रसायन विज्ञान की कुछ मूल अवधारणाएँ | Class 11 Chemistry Notes
द्वारा ConceptScroll Team · प्रकाशित 17 जुलाई 2026 · 7 मिनट का पठन

रसायन विज्ञान की कुछ मूल अवधारणाएँ – this guide gives you a concise, exam-ready overview of रसायन विज्ञान की कुछ मूल अवधारणाएँ from Class 11 Chemistry, written by ConceptScroll editors and reviewed against the latest NCERT textbook.
1.3 द्रव्य के गुणधर्म और उनका मापन
द्रव्य के गुणधर्म दो प्रकार के होते हैं – भौतिक गुणधर्म और रासायनिक गुणधर्म। भौतिक गुणधर्म जैसे रंग, गंध, घनत्व, गलनांक, क्वथनांक आदि बिना पदार्थ के संघटन को बदले मापे जा सकते हैं। रासायनिक गुणधर्म जैसे दहनशीलता, अम्लता, क्षारता आदि मापने के लिए रासायनिक परिवर्तन आवश्यक होता है।
मापन के लिए मात्रकों की आवश्यकता होती है। विश्व में मापन की दो प्रमुख पद्धतियाँ थीं – अंग्रेजी पद्धति और मीट्रिक पद्धति। वैज्ञानिकों ने एक सर्वमान्य प्रणाली की आवश्यकता महसूस की और 1960 में SI (सिस्टम इंटरनेशनल) मात्रकों को स्वीकार किया गया। SI प्रणाली में सात आधार मात्रक होते हैं – लंबाई (मीटर), द्रव्यमान (किलोग्राम), समय (सेकंड), विद्युत धारा (एम्पीयर), ऊष्मागतिक ताप (केल्विन), पदार्थ की मात्रा (मोल), और ज्योति-तीव्रता (केन्डेला)।
मापन की यथार्थता और परिशुद्धता महत्वपूर्ण होती है। यथार्थता मापन के वास्तविक मान के निकट होने को कहते हैं, जबकि परिशुद्धता मापन के दो या अधिक मानों के निकट होने को कहते हैं। मापन में अनिश्चितता होती है, जिसे सार्थक अंकों के माध्यम से व्यक्त किया जाता है। सार्थक अंक वे अंक होते हैं जो निश्चित रूप से ज्ञात होते हैं।
मापन में पूर्वलग्नों का उपयोग किया जाता है जैसे कि किलो (10³), मिली (10⁻³), नैनो (10⁻⁹) आदि। द्रव्यमान और भार में अंतर होता है; द्रव्यमान वस्तु में उपस्थित पदार्थ की मात्रा है जबकि भार गुरुत्वाकर्षण बल है। आयतन किसी पदार्थ द्वारा घेरा गया स्थान होता है, जिसका SI मात्रक m³ है। घनत्व द्रव्यमान और आयतन का अनुपात होता है। ताप को मापने के लिए तीन पैमाने होते हैं – सेल्सियस, फारेनहाइट और केल्विन।
📊 Diagram: चित्र 1.6 आयतन को व्यक्त करने के विभिन्न मात्रक; चित्र 1.7 आयतन मापने के विभिन्न उपकरण; चित्र 1.8 ताप के भिन्न-भिन्न पैमानों वाले तापमापी
🔗 Connection: अगले खंड में मापन में अनिश्चितता, वैज्ञानिक संकेतन और सार्थक अंकों की अवधारणा को विस्तार से समझेंगे।
Table on page 7 (9×4)
| आधार भौतिक राशि | राशि के लिए प्रतीक | SI मात्रक का नाम | SI मात्रक का प्रतीक |
|---|---|---|---|
| लंबाई | l | मीटर | m |
| द्रव्यमान | m | किलोग्राम | kg |
| समय | t | सेकंड | s |
| विद्युत्प्रारा | I | एम्पीयर | A |
| ऊष्मागतिक | T | केल्विन | K |
| तापक्रम | |||
| पदार्थ की मात्रा | n | मोल | mol |
| ज्योति-तीव्रता | I_{p} | केन्डेला | cd |
Table on page 7 (7×3)
| लंबाई का मात्रक | मीटर | मीटर, जिसका संकेत m है, लंबाई का SI मात्रक है। इसकी परिभाषा, निर्वात में प्रकाश के चाल c के नियत संख्यात्मक मान को 299792458 लेकर, जिसे ms^{-1} मात्रक में व्यक्त किया जाता है, जहाँ सेकंड को सीजियम आवृत्ति ΔV_{Cs} के पदों में परिभाषित किया जाता है, दी गई है। |
|---|---|---|
| द्रव्यमान का मात्रक | किलोग्राम | किलोग्राम, जिसका संकेत kg है, द्रव्यमान का SI मात्रक है। इसकी परिभाषा, प्लांक नियतांक h का नियत संख्यात्मक मान 6.62607015×10^{-34} लेकर जिसे Js मात्रक में व्यक्त किया जाता है, जो kg m^{2}s^{-1} के समान होता है जहाँ मीटर और सेकंड को c और ΔV_{Cs} के पदों में परिभाषित किया जाता है, दी गई है। |
| समय का मात्रक | सेकंड | सेकंड, जिसका संकेत s है, समय का SI मात्रक है। इसकी परिभाषा, सीजियम आवृत्ति ΔV_{Cs}, जो सीजियम-133 परमाणु की अधुध्ध मूल अवस्था अतिसूक्ष्म संक्रमण आवृत्ति है, का नियत संख्यात्मक मान 9192631770 लेकर जिसे Hz मात्रकों, जो s^{-1} के बराबर होता है, में व्यक्त किया जाता है, दी गई है। |
