस्तुतीकरण | Class 11 Economics Notes
द्वारा ConceptScroll Team · प्रकाशित 17 जुलाई 2026 · 8 मिनट का पठन

आँकड़ों का प्रस्तुतीकरण – this guide gives you a concise, exam-ready overview of आँकड़ों का प्रस्तुतीकरण from Class 11 Economics, written by ConceptScroll editors and reviewed against the latest NCERT textbook.
5. आँकड़ों का आरेखी प्रस्तुतीकरण
आरेखी प्रस्तुतीकरण आँकड़ों को ग्राफ, आरेख या चित्र के रूप में प्रस्तुत करने की विधि है, जो आँकड़ों को समझने में अधिक प्रभावी और सरल बनाती है। यह विधि सारणीबद्ध या पाठ-विषयक प्रस्तुतीकरण की तुलना में अधिक मूर्त और स्पष्ट होती है। आरेखी प्रस्तुतीकरण के कई प्रकार होते हैं, जिनमें ज्यामितीय आरेख (जैसे दंड-आरेख, वृत्त आरेख), बारंबारता आरेख, और अंकगणितीय रेखा चित्र शामिल हैं।
दंड-आरेख में समान चौड़ाई वाले आयताकार दंड होते हैं, जिनकी ऊँचाई आँकड़ों के मान को दर्शाती है। दंड-आरेख सरल, बहु और घटक दंड-आरेख के रूप में बन सकते हैं। सरल दंड-आरेख में प्रत्येक वर्ग के लिए एक दंड होता है। बहु दंड-आरेख में एक से अधिक आँकड़ा समूहों की तुलना की जाती है। घटक दंड-आरेख में दंड को विभिन्न घटकों में विभाजित कर उनके अनुपात दिखाए जाते हैं।
वृत्त आरेख में कुल आँकड़ों को 100% मानकर वृत्त को विभिन्न हिस्सों में बाँटा जाता है, जहाँ प्रत्येक भाग किसी वर्ग के प्रतिशत को दर्शाता है। वृत्त आरेख बनाने के लिए प्रत्येक वर्ग के प्रतिशत को 3.6° से गुणा कर कोण निकाला जाता है।
बारंबारता आरेखों में आयत चित्र, बारंबारता बहुभुज, बारंबारता वक्र और तोरण शामिल हैं। आयत चित्र में वर्ग अंतराल के आधार पर आयत बनाए जाते हैं जिनका क्षेत्रफल बारंबारता के अनुपात में होता है। बारंबारता बहुभुज में आयत चित्र के मध्य बिंदुओं को जोड़कर रेखा बनायी जाती है। बारंबारता वक्र में बहुभुज के बिंदुओं के निकटतम गुजरने वाली वक्र रेखा होती है। तोरण संचयी बारंबारता का आलेख होता है, जो 'से कम' और 'से अधिक' प्रकार के होते हैं।
अंकगणितीय रेखा चित्र (काल-श्रेणी आलेख) में समय को x-अक्ष पर और आँकड़ों को y-अक्ष पर अंकित कर बिंदुओं को जोड़कर रेखा बनायी जाती है, जिससे समय के साथ आँकड़ों के परिवर्तन को समझा जाता है।
📊 Diagram: Figure 4: जिस वर्ग का दंड अधिक लंबा है (जैसे केरल में साक्षरता) वह किसी दूसरे वर्ग (प. बंगाल की साक्षरता) की अपेक्षा विशेषता की अधिक माप दर्शाता है; Table 5: भारत के प्रमुख राज्यों में साक्षरता दर; Figure 5: चित्र 4.1 2011 में भारत के प्रमुख राज्यों की साक्षरता दर (पुरुष) की दिखाता हुआ दंड-आरेख; Figure 6: चित्र 4.2 दंड-आरेख दो जनगणना वर्षों 2001-2011 के दौरान भारत के प्रमुख राज्यों में महिला साक्षरता दर को दिखा रहा है; Table 6: बिहार के एक जिले में 4-6 वर्ष की आयु के बच्चों का लिंग के अनुसार विद्यालय में नामांकन (प्रतिशत); Figure 7: चित्र 4.3 बिहार के एक जिले में प्राथमिक स्तर पर नामांकन (बहुखंड दंड-आरेख); Figure 8: सामान्यतः वृत्त चार्टों को किसी वर्ग विशेष के निरपेक्ष मान के आधार पर नहीं बनाया जाता। यहाँ पर सबसे पहले प्रत्येक वर्ग के मान को वर्गों के कुल मान के प्रतिशत के रूप में व्यक्त किया जाता है। वृत्त आरेख; Figure 9: चित्र 4.4 सन् 2001 में कार्य की स्थिति के अनुसार विभिन्न श्रेणियों के लिए भारत की जनसंख्या का वृत्त आरेख।