Chemistryकक्षा 11ऊष्मागतिकीहिंदी

ऊष्मागतिकी | Class 11 Chemistry Notes

द्वारा ConceptScroll Team · प्रकाशित 17 जुलाई 2026 · 2 मिनट का पठन

ऊष्मागतिकी | Class 11 Chemistry Notes

ऊष्मागतिकी – this guide gives you a concise, exam-ready overview of ऊष्मागतिकी from Class 11 Chemistry, written by ConceptScroll editors and reviewed against the latest NCERT textbook.

5.1.4 आंतरिक ऊर्जा : एक अवस्था-फलन

आंतरिक ऊर्जा (U) किसी ऊष्मागतिकीय निकाय की वह कुल ऊर्जा है, जिसमें उसके अणुओं की गतिज ऊर्जा, आंतरिक ऊर्जा, रासायनिक ऊर्जा, यांत्रिक ऊर्जा आदि सम्मिलित होती है। यह ऊर्जा निकाय की अवस्था का अभिलाक्षणिक फलन है। आंतरिक ऊर्जा में परिवर्तन तब होता है जब निकाय पर कार्य किया जाता है या निकाय ऊष्मा ग्रहण या उत्सर्जित करता है।

रूद्धोष्म प्रक्रम वह होता है जिसमें निकाय और परिवेश के बीच ऊष्मा का आदान-प्रदान नहीं होता। ऐसे प्रक्रम में आंतरिक ऊर्जा में परिवर्तन केवल निकाय पर किए गए कार्य के कारण होता है। उदाहरण के लिए, यदि हम एक थर्मस फ्लास्क में जल को मथकर 1 kJ कार्य करते हैं, तो जल की आंतरिक ऊर्जा में उतना ही परिवर्तन होगा। इसी प्रकार, यदि वैद्युत कार्य द्वारा जल को गर्म किया जाए, तो ताप में समान परिवर्तन होगा, जो आंतरिक ऊर्जा में परिवर्तन को दर्शाता है।

ऊष्मा (q) वह ऊर्जा है जो तापांतर के कारण निकाय और परिवेश के बीच स्थानांतरित होती है। यदि निकाय ऊष्मा ग्रहण करता है तो q धनात्मक होता है, और यदि निकाय ऊष्मा उत्सर्जित करता है तो q ऋणात्मक होता है।

ऊष्मागतिकी का प्रथम नियम ΔU = q + w है, जहाँ ΔU आंतरिक ऊर्जा में परिवर्तन, q ऊष्मा, और w कार्य है। यह नियम ऊर्जा संरक्षण का नियम है, जो कहता है कि ऊर्जा न तो बनाई जा सकती है और न ही नष्ट, केवल एक रूप से दूसरे रूप में परिवर्तित होती है।

इस नियम के अनुसार, यदि कोई निकाय विलगित है (q = 0 और w = 0), तो उसकी आंतरिक ऊर्जा अपरिवर्तनीय रहती है। आंतरिक ऊर्जा का निरपेक्ष मान ज्ञात करना संभव नहीं है, लेकिन इसके परिवर्तन को मापा जा सकता है।

इस प्रकार, आंतरिक ऊर्जा ऊष्मागतिकी का एक मूलभूत अवधारणा है, जो ऊर्जा के विभिन्न रूपांतरणों को समझने में सहायक होती है।

📊 Diagram: चित्र 5.3: एक रूद्धोष्म निकाय, जिसमें परिसीमा से ऊष्मा-विनिमय संभव नहीं है।; चित्र 5.4: एक निकाय, जिसमें परिसीमा के आर-पार ऊष्मा का प्रवाह संभव है।

🧪 Activity: जे.पी. जूल के प्रयोग का वर्णन, जिसमें कार्य द्वारा जल की आंतरिक ऊर्जा में परिवर्तन मापा गया।

🔗 Connection: यह अनुभाग ऊष्मा और कार्य के माध्यम से ऊर्जा परिवर्तन की समझ को गहरा करता है, जो अगले अनुभाग में कार्य की प्रकृति और गणना की चर्चा से जुड़ता है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रश्न . कपूर को वाष्पीकृत करने पर इसकी एन्ट्रॉपी –

(ख) बढती है

प्रश्न. सभी तत्वों की एन्थैल्पी उनकी सन्दर्भ- अवस्था में होती है-

ख) शून्य

प्रश्न . निम्नलिखित में से कौन-सा संबंध सही नहीं है?

(घ) ∆U=Q+R∆T

प्रश्न . आबंध एन्थल्पी किस पर निर्भर करती है-

(घ) उपरोक्त सभी

इस अध्याय में महारत हासिल करें

पूरा ऊष्मागतिकी अध्याय — इंटरैक्टिव नोट्स, चित्र, हल किए गए प्रश्न, पोल्स और मुफ़्त अभ्यास क्विज़ — ConceptScroll ऐप में।

ConceptScroll में खोलें →

ConceptScroll के साथ स्मार्ट पढ़ें

रोज़ाना एनसीईआरटी रील्स, एआई डाउट सॉल्विंग और अध्याय क्विज़ — सब मुफ़्त।

मुफ़्त सीखना शुरू करें
#cbse notes#chemistry#class 11#ncert

और पढ़ें