| विद्युत धारा का मात्रक | एम्पियर | एम्पियर जिसका संकेत A है, विद्युत-धारा का SI मात्रक है। इसकी परिभाषा, मूल आवेश e का नियत संख्यात्मक मान 1.602176634×10^{-19} लेकर, जिसे C मात्रक जो As के बराबर होता है, जहाँ सेकंड को ΔV_{Cs} के पदों में परिभाषित किया जाता है, में व्यक्त किया जाता है, दी जाती है। |
| ऊष्मागतिक ताप का मात्रक | केल्विन | केल्विन जिसका संकेत K है, ऊष्मागतिक ताप का SI मात्रक है। इसकी परिभाषा, बोल्ट्समान नियतांक, k का नियत संख्यात्मक मान 1.380649×10^{-23} लेकर, जिसे JK^{-1} मात्रक में, जो kg m^{2}s^{-2}k^{-1} के बराबर होता है जहाँ किलोग्राम, मीटर और सेकंड को h, c और ΔV_{Cs} के पदों में परिभाषित किया जाता है, व्यक्त किया जाता है, दी गई है। |
| पदार्थ की मात्रा का मात्रक | मोल | मोल (mole) जिसका संकेत मोल (mol) है, पदार्थ की मात्रा का SI मात्रक है। एक मोल में ठीक 6.02214076×10^{23} ही मूलभूत कण होते हैं। सह संख्या, आवोगाद्रो स्थिरांक, N_{a} का नियत संख्यात्मक मान होता है जब उसे mol^{-1} मात्रक में व्यक्त किया जाता है और इसे आवोगाद्रो संख्या कहा जाता है। किसी निकाय के पदार्थ की मात्रा, संकेत n, विशिष्ट मूल कणों की संख्या का आमाप होती है। ये मूल कण एक परमाणु, अणु, आयन, इलेक्ट्रॉन, कोई अन्य कण या कणों का विशिष्ट समूह हो सकते हैं। |
| ज्योति-तीव्रता का मात्रक | केंडेला | केंडेला जिसका संकेत cd है, दी गई दिशा में ज्योति-तीव्रता का SI मात्रक है। इसकी परिभाषा, 540×10^{12} Hz आवृत्ति वाले एकवर्णी विकिरण की दीप्त प्रभाविकता, K_{cd} का नियत संख्यात्मक मान 683 लेकर जब उसे lm·W^{-1} के मात्रकों में व्यक्त किया जाए जो cd·sr·W^{-1} या cd sr kg^{-1} m^{-2}s^{-2} के बराबर होता है। जहाँ किलोग्राम, मीटर और सेकंड को h, c और ΔV_{Cs} के पदों में परिभाषित किया जाता है, दी गई है। |
Table on page 8 (21×3)
| गुणक | पूर्वलग्न | संकेत |
|---|---|---|
| 10^{-24} | योक्टो | y |
| 10^{-21} | जेप्टो | z |
| 10^{-18} | ऐटो | a |
| 10^{-15} | फेम्टो | f |
| 10^{-12} | पिको | p |
| 10^{-9} | नैनो | n |
| 10^{-6} | माइक्रो | μ |
| 10^{-3} | मिली | m |
| 10^{-2} | सेंटी | c |
| 10^{-1} | डेसी | d |
| 10 | डेका | da |
| 10^{2} | हेक्टो | h |
| 10^{3} | किलो | k |
| 10^{6} | मेगा | M |
| 10^{9} | गीगा | G |
| 10^{12} | टेरा | T |
| 10^{15} | पेटा | P |
| 10^{18} | एक्सा | E |
| 10^{21} | जेटा | Z |
| 10^{24} | योटा | Y |
Table on page 24 (3×3)
| % | प्राकृतिक बाहुल्यता | मोलर–द्रव्यमान |
|---|---|---|
| ³⁵Cl | 75.77 | 34.9689 |
| ³⁷Cl | 24.23 | 36.9659 |
Table on page 25 (6×2)
| पूर्व लग्न | गुणांक |
|---|---|
| (i) माइक्रो | 10⁶ |
| (ii) डेका | 10⁹ |
| (iii) मेगा | 10⁻⁶ |
| (iv) गिगा | 10⁻¹⁵ |
| (v) फेम्टो | 10 |
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
प्रश्न 3: यदि पानी का घनत्व 1000 g / m 3 है, तो पानी की मोलरता होगी-
विकल्प 1: 55.56मोल प्रति लिटर
रसायन विज्ञान किसे कहते हैं और इसका मानव जीवन में क्या महत्व है?
रसायन विज्ञान पदार्थों के संघटन, संरचना, गुणधर्म और अभिक्रियाओं का अध्ययन करने वाला विज्ञान है। यह मानव जीवन के विभिन्न क्षेत्रों जैसे औषधि, उद्योग, पर्यावरण संरक्षण आदि में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उदाहरण के लिए, कैंसर की दवाओं का निर्माण रसायन विज्ञान के कारण संभव हुआ है।
चित्र 1.1 में ठोस, द्रव और गैस में कणों की व्यवस्था को दर्शाया गया है। ठोस, द्रव और गैस की कण व्यवस्था में मुख्य अंतर क्या है?
ठोस में कण एक-दूसरे के बहुत पास और क्रमबद्ध होते हैं, द्रव में कण पास-पास होते हैं लेकिन स्वतंत्र रूप से गति कर सकते हैं, जबकि गैस में कण बहुत दूर-दूर होते हैं और स्वतंत्र गति करते हैं।
निम्नलिखित में से कौन-सा SI आधार मात्रक नहीं है?
लीटर
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