; Table 7: कार्य-स्थिति के अनुसार भारत की जनसंख्या का वितरण (करोड़ में); Table 8: किसी कस्बे के एक इलाके में दैनिक मज़दूरी का वितरण; Figure 10: चित्र 4.5 एक कस्बे के एक स्थानिक क्षेत्र के 85 दैनिक मजदूरों के वितरण के लिए आयत चित्र।; Figure 11: चित्र 4.6 सारणी 4.9 में दिए गए आँकड़ों के लिए बारंबारता बहुभुज का रेखांकन।; Figure 12: चित्र 4.7 सारणी 4.9 के लिए बारंबारता वक्र; Table 9: गणित में प्राप्त अंकों का बारंबारता वितरण, ‘से कम’ संचयी बारंबारता और ‘से अधिक’ संचयी बारंबारता; Figure 13, 14, 15: आकृति 4.8 (अ) और (ब) सारणी 4.10 के लिए ‘से कम’ और ‘से अधिक’ तोरण।; Figure 16: चित्र 4.9 सारणी 4.11 में दिए गए कालश्रेणी आँकड़ों का अंकगणितीय रेखा चित्र।; Table 10: भारत के निर्यात एवं आयात के मान (100 करोड़ रु में)
🧪 Activity: अपने विद्यालय की प्रत्येक कक्षा में अध्ययन कर रहे छात्रों की संख्या का संग्रह करें और दंड-आरेख बनाएं; चित्र 4.4 के आँकड़ों को दंड-आरेख द्वारा प्रस्तुत करें; तोरण वितरण के विभागकारी मानों की जानकारी दें; बारंबारता बहुभुज और बारंबारता वक्र बनाएं।
🔗 Connection: यह अनुभाग आँकड़ों के सारांश और अभ्यास प्रश्नों की ओर ले जाता है, जो अध्याय के समापन को दर्शाते हैं।
Table on page 7 (21×5)
| भारत के प्रमुख राज्य | 2001 | 2011 | ||
|---|---|---|---|---|
| पुरुष | स्त्री | पुरुष | स्त्री | |
| आंध्र प्रदेश (आ.प्र.) | 70.3 | 50.4 | 75.6 | 59.7 |
| आसाम (आसा.) | 71.3 | 54.6 | 78.8 | 67.3 |
| बिहार (बि.) | 59.7 | 33.1 | 73.4 | 53.3 |
| झारखंड (झार.) | 67.3 | 38.9 | 78.4 | 56.2 |
| गुजरात (गुज.) | 79.7 | 57.8 | 87.2 | 70.7 |
| हरियाणा (हरि.) | 78.5 | 55.7 | 85.3 | 66.8 |
| कर्नाटक (कर्ना.) | 76.1 | 56.9 | 82.9 | 68.1 |
| केरल (के.) | 94.2 | 87.7 | 96.0 | 92.0 |
| मध्य प्रदेश (म.प्र.) | 76.1 | 50.3 | 80.5 | 60.0 |
| छत्तीसगढ़ (छत्त.) | 77.4 | 51.9 | 81.5 | 60.6 |
| महाराष्ट्र (महा.) | 86.0 | 67.0 | 89.8 | 75.5 |
| ओडिशा (ओडी.) | 75.3 | 50.5 | 82.4 | 64.4 |
| पंजाब (पंजा.) | 75.2 | 63.4 | 81.5 | 71.3 |
| राजस्थान (राज.) | 75.7 | 43.9 | 80.5 | 52.7 |
| तमिलनाडु (तमिण) | 82.4 | 64.4 | 86.8 | 73.9 |
| उत्तर प्रदेश (उ.प्र.) | 68.8 | 42.2 | 79.2 | 59.3 |
| उत्तराखंड (उत्त.) | 83.3 | 59.6 | 88.3 | 70.7 |
| पश्चिम बंगाल (प.बं.) | 77.0 | 59.6 | 82.7 | 71.2 |
| भारत | 75.3 | 53.7 | 82.1 | 65.5 |
Table on page 9 (4×3)
| लिंग | नामांकित (प्रतिशत) | गैर नामांकित (प्रतिशत) |
|---|---|---|
| लड़के | 91.5 | 8.5 |
| लड़कियाँ | 58.6 | 41.4 |
| कुल | 78.0 | 22.0 |
Table on page 10 (5×4)
| स्थिति | जनसंख्या | प्रतिशत | कोणीय घटक |
|---|---|---|---|
| सीमांत श्रमिक | 9 | 8.8 | 32° |
| मुख्य श्रमिक | 31 | 30.4 | 109° |
| गैर श्रमिक | 62 | 60.8 | 219° |
| कुल | 102 | 100.0 | 360° |
Table on page 11 (16×2)
| दैनिक मज़दूरी (रु) | मज़दूरों की संख्या (बारंबारता) |
|---|---|
| 45–49 | 2 |
| 50–54 | 3 |
| 55–59 | 5 |
| 60–64 | 3 |
| 65–69 | 6 |
| 70–74 | 7 |
| 75–79 | 12 |
| 80–84 | 13 |
| 85–89 | 9 |
| 90–94 | 7 |
| 95–99 | 6 |
| 100–104 | 4 |
| 105–109 | 2 |
| 110–114 | 3 |
| 115–119 | 3 |
Table on page 14 (9×6)
| सारणी 4.10 ( क ) | सारणी 4.10 ( ख ) | सारणी 4.10 ( ग ) | |||
|---|---|---|---|---|---|
| गणित में प्राप्त अंकों का बारंबारता वितरण | गणित में प्राप्त अंकों का ‘से कम’ संचयी बारंबारता | गणित में प्राप्त अंकों का ‘से अधिक’ संचयी बारंबारता | |||
| अंक | छात्रों की संख्या | अंक | छात्रों की संख्या | अंक | छात्रों की संख्या |
| 0–20 | 6 | 20 से कम | 6 | 0 से अधिक | 64 |
| 20–40 | 5 | 40 से कम | 11 | 20 से अधिक | 58 |
| 40–60 | 33 | 60 से कम | 44 | 40 से अधिक | 53 |
| 60–80 | 14 | 80 से कम | 58 | 60 से अधिक | 20 |
| 80–100 | 6 | 100 से कम | 64 | 80 से अधिक | 6 |
| योग | 64 |
Table on page 16 (22×3)
| वर्ष | निर्यात | आयात |
|---|---|---|
| 1993–94 | 698 | 731 |
| 1994–95 | 827 | 900 |
| 1995–96 | 1064 | 1227 |
| 1996–97 | 1188 | 1389 |
| 1997–98 | 1301 | 1542 |
| 1998–99 | 1398 | 1783 |
| 1999–2000 | 1591 | 2155 |
| 2000–01 | 2036 | 2309 |
| 2001–02 | 2090 | 2452 |
| 2002–03 | 2549 | 2964 |
| 2003–04 | 2934 | 3591 |
| 2004–05 | 3753 | 5011 |
| 2005–06 | 4564 | 6604 |
| 2006–07 | 5718 | 8815 |
| 2007–08 | 6559 | 10123 |
| 2008–09 | 8408 | 13744 |
| 2009–10 | 8455 | 13637 |
| 2010–11 | 11370 | 16835 |
| 2011–12 | 14660 | 23455 |
| 2012–13 | 16343 | 26692 |
| 2013–14 | 19050 | 27154 |
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
निम्नलिखित में से कौन सी एक सतत श्रृंखला के आवृत्ति वितरण की चित्रमय प्रस्तुति है:
ख) आयत चित्र
पाई आरेख का दूसरा नाम है:
ग) प्रतिशत स्तंभ
तालिका परिणाम है:
घ) सारणीकरण
सांख्यिकीय शब्दावली में सीधी रेखाओं द्वारा सम्मिलित वितरण के क्रमिक बिंदुओं का ग्राफ निम्नानुसार है:
घ) आवृत्ति बहुभुज
इस अध्याय में महारत हासिल करें
पूरा आँकड़ों का प्रस्तुतीकरण अध्याय — इंटरैक्टिव नोट्स, चित्र, हल किए गए प्रश्न, पोल्स और मुफ़्त अभ्यास क्विज़ — ConceptScroll ऐप में।
ConceptScroll के साथ स्मार्ट पढ़ें
रोज़ाना एनसीईआरटी रील्स, एआई डाउट सॉल्विंग और अध्याय क्विज़ — सब मुफ़्त।
मुफ़्त सीखना शुरू करेंऔर पढ़ें
- Use of Statistical Tools | Class 11 Economics Notes
Clear NCERT-aligned notes on Use of Statistical Tools for Class 11 Economics.
- Use of Statistical Tools | Class 11 Economics Notes
Clear NCERT-aligned notes on Use of Statistical Tools for Class 11 Economics.
- Use of Statistical Tools | Class 11 Economics Notes
Clear NCERT-aligned notes on Use of Statistical Tools for Class 11 Economics.